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History of India
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सत्रहवीं शताब्दी के उत्तरार्ध में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा पश्चिमी और पूर्वी भारत में अपनी व्यापारिक और प्रशासनिक नीतियों के विकास के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. वर्ष 1668 में ब्रिटिश सम्राट चार्ल्स द्वितीय ने पुर्तगालियों से दहेज में प्राप्त बॉम्बे (मुंबई) द्वीप को मात्र 10 पाउंड के वार्षिक किराए पर ईस्ट इंडिया कंपनी को सौंप दिया था, जिसके उपरांत गेरॉल्ड औंगियार ने बॉम्बे शहर को आधुनिक किलेबंद शहर के रूप में विकसित किया।
  2. 2. बंगाल में कंपनी के व्यापारिक अधिकारों को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से वर्ष 1690 में जॉब चारनाक ने सुतानाती में एक अंग्रेजी कारखाने की नींव रखी, जो आगे चलकर कलकत्ता (कोलकाता) शहर के रूप में विकसित हुआ और जहाँ बाद में फोर्ट विलियम का निर्माण किया गया।
  3. 3. मद्रास में अंग्रेजों ने वर्ष 1639 में चंदगिरी के राजा से अनुमति प्राप्त कर सेंट जॉर्ज किले का निर्माण कराया था, जो आगे चलकर बंगाल प्रेसीडेंसी के अधीन पूर्वी भारत का मुख्य मुख्यालय बन गया।
  4. 4. वर्ष 1686 में बंगाल के नवाब शाइस्ता खां के साथ संघर्ष के दौरान कंपनी के अधिकारियों ने हुगली की किलेबंदी करने और मुगलों के खिलाफ नौसैनिक कार्रवाई करने का दुस्साहस किया, जिसके परिणामस्वरूप औरंगजेब की सेना ने बंगाल की सभी अंग्रेजी फैक्ट्रियों पर कब्जा कर लिया और कंपनी को मुगल दरबार से क्षमा मांगने के लिए विवश होना पड़ा।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1, 2 और 4 सही हैं, जबकि कथन 3 गलत है। मद्रास में निर्मित सेंट जॉर्ज किला आगे चलकर 'कोरोमंडल तट' पर अंग्रेजों का मुख्य मुख्यालय बना था, न कि बंगाल प्रेसीडेंसी के अधीन पूर्वी भारत का मुख्यालय (मद्रास स्वयं एक स्वतंत्र प्रेसीडेंसी था)। सत्रहवीं शताब्दी के दौरान ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने भारत में अपनी राजनीतिक और व्यापारिक स्थिति को सुदृढ़ करने के लिए कई रणनीतिक कदम उठाए थे। इस काल के ऐतिहासिक घटनाक्रमों की विस्तृत जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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