BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

MPTET
3 views

मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'संरक्षण की अवधारणा' (Concept of Conservation)**—जिसे उस तार्किक क्षमता के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत बालक यह समझ जाता है कि किसी वस्तु के भौतिक रूप, आकार या दिखावे में परिवर्तन होने पर भी उसकी मात्रा, आयतन, द्रव्यमान या संख्या अपरिवर्तित रहती है, और यह क्षमता सामान्यतः 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage) में विकसित होती है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के तार्किक चिंतन, विकेंद्रीकरण (Decentration) और संक्रियात्मक गतिकी के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?

Detailed Explanation

जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, 'संरक्षण' (Conservation) की क्षमता मूर्त संक्रियात्मक अवस्था (7 से 11 वर्ष) की एक प्रमुख विशेषता है। इस अवस्था में बालक 'केंद्रीयकरण' (किसी वस्तु के केवल एक आयाम पर ध्यान केंद्रित करने की प्रवृत्ति) से बाहर निकलकर 'विकेंद्रीकरण' (Decentration) और 'प्रतिवर्तीता' (Reversibility - क्रिया को मानसिक रूप से उलट सकने की क्षमता) सीख जाता है। इसके माध्यम से वह समझता है कि बर्तन बदलने पर पानी की मात्रा या मिट्टी के गोले का आकार बदलने पर उसका द्रव्यमान वही रहता है। अतः विकल्प (b) इस अवधारणा के मनोवैज्ञानिक और कक्षा-कक्षीय निहितार्थों को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है।
Share:

Related Questions

→ मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जॉन डीवी (John Dewey) के 'प्रगतिशील शिक्षा' (Progressive Education) और 'करके सीखना' (Learning by Doing) के सिद्धांत के अंतर्गत प्रतिपादित 'चिंतनात्मक चिंतन' (Reflective Thinking) के पाँच चरणों—(1) सुझाव (Suggestion), (2) समस्या (Problem), (3) परिकल्पना (Hypothesis), (4) तर्क (Reasoning), और (5) परिकल्पना का परीक्षण (Testing the Hypothesis)—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के अनुभवात्मक अधिगम (Experiential Learning), लोकतांत्रिक कक्षा संस्कृति, और समस्या-समाधान क्षमताओं के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? → मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धिमत्ता सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय मानसिक क्षमता—**'अंतरा-वैयक्तिक बुद्धिमत्ता' (Intrapersonal Intelligence)**—जिसे स्वयं की भावनाओं, प्रेरणाओं, आंतरिक अवस्थाओं, शक्तियों, सीमाओं और कमजोरियों को गहराई से समझने, उनका सटीक मूल्यांकन करने और तदनुसार अपने व्यवहार को विनियमित व निर्देशित करने की क्षमता के रूप में परिभाषित किया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्व-नियमन (Self-regulation), आत्म-प्रतिबिंबन (Self-reflection) और metacognitive विकास के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? → मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'संरक्षण या कंजर्वेशन' (Conservation)**—जिसे उस तार्किक मानसिक क्षमता के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत बालक यह समझ जाता है कि किसी वस्तु के भौतिक रूप, आकार या विन्यास (Appearance) में परिवर्तन होने पर भी उसकी मात्रा, आयतन, द्रव्यमान या भार में कोई परिवर्तन नहीं होता (जैसे कि एक ही मात्रा के पानी को अलग-अलग आकार के गिलासों में डालने पर भी पानी की मात्रा समान रहना)—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के मूर्त संक्रियात्मक चिंतन (Concrete Operational Thinking), तार्किक विकेंद्रीकरण (Decentration) और reversibility के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? → मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, एडवर्ड टॉलमैन (Edward Tolman) के 'चिह्न-नक्शा अधिगम सिद्धांत' (Sign-Gestalt / Latent Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'सुप्त या गुप्त अधिगम' (Latent Learning)**—जिसे उस मनोवैज्ञानिक घटना के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत अधिगम आंतरिक रूप से घटित होता है और मानसिक मानचित्र (Cognitive Map) के रूप में मस्तिष्क में संचित रहता है, भले ही उस समय किसी प्रकार का बाह्य सुदृढ़ीकरण या पुरस्कार (Reinforcement/Reward) प्रदान न किया जा रहा हो, और वह अधिगम तब स्पष्ट रूप से बाहर प्रकट (Performance) होता है जब कोई उपयुक्त प्रोत्साहन या आवश्यकता उत्पन्न होती है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के आंतरिक ज्ञान संचयन, संज्ञानात्मक मानचित्रण और अनायास बोध के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? → मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) के 'नैतिक विकास के सिद्धांत' (Theory of Moral Development) के अंतर्गत प्रतिपादित 'सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार' (Social Contract and Individual Rights - स्तर 3, चरण 5) की अवधारणा—जिसके तहत व्यक्ति यह मानता है कि नियम और कानून लचीले सामाजिक अनुबंध हैं जिन्हें समाज की भलाई और व्यक्तिगत अधिकारों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक रूप से बदला जा सकता है, न कि वे समाज द्वारा थोपे गए कोई कठोर और अपरिवर्तनीय आदेश हैं—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के लोकतांत्रिक मूल्यों, आलोचनात्मक न्यायबोध और नैतिक तार्किकता के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.