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MPTET
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, एडवर्ड थॉर्नडाइक (Edward Thorndike) के 'सम्बन्धात्मक अधिगम सिद्धांत' (Connectionism / Trial and Error Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'प्रभाव का नियम या लॉ ऑफ़ इफ़ेक्ट' (Law of Effect)**—जिसे उस मूलभूत मनोवैज्ञानिक नियम के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अनुसार जिस अनुक्रिया (Response) से प्राणी को संतोष, सुखद परिणाम या पुनर्बलन प्राप्त होता है, उस अनुक्रिया और उद्दीपन (Stimulus) के बीच का संबंध मजबूत हो जाता है, तथा जिस अनुक्रिया से असंतोष या दंड मिलता है, वह संबंध कमजोर हो जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के संतोषजनक अधिगम, संतोषजनक प्रतिपुष्टि (Feedback) और आंतरिक अभिप्रेरण के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?

Detailed Explanation

एडवर्ड थॉर्नडाइक के प्रयास एवं त्रुटि सिद्धांत (Trial and Error Theory) के अंतर्गत 'प्रभाव का नियम' (Law of Effect) यह स्पष्ट करता है कि संतोषजनक परिणाम या पुरस्कार S-R (उद्दीपन-अनुक्रिया) बंध को मजबूत बनाते हैं, जबकि कष्टदायक परिणाम उसे कमजोर करते हैं। कक्षा-कक्षीय शिक्षण में यह नियम इस बात का आधार बनता है कि सकारात्मक प्रतिपुष्टि, प्रोत्साहन और संतोषजनक अनुभव विद्यार्थियों के अधिगम को स्थाई बनाते हैं और उनके संज्ञानात्मक विकास में सहायक होते हैं।
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