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History of India
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लोदी कालीन मकबरों की मुख्य विशेषता क्या थी?

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अष्टकोणीय योजना लोदी शैली की बड़ी पहचान थी।
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ब्रिटिश भारत में लागू की गई विभिन्न भू-राजस्व प्रणालियों (स्थाई बंदोबस्त, रयतवारी और महालवारी) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. स्थाई बंदोबस्त (Permanent Settlement) के तहत जमींदारों को भूमि का स्थाई स्वामी बना दिया गया और सरकार के लिए राजस्व की मांग को हमेशा के लिए निश्चित कर दिया गया, जिसके कारण कंपनी की आय तो स्थिर हो गई, किंतु कृषि प्रसार और किसानों के कल्याण की दिशा में जमींदारों ने कोई निवेश नहीं किया। 2. थॉमस मुनरो और कैप्टन रीड द्वारा मुख्य रूप से मद्रास और बंबई प्रेसीडेंसी में लागू की गई 'रयतवारी व्यवस्था' में सरकार और रयत (किसान) के बीच सीधा अनुबंध होता था, जिसमें राजस्व निर्धारण भूमि की उर्वरता के आधार पर 30 वर्षों के लिए निश्चित किया जाता था और लगान न चुकाने पर किसानों को भूमि से बेदखल करने का अधिकार सरकार के पास था। 3. हॉल्ट मैकेंज़ी द्वारा परिकल्पित और विलियम बेंटिक के कार्यकाल में उत्तर-पश्चिम प्रांत, मध्य भारत और पंजाब के कुछ हिस्सों में लागू 'महालवारी व्यवस्था' में व्यक्तिगत किसानों के साथ कर अनुबंध किया जाता था, और पूरे गाँव या महाल के राजस्व संग्रह की व्यक्तिगत जिम्मेदारी गाँव के मुखिया या लंबरदार की होती थी। 4. इन तीनों प्रणालियों के परिणामस्वरूप पारंपरिक ग्रामीण अर्थव्यवस्था का विघटन हुआ, कृषि का अत्यधिक वाणिज्यीकरण हुआ और ग्रामीण जनता बुरी तरह कर्ज के जाल में फंस गई, जिससे महाजनों और साहूकारों का प्रभाव अत्यधिक बढ़ गया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? माउंटबेटन योजना (3 जून 1947) और भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम, 1947 के प्रावधानों तथा उससे जुड़े घटनाक्रमों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. माउंटबेटन योजना के तहत बंगाल और पंजाब की प्रांतीय विधानसभाओं की बैठकों में मुस्लिम बहुसंख्यक जिलों और हिंदू बहुसंख्यक जिलों के सदस्यों को अपने-अपने प्रांतों के विभाजन के पक्ष या विपक्ष में मतदान करने का प्रावधान किया गया था, जिसके परिणामस्वरूप दोनों प्रांतों का विभाजन हुआ। 2. भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम, 1947 के द्वारा 15 अगस्त 1947 को भारत और पाकिस्तान नामक दो स्वतंत्र डोमीनियन की स्थापना का प्रावधान किया गया तथा दोनों नए डोमीनियनों के लिए गवर्नर-जनरल की नियुक्ति का अधिकार ब्रिटिश सम्राट को दिया गया, जिसके तहत लॉर्ड माउंटबेटन को दोनों देशों का संयुक्त रूप से प्रथम गवर्नर-जनरल बनाया गया। 3. उत्तर-पश्चिम सीमा प्रांत (NWFP) में भारत या पाकिस्तान में से किसी एक को चुनने का निर्णय करने के लिए एक जनमत संग्रह (Referendum) आयोजित किया गया था, जिसमें खान अब्दुल गफ्फार खान और उनकी 'खुदाई खिदमतगार' पार्टी ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और पाकिस्तान में शामिल होने के पक्ष में मतदान किया। 4. सिलहट (असम) के जनमत संग्रह में पाकिस्तान के पक्ष में मतदान होने के कारण सिलहट के अधिकांश भू-भाग को तत्कालीन पूर्वी बंगाल (पाकिस्तान) में शामिल कर लिया गया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? सल्तनत काल में सिंचाई हेतु "नहरों का सबसे बड़ा जाल" बिछाने का श्रेय किसे जाता है? प्राचीन भारतीय इतिहास के संदर्भ में वर्धन राजवंश और दक्षिण भारत के राजवंशों (चोल, पल्लव, चालुक्य) की राजनीतिक, प्रशासनिक तथा सांस्कृतिक प्रवृत्तियों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. हर्षवर्धन के शासनकाल में कन्नौज की सभा और प्रयाग की महामोक्षपरिषद का प्रमुख उद्देश्य महायान बौद्ध धर्म के प्रचार के साथ-साथ विभिन्न संप्रदायों के बीच दार्शनिक समन्वय स्थापित करना था, और इसी काल में चीनी यात्री ह्वेनसांग ने भारत की यात्रा की थी। 2. बादामी (वातापी) के चालुक्य वंश के सबसे प्रतापी शासक पुलकेशिन द्वितीय ने नर्मदा नदी के तट पर हर्षवर्धन को पराजित किया था, जिसका सजीव और ऐतिहासिक विवरण एहोले प्रशस्ति में मिलता है जिसकी रचना उसके दरबारी कवि रविकीर्ति ने की थी। 3. पल्लव राजा नरसिंहवर्मन प्रथम (महामल्ल) ने वातापी पर अधिकार कर लिया था और 'वातापीकोंड' की उपाधि धारण की थी, तथा महाबलीपुरम में प्रसिद्ध रथ मंदिरों (सप्त पगोडा) का निर्माण कार्य उसी के काल में प्रारंभ हुआ था। 4. राजराज प्रथम और राजेंद्र प्रथम के अधीन चोल साम्राज्य ने अपनी नौसेना के बल पर न केवल संपूर्ण दक्षिण भारत और श्रीलंका पर नियंत्रण स्थापित किया, बल्कि दक्षिण-पूर्व एशिया के श्रीविजय साम्राज्य पर भी सफल सैन्य अभियान चलाए, तथा चोलों की स्थानीय स्वशासन प्रणाली 'उत्तरमेरूर अभिलेख' में विशेष रूप से वर्णित है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? यूरोपीय कंपनियों के भारत आगमन और पुर्तगाली सत्ता की स्थापना के प्रारंभिक दौर के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. फ्रांसिस्को डी अल्मेडा ने भारत में पुर्तगाلي शक्ति को मजबूत करने के लिए 'ब्लू वाटर पॉलिसी' (शांत जल नीति) का प्रतिपादन किया था, जिसका मुख्य उद्देश्य हिंद महासागर के व्यापार पर नियंत्रण स्थापित करना था न कि किलाबंदी कर साम्राज्य का विस्तार करना। 2. अल्बुकर्क ने वर्ष 1510 में बीजापुर के आदिल शाह से गोवा छीनकर पुर्तगाली सत्ता का वास्तविक संस्थापक होने का प्रमाण दिया और उसने भारतीय महिलाओं के साथ पुर्तगालियों को विवाह करने के लिए प्रोत्साहित किया ताकि क्षेत्र में पुर्तगाली आबादी को बढ़ाया जा सके। 3. नूनू डी कुन्हा ने पुर्तगाली गवर्नर बनने के बाद वर्ष 1530 में पुर्तगाली राजधानी को कोचीन से स्थानांतरित कर गोवा बनाया और गुजरात के शासक बहादुर शाह से बेसिन तथा दीव पर अधिकार प्राप्त किया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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