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History of India
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बहलोल लोदी का मकबरा कहाँ स्थित है?
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Detailed Explanation
बहलोल लोदी का मकबरा दिल्ली में स्थित है।
Related Questions
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मध्यकालीन भारत के सूफी संप्रदायों और उनकी कार्यप्रणाली के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. चिश्ती संप्रदाय के संतों ने राज्य की सेवा, राजकीय अनुदान और जागीर स्वीकार करने की नीति का कड़ा विरोध किया और 'समां' (संगीत गोष्ठियों) को अपनी आध्यात्मिक साधना का प्रमुख अंग बनाया, जबकि सुहरावर्दी संप्रदाय के संतों ने इसके विपरीत सरकारी अनुदान और शाही संरक्षण स्वीकार करने में कोई संकोच नहीं किया।
2. नक्शबंदी संप्रदाय, जिसकी स्थापना भारत में ख्वाजा बाकी بالله द्वारा की गई थी, ने संगीत और 'समां' का पूर्ण बहिष्कार किया और रूढ़िवादी सुन्नी इस्लाम के पुनर्स्थापन पर बल देते हुए अकबर की उदार धार्मिक नीतियों का कड़ा विरोध किया।
3. कादिरी संप्रदाय के प्रमुख संत मियां मीर थे, जिन्होंने लाहौर में सिख गुरु अर्जुन देव के साथ घनिष्ठ संबंध बनाए रखे, और इस संप्रदाय के अनुयायी मोक्ष प्राप्ति के लिए 'वह्दत-उल-वजूद' (अस्तित्व की एकता) के सिद्धांत के कट्टर समर्थक थे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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1857 के महान विद्रोह के दौरान बिहार में बाबू कुंवर सिंह और उनके छोटे भाई अमर सिंह के नेतृत्व व संघर्ष के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. आरा पर अधिकार करने के पश्चात जब ब्रिटिश सेनापति मेजर विंसेंट आयर ने जगदीशपुर पर आक्रमण किया, तब बाबू कुंवर सिंह ने मध्य भारत की ओर प्रस्थान किया और बांदा, रीवा तथा लखनऊ में नाना साहब की सेना के साथ मिलकर अंग्रेजों के विरुद्ध सफल सैन्य अभियान चलाए।
2. ब्रिटिश जनरल ली ग्रैंड के विरुद्ध बीबीगंज के निकट हुए निर्णायक संघर्ष में कुंवर सिंह ने अपनी अद्भुत छापामार युद्ध शैली का परिचय देते हुए ब्रिटिश सेना को बुरी तरह पराजित कर दिया था।
3. बाबू कुंवर सिंह की मृत्यु के उपरांत उनके छोटे भाई अमर सिंह ने अंग्रेजों के विरुद्ध सशस्त्र प्रतिरोध को समाप्त कर दिया और ब्रिटिश सरकार के समक्ष बिना शर्त आत्मसमर्पण कर दिया था।
4. अमर सिंह ने कैमूर की पहाड़ियों (कैमूर रेंज) से ब्रिटिश सेना के विरुद्ध एक प्रभावी और लंबी छापामार युद्ध (Guerrilla Warfare) नीति का संचालन किया, तथा जगदीशपुर के जंगलों से एक समानांतर प्रशासन चलाया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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सैयद वंश के पतन के समय दिल्ली के आसपास के विद्रोही क्षेत्रों को क्या कहा जाता था?
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वर्धन राजवंश एवं दक्षिण भारत के राजवंशों (चोल, पल्लव, चालुक्य) के प्रशासनिक, कलात्मक एवं राजनीतिक विकास के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हर्षवर्धन के शासनकाल के दौरान कन्नौज सभा का मुख्य उद्देश्य महायान बौद्ध धर्म का प्रचार-प्रसार करना तथा चीनी यात्री ह्वेनसांग के सम्मान में एक भव्य धार्मिक अनुष्ठान आयोजित करना था, जिसमें बीस राजाओं और विभिन्न संप्रदायों के विद्वानों ने भाग लिया था।
2. पल्लव शासक महेंद्रवमन् प्रथम ने अपने प्रारंभिक जीवन में जैन धर्म का अनुयायी होने के बाद शैव संत अप्पर के प्रभाव में आकर शैव धर्म स्वीकार किया था, तथा उन्होंने महाबलीपुरम में प्रसिद्ध एकश्म (Monolithic) रथ मंदिरों का निर्माण कार्य शुरू करवाया था।
3. वातापी के चालुक्य वंश के महान शासक पुलकेशिन द्वितीय ने नर्मदा नदी के तट पर हर्षवर्धन को पराजित किया था, जिसका सजीव और विस्तृत विवरण ऐहोल प्रशस्ति में मिलता है, जिसकी रचना रवि कीर्ति ने की थी।
4. चोल साम्राज्य की स्थानीय स्वशासन प्रणाली (विशेषकर उत्तरमेरूर शिलालेखों में वर्णित) के अनुसार, ग्राम सभाओं के सदस्यों का चयन 'कुदोलवराय' (पर्ची निकालकर मतदान) नामक एक पारदर्शी लाटरी प्रणाली के माध्यम से किया जाता था, और इसके लिए उम्मीदवारों की न्यूनतम और अधिकतम आयु सीमा के साथ-साथ वेद-वेदांगों का ज्ञान अनिवार्य था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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महात्मा गांधी के भारत में शुरुआती सत्याग्रहों—चंपारण (1917), खेड़ा (1918) और अहमदाबाद मिल मजदूर आंदोलन (1918)—के वैचारिक दृष्टिकोण, कार्यप्रणाली और ऐतिहासिक प्रभावों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. चंपारण सत्याग्रह के दौरान तिनकाथा प्रणाली के अंतर्गत यूरोपीय बागान मालिकों द्वारा किसानों से उनकी कुल भूमि के 3/20 भाग पर अनिवार्य रूप से नील की खेती कराई जाती थी, और इस प्रथा के उन्मूलन के बाद गांधीजी ने पहली बार भारत में 'सविनय अवज्ञा' (Civil Disobedience) के सफल प्रयोग की औपचारिक घोषणा की थी।
2. खेड़ा सत्याग्रह में फसल खराब होने के बावजूद ब्रिटिश सरकार द्वारा राजस्व वसूली की जिद किए जाने पर गांधीजी ने किसानों को लगान अदायगी रोकने की सलाह दी, और इस आंदोलन के दौरान ही सरदार वल्लभभाई पटेल पहली बार गांधीजी के संपर्क में आए तथा उनके प्रमुख अनुयायी के रूप में उभरे।
3. अहमदाबाद मिल मजदूर आंदोलन में गांधीजी ने मिल मालिकों और मजदूरों के बीच 'प्लैटैग बोनस' को लेकर उत्पन्न विवाद में पहली बार भारत में 'भूख हड़ताल' (Hunger Strike) का उपयोग एक हथियार के रूप में किया, जिसके परिणामस्वरुप ट्रिब्यूनल द्वारा मजदूरों को 35 प्रतिशत बोनस देने का निर्णय लिया गया।
4. चंपारण और खेड़ा के इन प्रारंभिक सत्याग्रहों की सफलता ने गांधीजी की अखिल भारतीय राजनीति में प्रविष्टि को सुगम बनाया और भारत के राष्ट्रीय आंदोलन में श्रमिक, किसान तथा ग्रामीण जनता की सीधी भागीदारी का मार्ग प्रशस्त किया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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