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History of India
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फिरोज शाह तुगलक के समय "इक्ता" प्रणाली की क्या स्थिति थी?

Detailed Explanation

फिरोज तुगलक ने इक्ता को वंशानुगत बना दिया था।
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→ मौर्य साम्राज्य की केंद्रीय और प्रांतीय प्रशासनिक व्यवस्था के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मौर्य प्रशासन में 'तीर्थ' कहे जाने वाले सर्वोच्च अधिकारियों या मंत्रियों की संख्या अठारह थी, जिनमें 'समाहर्ता' का मुख्य कार्य संपूर्ण साम्राज्य में कर निर्धारण, आय-व्यय का विवरण तैयार करना और वार्षिक बजट बनाना था, जबकि 'संनिधात' राजकीय कोषागार और भंडारगृह का मुख्य संरक्षक होता था। 2. अशोक के शासनकाल में प्रांतीय प्रशासन का विभाजन कई चक्रों या प्रान्तों में किया गया था, जिनके प्रशासनिक प्रमुख के रूप में 'कुमार' या 'आर्यपुत्र' (शाही परिवार के सदस्य) नियुक्त होते थे, और तक्षशिला तथा उज्जैन के विद्रोहों को दबाने के लिए बिंदुसार के शासनकाल में अशोक को तक्षशिला भेजा गया था। 3. मेगास्थनीज द्वारा 'इंडिका' में वर्णित नगर प्रशासन की समिति प्रणाली के अनुसार, पाटलिपुत्र नगर का प्रशासन तीस सदस्यों की एक नगर परिषद द्वारा चलाया जाता था, जिसे छह उप-समितियों (प्रत्येक में पाँच सदस्य) में विभाजित किया गया था जो शिल्पकारों के निरीक्षण, विदेशियों की देखरेख, और बिक्री कर की वसूली जैसे कार्य करती थीं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? → वर्ष 1857 के विद्रोह के आर्थिक कारणों और ब्रिटिश औपनिवेशिक नीतियों के प्रभावों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ब्रिटिश भू-राजस्व प्रणालियों (स्थाई बंदोबस्त, रैयतवाड़ी और महालवाड़ी) ने पारंपरिक ग्रामीण अर्थव्यवस्था को पूरी तरह से विखंडित कर दिया, जिसके परिणामस्वरूप कृषक वर्ग भारी कर्ज के जाल में फंस गया और महाजनों तथा साहूकारों का प्रभाव अत्यधिक बढ़ गया। 2. ब्रिटेन से सस्ते मशीनी कपड़ों और औद्योगिक वस्तुओं के भारी आयात ने भारत के पारंपरिक हस्तशिल्प और हथकरघा उद्योगों को पूरी तरह तबाह कर दिया, जिससे लाखों कारीगर और बुनकर बेरोजगार होकर कृषि पर आश्रित होने के लिए विवश हो गए। 3. ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा अपनाई गई मुक्त व्यापार नीति और एकतरफा शुल्क व्यवस्था (Free Trade Policy) के कारण पारंपरिक भारतीय विनिर्मित वस्तुओं का निर्यात ब्रिटिश बाजारों में पूरी तरह से शुल्क-मुक्त हो गया, जिससे भारतीय व्यापारिक हितों को ऐतिहासिक लाभ प्राप्त हुआ। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? → अगस्त 1942 के 'भारत छोड़ो आंदोलन' और सुभाष चंद्र बोस द्वारा गठित 'आज़ाद हिंद फौज' (INA) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान कांग्रेस के शीर्ष नेताओं की गिरफ्तारी के बाद अरुणा आसफ अली ने बंबई के गोवालिया टैंक मैदान में कांग्रेस का झंडा फहराया था, जबकि उषा मेहता ने भूमिगत कांग्रेस रेडियो का सफल संचालन किया था। 2. जापान की सहायता से गठित 'आज़ाद हिंद फौज' की प्रथम बटालियन का गठन कैप्टन मोहन सिंह के नेतृत्व में किया गया था, और बाद में सुभाष चंद्र बोस ने सिंगापुर में 'आज़ाद हिंद सरकार' (Arzi Hukumat-e-Azad Hind) की स्थापना की थी। 3. सुभाष चंद्र बोस ने सिंगापुर से ही महात्मा गांधी के नाम अपने एक रेडियो प्रसारण में उन्हें 'राष्ट्रपिता' (Father of the Nation) कहकर संबोधित किया था और आज़ाद हिंद फौज के सैन्य अभियानों के लिए उनका आशीर्वाद मांगा था। 4. भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान देश के कई हिस्सों में समानांतर सरकारों (Parallel Governments) की स्थापना की गई थी, जिनमें बलिया में चित्तू पांडेय के नेतृत्व में, सतारा में 'प्रति सरकार' (यशवंतराव चव्हाण) और ताम्रलिप्ती में 'जातीय सरकार' का गठन शामिल था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान कानपुर में विद्रोही गतिविधियों के संचालन तथा नाना साहब, तात्या टोपे और अजीमुल्ला खां की भूमिका के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. कानपुर में 5 जून 1857 को विद्रोह का नेतृत्व संभालते हुए नाना साहब ने स्वयं को पेशवा बाजीराव द्वितीय का दत्तक पुत्र घोषित कर ब्रिटिश सत्ता को चुनौती दी और ब्रिटिश कमांडर सर ह्यू व्हीलर की सेना को आत्मसमर्पण करने के लिए विवश किया। 2. नाना साहब के मुख्य राजनीतिक सलाहकार और उनके विदेशी मामलों के सचिव अजीमुल्ला खां थे, जिन्होंने इस विद्रोह के पक्ष में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समर्थन जुटाने के लिए लंदन तक गुप्त कूटनीतिक प्रयास किए थे। 3. तात्या टोपे ने कानपुर के पतन के उपरांत रानी लक्ष्मीबाई के साथ मिलकर ग्वालियर और कालपी के क्षेत्रों में अंग्रेजों के विरुद्ध अत्यंत प्रभावशाली छापामार युद्ध का संचालन किया था, तथा अंत में उन्हें ब्रिटिश अधिकारियों द्वारा शिवपुरी में खुलेआम फांसी पर लटका दिया गया था। 4. कानपुर में अंग्रेजों के आत्मसमर्पण के समय घटी 'सती चौरा घाट नरसंहार' की घटना के तुरंत पश्चात नाना साहब ने आत्मसमर्पण कर दिया था और ब्रिटिश अदालत में मुकदमा चलाए जाने के बाद उन्हें अंडमान (सेलुलर जेल) आजीवन कारावास के लिए भेज दिया गया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → तुगलक कालीन इमारतों की मुख्य विशेषता क्या थी?
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