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History of India
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मोहम्मद बिन तुगलक ने किस वर्ष हिंदुओं के त्योहार "होली" में सार्वजनिक रूप से भाग लिया था?

Detailed Explanation

इब्न बतूता ने उल्लेख किया है कि सुल्तान होली में शामिल होते थे।
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Related Questions

→ मुगल काल में "सराफ": → दिल्ली सल्तनत के प्रशासनिक ढांचा, विशेषकर सैन्य और राजस्व व्यवस्था के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अलाउद्दीन खिलजी ने अपने साम्राज्य में घोड़ों को दागने की प्रथा ('दाग') और सैनिकों के हुलिया का पंजीकरण कराने की शुरुआत की थी, ताकि भ्रष्टाचार को रोका जा सके और बाजार नियंत्रण के लिए उसने 'उत्पादित वस्तुओं और अनाजों के मूल्य' को विनियमित करने हेतु 'दीवान-ए-रियासत' और 'शहना-ए-मंडी' जैसे नवीन विभागों का गठन किया था। 2. मुहम्मद बिन तुगलक ने कृषि विकास के लिए 'दीवान-ए-कोहकी' (कृषि विभाग) नामक एक पृथक् विभाग की स्थापना की थी, जिसका मुख्य उद्देश्य बंजर भूमि को उपजाऊ बनाना और किसानों को तकाबी (सांकेतिक ऋण) प्रदान करना था, किंतु प्रशासनिक अदूरदर्शिता के कारण यह योजना विफल हो गई। 3. फिरोजशाह तुगलक ने सल्तनत काल में पहली बार सैनिकों को नकद वेतन देने की परंपरा को पूर्ण रूप से समाप्त कर दिया और इसके स्थान पर वंशानुगत 'इक्ता' प्रणाली तथा जागीरदारी व्यवस्था को पुनर्जीवित किया, साथ ही उसने सिंचाई के लिए बड़ी संख्या में नहरों का निर्माण करवाकर 'हक-ए-शर्ब' (सिंचाई कर) नामक कर लगाया। 4. इल्तुतमिश द्वारा स्थापित 'तुर्कान-ए-चहलगानी' (चालीस गुलाम सरदारों का दल) को सुदृढ़ करने का कार्य बलबन ने किया था, जिसने बाद में राजत्व के सिद्धांत (नयाब-ए-खुदाई और जिल्ल-ए-इलाही) को लागू कर संपूर्ण सल्तनत में इस चालीसा दल के राजनीतिक प्रभाव को पूर्ण रूप से समाप्त कर दिया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → भारतीय स्वतंत्रता, माउंटबेटन योजना और देश के विभाजन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 3 जून 1947 को घोषित 'माउंटबेटन योजना' के तहत ब्रिटिश भारत को भारत और पाकिस्तान नामक दो स्वतंत्र डोमिनियनों में विभाजित करने का प्रस्ताव रखा गया था, तथा बंगाल और पंजाब की विधानसभाओं को अपने-अपने प्रांतों के विभाजन के संबंध में निर्णय लेने का अधिकार दिया गया था। 2. ब्रिटिश संसद द्वारा जुलाई 1947 में पारित 'भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम, 1947' (Indian Independence Act 1947) के माध्यम से 15 अगस्त 1947 को ब्रिटिश भारत की संप्रभुता समाप्त कर दी गई और दोनों नए डोमिनियनों के लिए गवर्नर-जनरल की नियुक्ति का प्रावधान किया गया था। 3. माउंटबेटन योजना के अंतर्गत उत्तर-पश्चिम सीमा प्रांत (NWFP) और असम के सिलहट जिले में भारत या पाकिस्तान में शामिल होने का निर्णय लेने के लिए जनमत संग्रह (Referendum) का आयोजन किया गया था, जिसमें दोनों स्थानों की जनता ने पाकिस्तान के पक्ष में मतदान किया था। 4. सीमा निर्धारण के लिए ब्रिटिश सरकार द्वारा सर सिरिल रेडक्लिफ की अध्यक्षता में दो 'सीमा आयोगों' (Boundary Commissions) का गठन किया गया था, जिन्होंने बंगाल और पंजाब की सीमाओं का अंतिम निर्धारण 15 अगस्त 1947 से पूर्व ही प्रकाशित कर दिया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → वर्ष 1905 के बंगाल विभाजन और इसके विरोध में प्रारंभ हुए स्वदेशी आंदोलन के दौरान आर्थिक, संस्थागत तथा वैचारिक विकास के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. बंगाल विभाजन के निर्णय की आधिकारिक घोषणा 20 जुलाई 1905 को लॉर्ड कर्जन द्वारा की गई थी, जिसके विरोध में 7 अगस्त 1905 को कलकत्ता के टाउन हॉल में ऐतिहासिक बैठक आयोजित कर 'स्वदेशी आंदोलन' की औपचारिक शुरुआत की गई और 'बायकॉट' (बहिष्कार) प्रस्ताव पास किया गया। 2. स्वदेशी और बहिष्कार आंदोलन के दौरान बंगाल के राष्ट्रीय आंदोलन में 'आत्मशक्ति' (आत्मकेंद्रित आत्मनिर्भरता) के विचार को बढ़ावा दिया गया, जिसके तहत तंजौर के राष्ट्रीय कॉलेज, बंगाल नेशनल कॉलेज और विभिन्न राष्ट्रीय विद्यालयों की स्थापना की गई तथा शिक्षा के राष्ट्रीयकरण पर जोर दिया गया। 3. स्वदेशी आंदोलन के दौरान आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए प्रफुल्ल चन्द्र राय के नेतृत्व में 'बंगाल कैमिकल एंड फार्मास्युटिकल्स' जैसी स्वदेशी औद्योगिक और रासायनिक इकाइयों की स्थापना की गई, जिसने देशी उद्योगों को एक नया संबल प्रदान किया। 4. स्वदेशी और बहिष्कार आंदोलन के वैचारिक दायरे में केवल विदेशी वस्त्रों और वस्तुओं का बहिष्कार ही शामिल नहीं था, बल्कि इसके साथ ही सरकारी स्कूलों, अदालतों, उपाधियों और सरकारी नौकरियों का पूर्ण बहिष्कार करने का भी प्रस्ताव था, जिस पर नरम दल और गरम दल के नेताओं के बीच कभी कोई मतभेद उत्पन्न नहीं हुआ। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? → वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान दिल्ली में विद्रोही सैनिकों द्वारा मुगल सम्राट बहादुर शाह जफर को भारत का सम्राट घोषित किए जाने और इस संघर्ष में उनकी वास्तविक भूमिका के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 11 मई 1857 को मेरठ से पहुँचे विद्रोही सिपाहियों ने लाल किले में प्रवेश कर वृद्ध मुगल सम्राट बहादुर शाह जफर को अनिच्छा से ही सही, इस विद्रोह का औपचारिक और सर्वोच्च प्रतीक तथा 'शहिंशाह-ए-हिंदुस्तान' स्वीकार कर लिया था। 2. बहादुर शाह जफर ने सम्राट के रूप में केवल नाममात्र की संप्रभुता प्रदान की, बल्कि प्रशासनिक मामलों में उनकी रुचि न होने के कारण विद्रोहियों की एक 'शासन परिषद' (Court of Administrators) का गठन किया गया था जिसमें सैन्य और नागरिक मामलों के निर्णय लिए जाते थे। 3. दिल्ली की घेराबंदी और विद्रोह के दमन के दौरान ब्रिटिश सैन्य कमांडर जॉन निकलसन के नेतृत्व में अंग्रेजी सेना ने कड़ा संघर्ष किया, और सितंबर 1857 में दिल्ली पर पुनः अधिकार प्राप्त करने के पश्चात बहादुर शाह जफर को हुमायूं के मकबरे से गिरफ्तार कर लिया गया था। 4. अंग्रेजों द्वारा हुमायूं के मकबरे के पास ही बहादुर शाह जफर के दो बेटों और एक पोते की निर्ममतापूर्वक हत्या कर उनके सिर काटकर सम्राट के सामने प्रेषित किए गए थे, और बाद में जफर पर मुकदमा चलाकर उन्हें रंगून निर्वासित कर दिया गया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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