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History of India
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फिरोज शाह तुगलक की मृत्यु किस वर्ष हुई थी?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
फिरोज शाह तुगलक की मृत्यु 1388 ई. में हुई थी।
Related Questions
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सविनय अवज्ञा आंदोलन के प्रथम चरण, गांधी-इरविन समझौते और कराची अधिवेशन (1931) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मार्च 1931 में संपन्न गांधी-इरविन समझौते के तहत ब्रिटिश सरकार ने सविनय अवज्ञा आंदोलन के दौरान हिंसा के आरोपियों को छोड़कर सभी राजनीतिक बंदियों को रिहा करने और जब्त की गई संपत्ति को वापस करने की शर्त स्वीकार की थी, किंतु भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु की फांसी की सजा को माफ करने की गांधीजी की मांग को औपचारिक रूप से अस्वीकार कर दिया गया था।
2. मार्च 1931 में आयोजित भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कराची अधिवेशन की अध्यक्षता सरदार वल्लभभाई पटेल ने की थी, इसी अधिवेशन में कांग्रेस ने गांधी-इरविन समझौते का समर्थन किया और पहली बार 'मौलिक अधिकार तथा राष्ट्रीय आर्थिक कार्यक्रम' पर ऐतिहासिक प्रस्ताव पारित किया।
3. गांधी-इरविन समझौते की शर्तों के अनुसार कांग्रेस ने सविनय अवज्ञा आंदोलन को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया और महात्मा गांधी ने कांग्रेस के एकमात्र आधिकारिक प्रतिनिधि के रूप में लंदन में आयोजित प्रथम गोलमेज सम्मेलन में भाग लेने की स्वीकृति दी थी।
4. कराची अधिवेशन में ही युवा राष्ट्रवादियों के भारी विरोध के बावजूद महात्मा गांधी ने कहा था कि "गांधी मर सकता है, परंतु गांधीवाद हमेशा जीवित रहेगा," और उन्होंने पूर्ण स्वराज के प्रस्ताव को त्यागकर डोमिनियन स्टेटस के लक्ष्य को स्वीकार कर लिया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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वर्ष 1857 के विद्रोह के दौरान दिल्ली में सत्ता के वास्तविक स्वरूप और मुगल सम्राट बहादुर शाह जफर की भूमिका के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मेरठ के सिपाहियों द्वारा दिल्ली पर अधिकार करने के बाद मुगल सम्राट बहादुर शाह जफर को अनिच्छा के बावजूद भारत का 'शहंशाह-ए-हिंदुस्तान' घोषित किया गया था, और उन्होंने इस विप्लव को वैधानिकता प्रदान करने में प्रतीकात्मक रूप से केंद्रीय भूमिका निभाई।
2. दिल्ली में विद्रोहियों का दैनिक सैन्य और प्रशासनिक नियंत्रण एक 'कोर्ट ऑफ एडमिनिस्ट्रेटर्स' (Court of Administrators) के हाथों में था, जिसमें मुख्य रूप से सैनिक और नागरिक प्रतिनिधि शामिल थे, तथा सम्राट जफर इस संस्था के निर्णयों को अपनी इच्छा से पलटने की असीमित शक्ति रखते थे।
3. दिल्ली में अंग्रेजी सेना के पुनरधिकार अभियान के दौरान ब्रिटिश सेना का नेतृत्व करने वाले जनरल जॉन निकलसन कश्मीरी गेट पर संघर्ष के दौरान गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिसके परिणामस्वरूप अंततः उनकी मृत्यु हो गई थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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वैदिक सभ्यता और वैदिक साहित्य के विभिन्न पक्षों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ऋग्वैदिक काल में 'गोत्र' शब्द का मूल अर्थ 'गोष्ठ' या वह स्थान था जहाँ संपूर्ण कुल या जन का गोधन (गाय) संयुक्त रूप से पाला या सुरक्षित रखा जाता था, जो बाद में एक भौगोलिक और अंततः रक्त-संबंधी संस्था के रूप में विकसित हुआ।
2. शतपथ ब्राह्मण में कृषि की चारों प्रमुख क्रियाओं — जुताई (कर्षण), बुवाई (वपन), कटाई (लवन) और मड़ाई (मर्दन) — का विस्तृत उल्लेख मिलता है, तथा इसी ग्रंथ में विदेह माधव की कथा के माध्यम से आर्यों के सदाानीरा (गंडक) नदी तक पूर्व की ओर विस्तार का विवरण प्राप्त होता है।
3. ऋग्वेद में वर्णित 'दशराज युद्ध' (दस राजाओं का युद्ध) पुरुष्णी (वर्तमान रावी) नदी के तट पर लड़ा गया था, जिसमें भरत कुल के राजा सुदास ने त्रत्सु और अन्य दस जनजातियों के संघ को पराजित किया था, और इस युद्ध का मुख्य कारण पुरोहित पद से विश्वामित्र को हटाकर वशिष्ठ को नियुक्त करना था।
4. वैदिक साहित्य के अंतर्गत 'वेदांगों' की कुल संख्या छह है, जिन्हें 'वेद के अंग' कहा जाता है, और इनमें शिक्षा, कल्प, व्याकरण, निरुक्त, छंद और ज्योतिष शामिल हैं, जिनकी रचना मुख्य रूप से गद्य रूप में 'सूत्र' शैली में की गई है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारतीय स्वतंत्रता और देश के विभाजन के संदर्भ में माउंटबेटन योजना (3 जून 1947) और उससे संबंधित प्रावधानों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. माउंटबेटन योजना के तहत यह निर्धारित किया गया कि बंगाल और पंजाब की प्रांतीय विधानसभाओं की बैठकें दो भागों में होंगी—एक मुस्लिम बहुसंख्यक जिलों के प्रतिनिधियों के लिए और दूसरी शेष जिलों के प्रतिनिधियों के लिए—ताकि यह तय किया जा सके कि प्रांतों का विभाजन किया जाए या नहीं।
2. इस योजना के अंतर्गत उत्तर-पश्चिम सीमा प्रांत (NWFP) और असम के सिलहट जिले में भारत या पाकिस्तान में शामिल होने का निर्णय लेने के लिए जनमत संग्रह (Referendum) कराने का प्रावधान किया गया था।
3. योजना के अनुसार ब्रिटिश भारत को दो स्वतंत्र प्रभुसत्ताओं (Dominions) - भारत और पाकिस्तान में विभाजित करने की तिथि 15 अगस्त 1947 निर्धारित की गई थी, और सत्ता हस्तांतरण के लिए भारत के संविधान सभा को संप्रभु घोषित किया गया।
4. माउंटबेटन योजना में यह भी प्रावधान था कि रियासतों (Princely States) के पास यह पूरी स्वतंत्रता होगी कि वे चाहें तो भारत या पाकिस्तान में शामिल हो जाएं, अथवा ब्रिटिश क्राउन के अधीन एक स्वतंत्र राज्य के रूप में अपना अस्तित्व बनाए रखें।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मराठा प्रशासन में पत्राचार विभाग के प्रमुख को क्या कहा जाता था?
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