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History of India
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विजयनगर साम्राज्य की स्थापना के समय दिल्ली का सुल्तान कौन था?
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✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
1336 में विजयनगर की स्थापना के समय मोहम्मद बिन तुगलक सुल्तान था।
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मुगल प्रशासन में काजी:
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वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान बिहार के विभिन्न क्षेत्रों—विशेष रूप से पटना, दानापुर, आरा, मुजफ्फरपुर और छपरा—में हुई क्रांतिकारी गतिविधियों और उनके नेतृत्व के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पटना में 3 जुलाई 1857 को हुए ऐतिहासिक विद्रोह का नेतृत्व एक स्थानीय पुस्तक विक्रेता और क्रांतिकारी पीर अली खान ने किया था, जिनके नेतृत्व में हुए इस संघर्ष के दौरान अफीम एजेंट डॉ. लायेल मारा गया था।
2. दानापुर छावनी के 7वें, 8वें और 40वें रेजिमेंट के भारतीय सिपाहियों ने 25 जुलाई 1857 को विद्रोह कर दिया था और सोन नदी पार करके सीधे आरा की ओर कूच किया था, जहाँ उन्होंने बाबू वीर कुंवर सिंह की सेना के साथ मिलकर ब्रिटिश सत्ता के खिलाफ एक मजबूत संयुक्त मोर्चा बनाया था।
3. मुजफ्फरपुर और छपरा (सारण) क्षेत्रों में भी विद्रोही सिपाहियों और स्थानीय नागरिकों में भारी असंतोष देखा गया, जहाँ मुजफ्फरपुर में यूरोपीय अधिकारियों पर हमले हुए, जबकि छपरा में ब्रिटिश संचार व्यवस्था और सरकारी भवनों को निशाना बनाया गया।
4. कमिश्नर विलियम टेलर ने बिहार में बढ़ते विद्रोही तेवरों को दबाने के लिए अत्यंत क्रूर दमनकारी नीतियां अपनाई थीं, जिसके तहत उसने पटना के मौलवी अहमदुल्लाह, वारिस अली और पीर अली खान को गिरफ्तार कर तुरंत फांसी पर लटका दिया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मुगलकालीन प्रशासनिक संरचना, सैन्य व्यवस्था और प्रांतीय शासन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जहाँगीर के शासनकाल में मनसबदारी व्यवस्था के अंतर्गत 'दुअस्पा-सिंहअस्पा' (दो-घोड़ा और तीन-घोड़ा) की नई पद-मर्यादा जोड़ी गई, जिसके माध्यम से बिना 'जात' मनसब बढ़ाए सैनिकों की संख्या यानी 'सवार' मनसब को दोगुना किया जा सकता था।
2. शाहजहां के शासनकाल में प्रांतीय प्रशासन के अंतर्गत सूबों की संख्या बढ़कर 20 हो गई थी, तथा इसी समय साम्राज्य की केंद्रीय राजस्व व्यवस्था में 'दहसाला' प्रणाली को पूरी तरह समाप्त कर केवल 'नस्क' या 'कंकूट' पद्धति को अनिवार्य कर दिया गया था।
3. औरंगजेब के शासनकाल में साम्राज्य के प्रांतों (सूबों) की संख्या सबसे अधिक थी, और उसके दक्षिण अभियानों के दौरान मनसबदारों की संख्या में अत्यधिक वृद्धि होने के कारण 'बे-जागीर' (जागीरों की कमी) की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई थी, जिसे 'माहवार' प्रणाली से नियंत्रित करने का प्रयास किया गया।
4. मुगल प्रशासनिक शब्दावली में 'मीर बख्शी' साम्राज्य का सैन्य विभाग और खुफिया विभाग दोनों का संयुक्त रूप से प्रमुख अधिकारी होता था, जो मनसबदारों के घोड़ों को दागने और सैनिकों के हुलिया का रिकॉर्ड रखने के लिए प्रत्यक्ष रूप से उत्तरदायी था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पल्लव राजवंश, चालुक्य राजवंश और वर्धन वंश के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पल्लव शासक नरसिंहवर्मन प्रथम ने वातापी के चालुक्य राजा पुलकेशिन द्वितीय को पराजित किया था और 'वातापिकोण्डा' की उपाधि धारण की थी।
2. बादामी के चालुक्य वंश के प्रसिद्ध शासक पुलकेशिन द्वितीय ने नर्मदा नदी के तट पर हर्षवर्धन को पराजित किया था, जिसका विस्तृत उल्लेख 'ऐहोल प्रशस्ति' में मिलता है।
3. हर्षवर्धन के शासनकाल में चीनी यात्री ह्वेनसांग ने भारत की यात्रा की थी, और उसने पल्लव राजधानी कांची तथा चालुक्य साम्राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था का भी अपनी यात्रा वृत्तांत में वर्णन किया है।
4. कांची के पल्लव वंश के शासनकाल में महाबलीपुरम के प्रसिद्ध शोर मंदिर (Shore Temple) का निर्माण राजा नरसिंहवर्मन प्रथम (महामल्ल) के संरक्षण में हुआ था, जो नागर शैली का सर्वोत्कृष्ट उदाहरण है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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सविनय अवज्ञा आंदोलन, गांधी-इरविन समझौते और गोलमेज सम्मेलनों के घटनाक्रम के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वर्ष 1930 में आयोजित प्रथम गोलमेज सम्मेलन में कांग्रेस ने भाग नहीं लिया था क्योंकि महात्मा गांधी सहित कांग्रेस के शीर्ष नेता सविनय अवज्ञा आंदोलन के कारण जेल में थे, किंतु इस सम्मेलन में मुस्लिम लीग, हिंदू महासभा और दलित वर्ग के प्रतिनिधियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया था।
2. मार्च 1931 में संपन्न गांधी-इरविन समझौते के तहत ब्रिटिश सरकार ने हिंसात्मक गतिविधियों में लिप्त कैदियों को छोड़कर अन्य सभी राजनीतिक बंदियों को तुरंत रिहा करने, सार्वजनिक संपत्ति के नुकसान की भरपाई करने और समुद्र तट के समीप बिना कर दिए नमक बनाने की अनुमति देना स्वीकार किया था।
3. कराची अधिवेशन (1931) में सरदार वल्लभभाई पटेल की अध्यक्षता के दौरान कांग्रेस ने गांधी-इरविन समझौते का अनुमोदन किया तथा इसी अधिवेशन में पहली बार 'मौलिक अधिकार और राष्ट्रीय आर्थिक कार्यक्रम' से संबंधित महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किया गया था।
4. लंदन में आयोजित द्वितीय गोलमेज सम्मेलन में महात्मा गांधी ने कांग्रेस के एकमात्र आधिकारिक प्रतिनिधि के रूप में भाग लिया, किंतु डॉ. बी. आर. अंबेडकर द्वारा दलितों के लिए पृथक निर्वाचन मंडल (Separate Electorates) की मांग पर उत्पन्न तीव्र गतिरोध के कारण यह सम्मेलन बिना किसी ठोस राजनीतिक समझौते के समाप्त हो गया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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