History of India
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यूरोपीय कंपनियों के भारत आगमन और बंगाल में ब्रिटिश सत्ता की स्थापना के प्रारंभिक दौर के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. वर्ष 1617 में ब्रिटिश सम्राट जेम्स प्रथम के राजदूत के रूप में सर थॉमस रो जहांगीर के दरबार में उपस्थित हुआ और उसे मुगल साम्राज्य के सभी भागों में व्यापार करने तथा फैक्ट्रियां स्थापित करने की शाही फरमान प्राप्त करने में सफलता मिली।
- 2. वर्ष 1717 में मुगल सम्राट फर्रुख्शियर द्वारा जारी किए गए ऐतिहासिक फरमान के तहत ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी को बंगाल, बिहार और उड़ीसा में 3,000 रुपये वार्षिक कर के एवज में मुक्त व्यापार (दुकानदारी शुल्क से मुक्ति) करने का विशेषाधिकार मिला, जिसे 'कंपनी का मैग्नाकार्टा' कहा जाता है।
- 3. फ्रांसीसी ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना लांग्स के समय वर्ष 1664 में हुई थी और उन्होंने भारत में अपनी पहली फैक्ट्री सूरत में फ्रेंको कैरों के नेतृत्व में स्थापित की थी, जबकि उनकी मुख्य व्यावसायिक बस्ती पांडिचेरी थी।
- 4. बंगाल के नवाब सिराजुद्दोला द्वारा कलकत्ता पर आक्रमण करने और 'ब्लैक होल ट्रेजेडी' (काल कोठरी की घटना) के घटित होने के तुरंत बाद रॉबर्ट क्लाइव और वाटसन ने मद्रास से सेना लाकर फरवरी 1757 में नवाब के साथ 'अलीनगर की संधि' पर हस्ताक्षर किए, जिसने अंग्रेजों को उनके सभी पुराने विशेषाधिकार पुनः दिला दिए।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी को भारत में व्यापारिक विस्तार के लिए जहांगीर के शासनकाल में थॉमस रो के माध्यम से रियायतें मिलीं। वर्ष 1717 का फर्रुख्शियर का फरमान ब्रिटिश कंपनी के लिए मील का पत्थर साबित हुआ जिसे 'मैग्नाकार्टा' कहा जाता है। फ्रांसीसियों ने 1664 में लुई चौदहवें के मंत्री कोल्बर्ट के प्रयासों से 'कंपagnie des Indes Orientales' की स्थापना की थी। सिराजुद्दोला के साथ अंग्रेजों की संघर्षपूर्ण स्थिति के बीच 'अलीनगर की संधि' (फरवरी 1757) एक रणनीतिक मोड़ थी। अधिक जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान बिहार के विभिन्न क्षेत्रों में हुए नेतृत्व…
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छत्रपति शिवाजी महाराज के प्रशासनिक, सैन्य और राजस्व…
Related Questions
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मुगलकालीन केंद्रीय प्रशासन, भू-राजस्व व्यवस्था और प्रशासनिक सुधारों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अकबर द्वारा प्रारंभ की गई मनसबदारी व्यवस्था में 'जात' पद मनसबदार के व्यक्तिगत वेतन, पद की प्रतिष्ठा और उसके द्वारा रखे जाने वाले घोड़ों की संख्या का सूचक था, जबकि 'सवार' पद उसके द्वारा प्रबंधित की जाने वाली कुल जातिय सेना के सैनिकों की वास्तविक संख्या को निर्धारित करता था।
2. शाहजहां के शासनकाल में मनसबदारी व्यवस्था के अंतर्गत 'दुअस्पा-सिंहअस्पा' (Do-aspa Sih-aspa) प्रणाली को पहली बार जोड़ा गया था, जिसके माध्यम से मनसबदारों को अपने मूल सवार पद से दोगुने घोड़े पालने की अनुमति दी गई थी और इसके लिए उन्हें कोई अतिरिक्त वेतन नहीं मिलता था।
3. मुगल साम्राज्य की भू-राजस्व प्रणाली के अंतर्गत टोडरमल द्वारा विकसित 'दहसाला बंदोबस्त' (जपती प्रणाली) के तहत पिछले दस वर्षों (1570 से 1579 तक) की औसत पैदावार और उस पर प्रचलित औसत अनाजों के बाजार मूल्यों का आकलन कर मालगुजारी का स्थाई निर्धारण किया गया था।
4. जहांगीर के शासनकाल में मुगल चित्रकला अपने स्वर्णकाल पर पहुँची, किंतु इसी काल में वास्तुकला में 'पित्रा ज्यूरा' (Pietra Dura - संगमरमर पर पत्थरों की पच्चीकारी) शैली का पूर्ण और स्वतंत्र रूप से प्रयोग करने की अनूठी परंपरा शुरू हुई, जिसका उत्कृष्ट प्रारंभिक उदाहरण एत्माद-उद्-दौला का मकबरा है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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छठी शताब्दी ईसा पूर्व के 'सोलह महाजनपद' और मगध साम्राज्य के उत्थान के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अंगुत्तर निकाय और भगवती सूत्र जैसे बौद्ध तथा जैन ग्रंथों में षोडश महाजनपदों की स्पष्ट सूची मिलती है, जिनमें 'वज्जी' और 'मल्ला' जैसे महाजनपद राजतंत्रात्मक शासन व्यवस्था के प्रमुख केंद्र थे, जहाँ राजाओं के पास असीमित और निरंकुश अधिकार होते थे।
2. मगध साम्राज्य के शुरुआती उत्थान में हर्यक वंश के शासक बिम्बिसार ने कूटनीतिक वैवाहिक संबंधों (जैसे कौशल, वैशाली और मद्र कुल की राजकुमारियों से विवाह) और अंग महाजनपद को जीतकर अपनी स्थिति सुदृढ़ की थी, जबकि उसके उत्तराधिकारी अजातशत्रु ने वैशाली (वज्जी संघ) को पराजित करने के लिए 'रथ-मूसल' और 'महाशिलाकंटक' जैसे नवीन सैन्य यंत्रों का प्रयोग किया था।
3. नंद वंश के संस्थापक महापदमनंद ने क्षत्रियों का नाश करने वाला 'एकराट्' और 'सर्वक्षत्रान्तक' की उपाधि धारण की थी, और हाथीगुम्फा अभिलेख से इस बात की पुष्टि होती है कि नंद राजाओं ने कलिंग पर विजय प्राप्त कर वहाँ से जिन-प्रतिमा (अग्रपूजा) मगध उठाई थी।
4. मगध के साम्राज्यवादी विस्तार का प्रमुख भौगोलिक कारण यह था कि इसकी प्रारंभिक राजधानी राजगृह (गिरिव्रज) पाँच पहाड़ियों से घिरी एक प्राकृतिक रूप से सुरक्षित दुर्जेय घाटी थी, और बाद में पाटलिपुत्र का गंगा, सोन तथा गंडक नदियों के संगम पर स्थित होना जलमार्ग, व्यापार और सामरिक आवागमन की दृष्टि से अत्यंत सुरक्षित व महत्वपूर्ण था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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1857 के महान विद्रोह की असफलता और उसके नेतृत्व की कमियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इस विद्रोह का नेतृत्व करने वाले अधिकांश देशी शासक, जैसे सिंधिया, होलकर और हैदराबाद के निजाम, अंग्रेजों के प्रति वफादार रहे या अपने सीमित क्षेत्रीय हितों से प्रेरित होकर ब्रिटिश शासन के विरुद्ध अखिल भारतीय मोर्चे का गठन करने में असमर्थ रहे।
2. नाना साहब, बेगम हजरत महल और रानी लक्ष्मीबाई जैसे प्रमुख नेताओं के मध्य किसी भी प्रकार के केंद्रीय उच्च कमान (Central Command), एकीकृत सैन्य रणनीति और दूरदर्शी राजनीतिक योजना का पूर्ण अभाव था।
3. विद्रोहियों के पास आधुनिक संचार साधनों, रेलमार्गों और टेलीग्राफ प्रणाली का नियंत्रण होने के बावजूद प्रशिक्षित सैन्य नेतृत्वकर्ताओं के अभाव के कारण वे अंग्रेजों की सामरिक चालों का मुकाबला करने में विफल रहे।
4. देश का अधिकांश शिक्षित मध्यम वर्ग, आधुनिक बुद्धिजीवी और बड़े व्यापारी वर्ग ने ब्रिटिश शासन द्वारा लाए गए आधुनिकीकरण, कानून के शासन और शांति बहाली के समर्थन में इस विद्रोह से दूरी बनाए रखी या इसका विरोध किया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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1857 के महान विद्रोह के स्वरूप और उसके मूल्यांकन से संबंधित विभिन्न इतिहासकारों के कथनों के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. "यह तथाकथित प्रथम राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम न तो प्रथम, न ही राष्ट्रीय और न ही स्वतंत्रता संग्राम था।" — आर. सी. मजूमदार
2. "यह सुनियोजित राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम था और इसे ब्रिटिश साम्राज्य के विरुद्ध एक संगठित युद्ध कहा जा सकता है।" — वी. डी. सावरकर
3. "यह केवल एक सिपाही विद्रोह था, जो ब्रिटिश शासन के विरुद्ध नस्लीय अहंकार और कुशासन का परिणाम मात्र था।" — सर जॉन सीले
4. "यह धर्म का युद्ध था, जो बर्बरता और सभ्यता के बीच संघर्ष के रूप में लड़ा गया था।" — टी. आर. होम्स
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं?
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मुगल काल में "खुलासत-उत-तवारीख" के लेखक कौन हैं?
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महाभारत का फारसी अनुवाद "रज़्मनामा" किसके निर्देशन में किया गया था?
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