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History of India
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सत्रहवीं शताब्दी में छत्रपति शिवाजी महाराज द्वारा स्थापित मराठा साम्राज्य की सैन्य और प्रशासनिक व्यवस्था के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. शिवाजी की घुड़सवार सेना में 'पागा' वे सैनिक होते थे जिन्हें राज्य की ओर से घोड़े और शस्त्र प्रदान किए जाते थे, जबकि 'सिलाहदार' वे घुड़सवार होते थे जो अपने स्वयं के घोड़े और हथियार लेकर युद्ध में भाग लेते थे।
  2. 2. शिवाजी ने अपनी सेना में अनुशासन बनाए रखने के लिए सेना को जागीर के रूप में वेतन देने की प्रणाली को प्राथमिकता दी और नकद वेतन के भुगतान को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया था।
  3. 3. मराठा नौसेना की मजबूती के लिए कोंकण तट पर मजबूत समुद्री किलों (जैसे सिंधुदुर्ग और विजयदुर्ग) का निर्माण किया गया था, तथा मयनाक भंडारी को नौसेना का प्रमुख (आर्मडा कमांडर) नियुक्त किया गया था।
  4. 4. शिवाजी के केंद्रीय सचिवालय में अष्टप्रधान के अंतर्गत 'न्यायधीश' और 'पंडितराव' क्रमशः सैन्य विभाग और विदेशी मामलों के सर्वोच्च प्रशासनिक प्रमुख होते थे।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि शिवाजी की घुड़सवार सेना दो भागों में बंटी थी— पागा (राजकीय घुड़सवार जिन्हें राज्य घोड़े और हथियार देता था) और सिलाहदार (जो स्वयं के संसाधन लाते थे)। कथन 2 गलत है क्योंकि शिवाजी ने जागीरदारी प्रथा को हतोत्साहित किया और सैनिकों व अधिकारियों को नियमित नकद वेतन देने की परंपरा को बढ़ावा दिया था, पूरी तरह प्रतिबंधित नहीं किया बल्कि जागीर देने की प्रथा पर कड़ा नियंत्रण रखा। कथन 3 सही है क्योंकि शिवाजी ने पश्चिमी तट पर पुर्तगालियों, अंग्रेजों और जंजीरा के सिद्दियों से मुकाबला करने के लिए एक शक्तिशाली नौसेना का गठन किया था, जिसमें मयनाक भंडारी जैसे सक्षम नौसेना अध्यक्ष थे। कथन 4 गलत है क्योंकि 'न्यायधीश' मुख्य न्यायाधीश (न्याय विभाग) और 'पंडितराव' धार्मिक कार्यों एवं दान-पुण्य के प्रमुख होते थे, न कि सैन्य और विदेशी मामलों के (विदेशी मामले 'सुमंत या दबीर' के पास थे)। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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