त्वरित लिंक्स
MPTET
4 views
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, बी. एफ. स्किनर (B. F. Skinner) के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'आंशिक पुनर्बलन या पार्शियल रिइंफोर्समेंट' (Partial / Intermittent Reinforcement)**—जिसे उस अधिगम प्रक्रिया के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत किसी वांछित व्यवहार या अनुक्रिया के बाद हर बार (Continuous) के बजाय केवल कुछ चुनिंदा या अनिश्चित अवसरों पर ही पुनर्बलन (जैसे पुरस्कार या प्रशंसा) प्रदान किया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्थायी ज्ञान निर्माण, प्रेरणा के दीर्घकालिक स्थायित्व और विलोपन (Extinction) के प्रतिरोध के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) के बाल विकास और शिक्षण शास्त्र के दृष्टिकोण से बी. एफ. स्किनर का 'आंशिक या अंतराली पुनर्बलन' (Partial / Intermittent Reinforcement) अधिगम मनोविज्ञान का एक अत्यंत महत्वपूर्ण संप्रत्यय है। स्किनर के प्रयोगों से यह सिद्ध हुआ है कि जब किसी वांछित व्यवहार को हर बार के स्थान पर कभी-कभार (आंशिक रूप से) पुनर्बलित किया जाता है, तो वह व्यवहार 'विलोपन के प्रति अत्यधिक प्रतिरोध' (Resistance to Extinction) विकसित कर लेता है। इसका अर्थ यह है कि विद्यार्थी पुरस्कार या प्रशंसा न मिलने पर भी उस सकारात्मक व्यवहार को लंबे समय तक जारी रखते हैं। कक्षा-कक्षीय शिक्षण में यह विद्यार्थियों के भीतर स्व-प्रेरणा (Self-Motivation) और दीर्घकालिक अनुशासन के निर्माण के लिए एक अत्यंत प्रभावी वैज्ञानिक रणनीति है। अतः विकल्प (b) सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य कथन है।
Related Questions
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के 'सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत' (Socio-Cultural Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD)**—जिसे उस अंतर या दूरी के रूप में परिभाषित किया जाता है जो किसी बालक के वर्तमान विकासात्मक स्तर (जो वह स्वतंत्र रूप से स्वतंत्र समस्या-समाधान द्वारा निर्धारित होता है) तथा उसके संभावित विकासात्मक स्तर (जो वयस्क मार्गदर्शन या अधिक सक्षम साथियों के सहयोग से प्राप्त किया जा सकता है) के बीच मौजूद होती है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के पाटन (Scaffolding), सहयोगात्मक अधिगम और संज्ञानात्मक विस्तार के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, कार्ल रोजर्स (Carl Rogers) के 'मानववादी अधिगम सिद्धांत' (Humanistic Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'सुविधाप्रदाता के रूप में शिक्षक' (Teacher as a Facilitator)**—जिसे उस लोकतांत्रिक और सह-अधिगमकर्ता (Co-learner) की भूमिका के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत शिक्षक विद्यार्थियों पर ज्ञान थोपने के बजाय एक सुरक्षित, सहानुभूतिपूर्ण (Empathic), गैर-निर्णयात्मक (Non-judgmental) और स्वतंत्रता-युक्त वातावरण का निर्माण करता है, ताकि शिक्षार्थी अपनी आंतरिक प्रेरणा और 'स्व' (Self) के वास्तविक विकास के साथ स्व-निर्देशित (Self-directed) अधिगम को प्राप्त कर सकें—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के भावनात्मक विकास, आत्म-स्वीकृति और सार्थक आनुभविक अधिगम के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'विकेंद्रण या डीसेंट्रेशन' (Decentration)**—जिसे उस उन्नत संज्ञानात्मक क्षमता के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत बालक किसी वस्तु या परिस्थिति के केवल एक ही पहलू, आयाम या विशेषता पर अपना ध्यान केंद्रित करने (केंद्रण/Centration) के बजाय उसके एकाधिक पहलुओं या आयामों को एक साथ देखने, समझने और मानसिक रूप से समन्वित करने में सक्षम हो जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के बहुआयामी दृष्टिकोण, तार्किक संरक्षण (Conservation) और संज्ञानात्मक लचीलेपन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) के 'नैतिक विकास के सिद्धांत' (Theory of Moral Development) के अंतर्गत प्रतिपादित 'उत्तर-रूढ़िगत नैतिकता' (Post-Conventional Morality) के चरम चरण—अर्थात 'सार्वभौमिक नैतिक अंतःकरण अभिविन्यास' (Universal Ethical Principle Orientation)—की अवधारणा, जिसके तहत व्यक्ति किसी सामाजिक नियम या कानून के अंधे अनुपालन के बजाय अपने स्वयं के अंतःकरण, सार्वभौमिक मानवाधिकारों, न्याय, समानता और मानवीय गरिमा के आंतरिक रूप से चयनित स्व-निर्धारित नैतिक सिद्धांतों के आधार पर सही और गलत का निर्णय करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के उच्च-स्तरीय आलोचनात्मक नैतिक चिंतन, लोकतांत्रिक मूल्यों और स्वायत्त निर्णय-निर्माण के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, नॉर्मन क्राउडर (Norman Crowder) द्वारा प्रतिपादित 'शाखित प्रोग्राम्ड अनुदेशन' (Branching Programmed Instruction) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'नैदानिक उपचारात्मक शाखा' (Remedial Branching)**—जिसे उस उन्नत अनुदेशात्मक तकनीक के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत मुख्य शिक्षण पथ से असफल होने या गलत उत्तर चुनने वाले छात्र को एक विशेष उपचारात्मक अनुक्रम (Remedial Sequence) या उप-शाखा की ओर मोड़ दिया जाता है ताकि वह मुख्य पाठ पर लौटने से पहले अपनी विशिष्ट भ्रांतियों (Misconceptions) और अधिगम अंतरालों को स्वतंत्र रूप से दूर कर सके—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के व्यक्तिगत विभिन्नताओं के अनुकूलन, सुधारात्मक पृष्ठपोषण (Feedback) और स्वायत्त अधिगम (Autonomous Learning) के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.