History of India
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यूरोपीय कंपनियों के भारत आगमन और पुर्तगाली सत्ता की स्थापना के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. फ्रांसिस्को डी अल्मीडा भारत का प्रथम पुर्तगाلي वायसराय था, जिसने 'ब्लू वाटर पॉलिसी' (शांत जल नीति) का प्रतिपादन किया था, जिसका उद्देश्य हिंद महासागर पर पुर्तगालियों का एकाधिकार स्थापित करना था।
- 2. अल्बुकर्क ने 1510 ई. में बीजापुर के आदिल शाह से गोवा छीनकर पुर्तगाली साम्राज्य का वास्तविक संस्थापक बना और उसने कोचीन के स्थान पर गोवा को पुर्तगाली भारत की राजधानी बनाया।
- 3. नीनु डी कुन्हा के शासनकाल में पुर्तगालियों ने हुगली (बंगाल) और सैन थॉम (मद्रास) में अपनी बस्तियां स्थापित कीं तथा पुर्तगाली गवर्नर ने पुर्तगालियों को भारतीय महिलाओं से विवाह करने के लिए प्रोत्साहित किया ताकि बस्ती की आबादी बढ़ाई जा सके।
- 4. पुर्तगालियों द्वारा हिंद महासागर में जहाजों के आवागमन को नियंत्रित करने के लिए 'कार्टाज' (Cartaz) व्यवस्था लागू की गई थी, जिसके तहत बिना लाइसेंस के किसी भी भारतीय या अरबी जहाज को व्यापार करने की अनुमति नहीं थी और पुर्तगाली अधिकारी अफ़ोंसो डी अल्बुकर्क द्वारा गोवा से सती प्रथा का उन्मूलन किया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि फ्रांसिस्को डी अल्मीडा भारत में पहला पुर्तगाली वायसराय था और उसने हिंद महासागर में प्रभुत्व के लिए 'ब्लू वाटर पॉलिसी' अपनाई थी। कथन 2 सही है क्योंकि अल्बुकर्क (Alfonso de Albuquerque) को भारत में पुर्तगाली सत्ता का वास्तविक संस्थापक माना जाता है, जिसने 1510 में गोवा जीता था (हालाँकि गोवा को राजधानी नीनु डी कुन्हा ने 1530 में बनाया था, किंतु अल्बुकर्क ने ही पुर्तगालियों को भारतीय महिलाओं से विवाह करने के लिए प्रोत्साहित किया था, जो कथन 3 के कुछ अंश से संबंधित है)। कथन 3 आंशिक रूप से गलत है क्योंकि भारतीय महिलाओं से विवाह करने के लिए प्रोत्साहित करने की नीति अल्बुकर्क ने अपनाई थी, न कि नीनु डी कुन्हा ने। कथन 4 पूर्णतः सही है क्योंकि कार्टाज व्यवस्था अल्बुकर्क के समय शुरू हुई थी और उसी ने गोवा में सती प्रथा पर प्रतिबंध लगाया था। विकिपीडिया संदर्भ
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1857 के महान विद्रोह के दौरान फैजाबाद, बरेली और इलाहाबाद के केंद्रों पर हुए…
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1857 के महान विद्रोह के पश्चात ब्रिटिश क्राउन द्वारा लाए…
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1857 के महान विद्रोह के दौरान लखनऊ और अवध क्षेत्र में बेगम हजरत महल और मौलवी अहमदुल्लाह शाह की भूमिका के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बेगम हजरत महल ने अपने अल्पवयस्क पुत्र बिरjis कादिर को अवध का नवाब घोषित कर लखनऊ की रेजिडेंसी पर हुए विद्रोही आक्रमण का नेतृत्व किया था, और अंग्रेजों द्वारा पराजित होने के बाद वे नेपाल चली गईं जहाँ उन्होंने शरण ली।
2. मौलवी अहमदुल्लाह शाह, जिन्हें 'फैजाबाद का डंका शाह' भी कहा जाता है, ने अंग्रेजों के विरुद्ध जिहाद का प्रचार किया था और चिनहट के युद्ध में ब्रिटिश सेनापति हेनरी लॉरेंस को पराजित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
3. ब्रिटिश सेनापति सर कॉलिन कैंपबेल ने गोरखा रेजीमेंट की सहायता से मार्च 1858 में अंततः लखनऊ पर पुनः अधिकार कर लिया था, जिसके पश्चात बेगम हजरत महल ने समर्पण कर दिया और अंग्रेजों ने उन्हें आजीवन पेंशन देकर लखनऊ में ही रहने की अनुमति दी।
4. मौलवी अहमदुल्लाह शाह पर अंग्रेजों ने पचास हजार रुपये का इनाम घोषित किया था, और शाहजहाँपुर के एक स्थानीय राजा (पवैन के राजा) द्वारा विश्वासघात किए जाने के कारण उनकी हत्या कर दी गई थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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1857 के महान विद्रोह के दौरान बिहार के विभिन्न क्षेत्रों (पटना, दानापुर, आरा, मुजफ्फरपुर और छपरा) में हुई गतिविधियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पटना शहर में 3 जुलाई 1857 को हुए प्रसिद्ध विद्रोह का नेतृत्व एक स्थानीय पुस्तक विक्रेता पीर अली खाँ ने किया था, जिसे ब्रिटिश कमिश्नर विलियम टेलर के आदेश पर सरेआम फाँसी पर लटका दिया गया था।
2. दानापुर छावनी के 7वीं, 8वीं और 40वीं रेजिमेंट के सिपाइयों ने 25 जुलाई 1857 को विद्रोह कर दिया था और सोन नदी पार कर जगदीशपुर के बाबू कुंवर सिंह की सेना में शामिल हो गए थे।
3. मुजफ्फरपुर और छपरा (सारण) क्षेत्रों में विद्रोह का प्रसार करने में स्थानीय राजाओं, सैनिकों और आम लोगों ने सक्रिय भूमिका निभाई थी, तथा छपरा में मोहम्मद हुसैन खान ने विद्रोही गतिविधियों का नेतृत्व किया था।
4. आरा (जगदीशपुर) के अतिरिक्त दानापुर और पटना के विद्रोही सैनिकों ने ब्रिटिश शासन को शुरुआती चुनौती देने के तुरंत बाद नेपाल की तराई की ओर पलायन कर आत्मसमर्पण कर दिया था और मुख्य भूमि पर कभी अंग्रेजों से कोई संघर्ष नहीं किया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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प्राचीन भारतीय इतिहास के संदर्भ में सोलह महाजनपदों और मगध साम्राज्य के उत्कर्ष के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अंगुत्तर निकाय और जैन ग्रंथ भगवती सूत्र में छठी शताब्दी ईसा पूर्व के 'सोलह महाजनपदों' की सूची मिलती है, जिसमें वज्जी संघ एक 'राजतंत्रीय' (Monarchical) शासन प्रणाली का उदाहरण था, जबकि अवंती और मगध 'संघीय गणराज्य' (Republican) थे।
2. मगध साम्राज्य के उत्कर्ष में उसकी भौगोलिक स्थिति की महत्वपूर्ण भूमिका थी; इसकी शुरुआती राजधानी राजगीर (गिरिव्रज) पाँच पहाड़ियों से घिरी एक प्राकृतिक रूप से सुरक्षित घाटी थी और बाद में इसे पाटलिपुत्र स्थानांतरित किया गया जो गंगा, सोन और गंडक नदियों के संगम पर स्थित होने के कारण सामरिक और व्यापारिक दृष्टि से अत्यंत सुरक्षित था।
3. हर्यक वंश के शासक बिम्बिसार ने वैवाहिक संबंधों (जैसे कौशल, वैशाली और मद्र कुल में विवाह) और अंग राज्य को जीतकर मगध की शक्ति का विस्तार किया, जबकि उसके पुत्र अजातशत्रु ने अपने कूटनीतिक मंत्री 'वत्सकार' की सहायता से वैशाली के वज्जी संघ में फूट डालकर उस पर विजय प्राप्त की थी।
4. मगध के प्रारंभिक साम्राज्यवादी विस्तार में लोहे के भंडारों की उपलब्धता का भी विशेष योगदान था, क्योंकि प्रचुर मात्रा में उपलब्ध लोहे से मजबूत हथियार और कृषि उपकरण बनाए गए जिससे आर्थिक और सैन्य सुदृढ़ीकरण संभव हुआ।
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दिल्ली में 1857 के विद्रोह के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. दिल्ली में विद्रोहियों द्वारा मुगल सम्राट बहादुर शाह जफर को भारत का 'शहनशाह-ए-हिंदुस्तान' (सम्राट) घोषित किया गया था, हालांकि वे स्वयं इस विद्रोह का नेतृत्व करने के प्रति अत्यधिक उत्सुक और राजनीतिक रूप से मुखर थे।
2. वास्तविक सैन्य नेतृत्व जनरल बख्त खान के हाथों में था, जो बरेली से आने वाली विद्रोही सैनिक टुकड़ी का नेतृत्व कर रहे थे और जिन्हें जफर ने 'साहेब-ए-आलम बहादुर' की उपाधि प्रदान की थी।
3. ब्रिटिश सेना द्वारा दिल्ली पर पुनः अधिकार करने के पश्चात मेजर हडसन ने सम्राट के पुत्रों और पोते (मिर्जा मुगल, ख्वाजा सुल्तान और अबू बकर) को हुमायूं के मकबरे के पास सरेआम गोली मार दी थी तथा बहादुर शाह जफर को रंगून (मझार) निर्वासित कर दिया गया था।
4. दिल्ली में विद्रोह के दौरान कर्नल निकोलसन मुख्य ब्रिटिश सेनापति था, जो कश्मीरी गेट पर हमला करते समय गंभीर रूप से घायल हो गया था और बाद में उसकी मृत्यु हो गई थी।
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मुगल काल में "खुलासत-उत-तवारीख" के लेखक कौन हैं?
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महाभारत का फारसी अनुवाद "रज़्मनामा" किसके निर्देशन में किया गया था?
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