MPTET
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) के 'संज्ञानात्मक विकास और खोजपूर्ण अधिगम सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development and Discovery Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'पाखबंदी या मचान (स्कैफोल्डिंग)' (Scaffolding)**—जिसे उस अस्थायी अनुदेशात्मक समर्थन (Temporary Instructional Support) के रूप में परिभाषित किया जाता है जो एक अधिक ज्ञानी अन्य व्यक्ति (More Knowledgeable Other) द्वारा शिक्षार्थी को उसकी वर्तमान क्षमता से परे ले जाने और स्वतंत्र रूप से कार्य निष्पादित करने में सक्षम बनाने के लिए प्रदान किया जाता है और जैसे-जैसे छात्र में दक्षता बढ़ती जाती है, इस समर्थन को धीरे-धीरे हटा लिया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्वतंत्रता विकास, उच्च-स्तरीय संज्ञानात्मक प्रसंस्करण और प्रभावी समस्या-समाधान के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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Detailed Explanation
जेरोम ब्रूनर (हालाँकि 'स्कैफोल्डिंग' शब्द को बाद में लेव वाइगोत्स्की के सिद्धांत के संदर्भ में वुड, ब्रूनर और रॉस द्वारा 1976 में प्रतिपादित किया गया था) के अनुसार, 'स्कैफोल्डिंग' उस अस्थायी और संवादात्मक समर्थन को संदर्भित करता है जो शिक्षक या अधिक सक्षम साथी द्वारा शिक्षार्थी को प्रदान किया जाता है। विकल्प (b) सबसे प्रामाणिक मनोवैज्ञानिक कथन है क्योंकि यह इस बात पर जोर देता है कि जैसे-जैसे शिक्षार्थी स्वतंत्र रूप से कार्य करने में सक्षम होता जाता है, इस समर्थन को धीरे-धीरे वापस (Fade out) ले लिया जाता है, जिससे उसकी स्वायत्तता और संज्ञानात्मक विकास को बढ़ावा मिलता है। अन्य विकल्प इस अवधारणा के वैज्ञानिक और शैक्षणिक निहितार्थों की गलत व्याख्या करते हैं।
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