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MPTET
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, अल्बर्ट बंडूरा (Albert Bandura) के 'सामाजिक अधिगम सिद्धांत' (Social Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'आत्म-प्रभावकारिता' (Self-Efficacy)**—जिसे उस व्यक्ति की अपनी क्षमताओं में उस आंतरिक विश्वास के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके माध्यम से वह किसी विशिष्ट परिस्थिति या चुनौतीपूर्ण कार्य को सफलतापूर्वक निष्पादित करने और अपने निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए आवश्यक क्रियाओं को नियोजित और निष्पादित कर सकता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के प्रेरणा स्तर, दृढ़ता, चुनौतियों से निपटने की क्षमता और शैक्षणिक सफलता के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) के बाल विकास और पेडागोजी खंड के दृष्टिकोण से अल्बर्ट बंडूरा के 'सामाजिक अधिगम सिद्धांत' (Social Learning Theory) में 'आत्म-प्रभावकारिता' (Self-Efficacy) एक अत्यंत महत्वपूर्ण संप्रत्यय है। बंडूरा के अनुसार, आत्म-प्रभावकारिता व्यक्ति का अपनी क्षमताओं पर वह विश्वास है जो उसके व्यवहार, प्रेरणा और भावनात्मक प्रतिक्रियाओं को सीधे तौर पर नियंत्रित करता है। विकल्प (c) वैज्ञानिक और मनोवैज्ञानिक रूप से पूरी तरह सही है क्योंकि जिन विद्यार्थियों में उच्च आत्म-प्रभावकारिता होती है, वे कठिन लक्ष्यों को निर्धारित करते हैं, बाधाओं आने पर उच्च दृढ़ता (Perseverance) दिखाते हैं, और अपनी असफलताओं को अनुवांशिक कमियों के रूप में न देखकर ऐसी परिवर्तनीय रणनीतियों के रूप में देखते हैं जिन्हें सुधारा जा सकता है। इसके विपरीत, विकल्प (a), (b) और (d) बंडूरा के सामाजिक-संज्ञानात्मक सिद्धांत और बाल मनोविज्ञान के वैज्ञानिक निष्कर्षों के पूर्णतः विपरीत हैं।
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, सिगमंड फ्रायड (Sigmund Freud) के 'मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत' (Psychoanalytic Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'रक्षा तंत्र या रक्षा युक्तियाँ' (Defense Mechanisms)**—जिसे उस अचेतन मनोवैज्ञानिक रणनीतियों (Unconscious Psychological Strategies) के रूप में परिभाषित किया जाता है जिनका उपयोग अहंकार (Ego) द्वारा इड (Id) की आवेգिक इच्छाओं और सुपरइगो (Superego) की नैतिक पाबंदियों के बीच उत्पन्न होने वाली चिंता (Anxiety) और आंतरिक संघर्ष से स्वयं को बचाने के लिए किया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के संवेगात्मक समायोजन, तनाव प्रबंधन और मानसिक स्वास्थ्य के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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