त्वरित लिंक्स
History of India
17 views
इब्राहिम लोदी का अपने सरदारों के साथ कैसा संबंध था?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
उसका व्यवहार बेहद दमनकारी था।
Related Questions
→
सल्तनत काल के अंतिम वर्षों में "भक्ति आंदोलन" के किस प्रसिद्ध संत ने हिंदू-मुस्लिम एकता पर बल दिया?
→
वर्धन राजवंश एवं दक्षिण भारत के राजवंशों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हर्षवर्धन के शासनकाल के दौरान चीनी यात्री ह्वेनसांग भारत आया था, और कन्नौज में आयोजित भव्य धर्मसभा का मुख्य उद्देश्य महायान बौद्ध धर्म का प्रचार करना तथा विभिन्न संप्रदायों के बीच समन्वय स्थापित करना था।
2. पल्लव राजा नरसिंहवर्मन प्रथम ने चालुक्य शासक पुलकेशिन द्वितीय को 'वातापीकोंड' (वातापी के विजेता) की उपाधि धारण करते हुए पराजित किया था और महाबलीपुरम के प्रसिद्ध एकात्मथ रथ मंदिरों (सप्त पगोडा) का निर्माण कार्य उसी के काल में प्रारंभ हुआ था।
3. राष्ट्रकूट वंश के संस्थापक दंतीदुर्ग ने अपने अधीन सामंत के रूप में चालुक्य साम्राज्य की सत्ता को उखाड़ फेंका और उज्जैन में 'हिरण्यगर्भ' (महादान) यज्ञ का अनुष्ठान किया था।
4. चोल सम्राट राजराज प्रथम ने अपनी नौसेना की ताकत का विस्तार करते हुए श्रीलंका के उत्तरी भाग पर विजय प्राप्त की थी तथा तंजावुर में प्रसिद्ध 'राजराजेश्वर' (बृहदेश्वर) मंदिर का निर्माण करवाया था, जो द्रविड़ वास्तुकला का उत्कृष्ट उदाहरण है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान लखनऊ और अवध क्षेत्र में बेगम हजरत महल और मौलवी अहमदुल्लाह शाह की भूमिका के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बेगम हजरत महल ने अपने अल्पवयस्क पुत्र बिरजिस कादिर को अवध का नवाब घोषित कर लखनऊ में विद्रोह की बागडोर संभाली और ब्रिटिश सेनाओं के विरुद्ध लंबी घेराबंदी का नेतृत्व किया।
2. मौलवी अहमदुल्लाह शाह, जिन्हें 'डंका शाह' के नाम से भी जाना जाता था, ने फैजाबाद से अंग्रेजों के विरुद्ध सशस्त्र प्रतिरोध का संचालन किया और चिनहट के युद्ध में ब्रिटिश सेना को पराजित करने में अहम भूमिका निभाई।
3. ब्रिटिश सेना द्वारा लखनऊ पर पुनः अधिकार किए जाने के पश्चात बेगम हजरत महल ने ब्रिटिश सेनापति कॉलिन कैंपबेल के समक्ष सशर्त आत्मसमर्पण कर दिया और उन्हें लंदन में शरण दी गई।
4. मौलवी अहमदुल्लाह शाह को पकड़ने के लिए अंग्रेजों द्वारा पचास हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था, और अंततः एक स्थानीय राजा के विश्वासघात के कारण उनकी हत्या कर दी गई।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
गुप्तकालीन प्रशासन, अर्थव्यवस्था और सांस्कृतिक विकास के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. गुप्त काल में केंद्रीय प्रशासनिक अधिकारियों को 'कुमारामार्त्य' कहा जाता था, जो राजा के बाद सबसे महत्वपूर्ण अधिकारी होते थे और इन्हें नकद वेतन के बदले बड़े पैमाने पर राजस्व-मुक्त भू-अनुदान (अग्रहार) दिए जाते थे, जिससे प्रांतीय स्तर पर सामंती प्रवृत्तियों का उदय हुआ।
2. इस काल में तांबे के सिक्कों की प्रचुरता यह दर्शाती है कि आम जनता के दैनिक और खुदरा लेन-देन के लिए बड़े पैमाने पर मौद्रिक अर्थव्यवस्था का उपयोग होता था, और गुप्त तांबे के सिक्के कुषाण काल की तुलना में अत्यंत भारी और बहुतायत में पाए गए हैं।
3. गुप्त सम्राटों द्वारा जारी किए गए स्वर्ण सिक्के, जिन्हें 'दीनार' कहा जाता था, अपनी कलात्मक सुंदरता, शुद्धता और विविधता में कुषाणों के स्वर्ण सिक्कों से श्रेष्ठ थे, किंतु गुप्त काल के उत्तरार्ध (स्कंदगुप्त के बाद) के सिक्कों में सोने की मिलावट (खोट) बढ़ने लगी थी जो अर्थव्यवस्था में आए ठहराव का संकेत देती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
→
भारत छोड़ो आंदोलन (1942) के दौरान भूमिगत गतिविधियों के संचालन और सुभाष चंद्र बोस द्वारा गठित 'फॉरवर्ड ब्लॉक' तथा 'आजाद हिंद फौज' के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान कांग्रेस के शीर्ष नेताओं की गिरफ्तारी के बाद समाजवादी और युवा नेताओं ने भूमिगत रहकर आंदोलन का संचालन किया, जिसमें उषा मेहता ने बॉम्बे से 'कांग्रेस रेडियो' का गुप्त प्रसारण कर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
2. सुभाष चंद्र बोस ने वर्ष 1939 में कांग्रेस के त्रिपुरी अधिवेशन में वैचारिक मतभेदों के चलते कांग्रेस अध्यक्ष पद से त्यागपत्र दे दिया था और उसी वर्ष कांग्रेस के भीतर ही 'फॉरवर्ड ब्लॉक' नामक वामपंथी गुट की स्थापना की थी।
3. सिंगापुर में रास बिहारी बोस द्वारा आजाद हिंद फौज की कमान औपचारिक रूप से सुभाष चंद्र बोस को सौंपे जाने के बाद उन्होंने अक्टूबर 1943 में रंगून में 'अस्थाई स्वतंत्र भारत सरकार' (Arzi Hukumat-e-Azad Hind) के गठन की घोषणा की थी।
4. आजाद हिंद फौज की रानी झांसी रेजीमेंट, जो पूर्णतः महिलाओं की एक सैन्य टुकड़ी थी, का नेतृत्व डॉ. लक्ष्मी सहगल द्वारा किया जाता था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.