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आवर्त सारणी के तत्वों के विभिन्न प्रायोगिक गुणों (Periodic Properties) और उनके अंतर-संबंधों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. किसी उदासीन गैसीय परमाणु द्वारा एक इलेक्ट्रॉन ग्रहण करने पर उत्सर्जित या अवशोषित ऊर्जा को इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी (Electron Gain Enthalpy) कहा जाता है, और आवर्त सारणी में क्लोरीन की इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी का ऋणात्मक मान फ्लोरीन की तुलना में अधिक होता है।
- 2. पॉलिंग (Pauling) पैमाने के अनुसार, विद्युत ऋणात्मकता (Electronegativity) एक आवर्ती गुण है जो किसी आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर बढ़ती है, और संपूर्ण आवर्त सारणी में ऑक्सीजन की विद्युत ऋणात्मकता सबसे अधिक होती है।
- 3. आयनन एन्थैल्पी (Ionization Enthalpy) का मान हमेशा धनात्मक होता है क्योंकि किसी परमाणु से इलेक्ट्रॉन को बाहर निकालने के लिए नाभिक के आकर्षण बल के विरुद्ध कार्य करना पड़ता है, और किसी आवर्त में यह मान क्षारीय धातुओं के लिए न्यूनतम तथा उत्कृष्ट गैसों के लिए अधिकतम होता है।
- 4. लैंथेनाइड संकुचन (Lanthanide Contraction) के कारण, 5d संक्रमण श्रेणी के तत्वों (जैसे हाफनियम) की परमाणु त्रिज्याएँ लगभग अपने ठीक ऊपर स्थित 4d श्रेणी के तत्वों (जैसे जिरकोनीियम) के लगभग बराबर हो जाती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि फ्लोरीन का आकार बहुत छोटा होने के कारण आने वाले इलेक्ट्रॉन के साथ अंतः-इलेक्ट्रॉनिक प्रतिकर्षण बढ़ जाता है, जिससे फ्लोरीन की इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी का ऋणात्मक मान क्लोरीन से कम होता है। कथन 2 गलत है क्योंकि संपूर्ण आवर्त सारणी में सबसे अधिक विद्युत ऋणात्मकता फ्लोरीन (4.0) की होती है, न कि ऑक्सीजन की। कथन 3 सही है क्योंकि इलेक्ट्रॉन निकालने के लिए ऊर्जा देनी पड़ती है, अतः आयनन एन्थैल्पी हमेशा ऊष्माशोषी (Endothermic) यानी धनात्मक होती है, और यह क्षारीय धातुओं के लिए न्यूनतम तथा नोबल गैसों के लिए अधिकतम होती है। कथन 4 सही है, जिसे विकिपीडिया संदर्भ के माध्यम से आवर्त सारणी के तत्वों के गुणों में समझा जा सकता है; f-ब्लॉक के इलेक्ट्रॉनों के दुर्बल आवरण प्रभाव के कारण लैंथेनाइड संकुचन होता है, जिससे 4d और 5d तत्वों की त्रिज्याएँ लगभग समान हो जाती हैं।
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आधुनिक आवर्त सारणी और तत्वों के रासायनिक गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों…
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Related Questions
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मानव शरीर को प्रभावित करने वाले विभिन्न संक्रामक और गैर-संक्रामक रोगों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'टिटनेस' (Tetanus) एक जीवाणु जनित रोग है जो 'क्लॉस्ट्रिडियम टेटानी' (Clostridium tetani) के बीजाणुओं द्वारा होता है, और इसके विषैले टॉक्सिन केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करते हैं जिसके कारण कंकाल पेशियों में गंभीर और दर्दनाक ऐंठन उत्पन्न होती है।
2. 'एड्स' (AIDS) का कारण बनने वाला एचआईवी (HIV) एक रेट्रोवाइरस है, जो शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली के मुख्य रूप से CD4+ T-लिम्फोसाइट्स को संक्रमित कर नष्ट करता है, जिससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता अत्यधिक क्षीण हो जाती है।
3. 'मलेरिया' परजीवी का जीवन चक्र केवल मादा एनोफ़ेलीज मच्छर के शरीर के भीतर ही पूर्ण होता है, और मनुष्य में इसका संक्रमण तब होता है जब मच्छर द्वारा स्वस्थ व्यक्ति को काटा जाता है ताकि परजीवी सीधे रक्त में प्रवेश कर सकें।
4. 'क्षय रोग' (Tuberculosis) एक वायुजनित जीवाणु संक्रमण है जो 'माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस' के कारण होता है, और इसके उपचार के लिए 'डॉट्ज़' (DOTS) प्रणाली के अंतर्गत एंटीबायोटिक औषधियों का एक निश्चित पाठ्यक्रम चलाया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मानव रक्त परिसंचरण तंत्र और रक्त समूहों (Blood Groups) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. रक्त समूह 'O' को 'सर्वत्र दाता' (Universal Donor) माना जाता है क्योंकि इसकी लाल रक्त कोशिकाओं (RBC) की सतह पर एंटीजन 'A' और एंटीजन 'B' दोनों अनुपस्थित होते हैं, जिससे यह किसी भी ग्राही के प्लाज्मा में मौजूद एंटीबॉडी के साथ प्रतिक्रिया नहीं करता है।
2. एरिथ्रोब्लास्टोसिस फिटेलिस (Erythroblastosis fetalis) की समस्या तब उत्पन्न होती है जब एक Rh-धनात्मक (Rh+) पिता और Rh-ऋणात्मक (Rh-) माता की संतान Rh-धनात्मक होती है, और यह जटिलता पहली गर्भावस्था के दौरान ही प्लेसेंटा के माध्यम से गंभीर रूप से प्रकट हो जाती है।
3. रक्त का थक्का जमने की प्रक्रिया (Blood Coagulation) में, फाइब्रिनोजेन को अघुलनशील फाइब्रिन तंतुओं में बदलने के लिए उत्तरदायी एंजाइम 'थ्रोम्बिन' का सक्रिय रूप प्रोथ्रोम्बिनएज नामक एंजाइम कॉम्प्लेक्स द्वारा उत्प्रेरित होता है।
4. मानव शरीर में एबीओ (ABO) रक्त समूह की वंशागति सह-प्रभाविता (Co-dominance) और बहुयुग्मविकल्पी (Multiple Allelism) का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसमें एलील $I^A$ और $I^B$ दोनों एक साथ होने पर अपने-अपने लक्षणों को समान रूप से प्रदर्शित करते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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कृत्रिम उपग्रहों की गति और गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी भू-स्थिर उपग्रह (Geostationary Satellite) की परिक्रमण अवधि ठीक 24 घंटे होती है, और इसे स्थापित करने के लिए पृथ्वी की सतह से इसकी कक्षीय ऊँचाई लगभग 36,000 किमी होती है, तथा यह विषुवत वृत्त के ठीक ऊपर पश्चिम से पूर्व की ओर परिक्रमण करता है।
2. यदि कोई उपग्रह किसी दीर्घवृत्ताकार कक्षा (Elliptical Orbit) में पृथ्वी की परिक्रमा कर रहा है, तो पृथ्वी के निकटतम बिंदु (उपभू या Perigee) पर उसकी कक्षीय चाल न्यूनतम होती है, जबकि दूरस्थ बिंदु (अपभू या Apogee) पर उसकी चाल अधिकतम होती है।
3. भारहीनता की स्थिति (Weightlessness) में अंतरिक्ष यात्री और उपग्रह दोनों एक ही समान गुरुत्वीय त्वरण के साथ पृथ्वी की ओर स्वतंत्र रूप से गिर रहे होते हैं (Free Fall), जिसके कारण अंतरिक्ष यात्री को किसी भी प्रकार के संपर्क बल का अनुभव नहीं होता है।
4. ध्रुवीय उपग्रह (Polar Satellite) उत्तर-दक्षिण दिशा में ध्रुवों के ऊपर से पृथ्वी की परिक्रमा करते हैं, और इनकी कक्षीय ऊँचाई बहुत कम (लगभग 500 से 800 किमी) होती है, जिसके कारण ये पूरे ग्रह की रिमोट सेंसिंग और मौसम संबंधी निगरानी करने में सक्षम होते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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विद्युत धारा, प्रतिरोध और सर्किट के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी धात्विक चालक का विशिष्ट प्रतिरोध (प्रतिरोधकता) उसके तापमान पर निर्भर करता है, और शुद्ध धातुओं के लिए तापमान में वृद्धि होने पर उनकी प्रतिरोधकता रैखिक रूप से बढ़ती है।
2. जब दो या दो से अधिक प्रतिरोधकों को समांतर क्रम (Parallel combination) में जोड़ा जाता है, तो संयोजन का कुल समतुल्य प्रतिरोध परिपथ के सबसे छोटे व्यक्तिगत प्रतिरोधक के मान से भी कम होता है।
3. किर्चऑफ़ का द्वितीय नियम (वोल्टेज नियम या KVL) ऊर्जा संरक्षण के नियम पर आधारित है, जिसके अनुसार किसी बंद विद्युत परिपथ (Loop) में कुल विभवांतरों और प्रेरित विद्युत वाहक बलों का बीजगणितीय योग शून्य होता है।
4. किसी विद्युत सेल का आंतरिक प्रतिरोध (Internal Resistance) उसके टर्मिनलों के बीच के विभवांतर को बढ़ाने का कार्य करता है, चाहे सेल से कोई भी विद्युत धारा प्रवाहित हो रही हो।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पादप जगत के वर्गीकरण, प्रकाश संश्लेषण के तंत्र और पादप हार्मोन्स की क्रियाविधि के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ब्रायोफाइट्स को पादप जगत का 'उभयचर' कहा जाता है क्योंकि ये मृदा में उगते हैं किंतु लैंगिक जनन के लिए जल की उपस्थिति अनिवार्य होती है, और इनमें मुख्य पादप शरीर गेमेटोफाइट (युग्मकोद्भिद्) होता है जो बीजाणुद्भिद (स्पोरोफाइट) पर पोषण के लिए आंशिक रूप से निर्भर रहता है।
2. C3 पौधों की तुलना में C4 पौधों में प्रकाश श्वसन (Photorespiration) की दर नगण्य होती है, जिसका मुख्य कारण यह है कि उनमें रुबिको (RuBisCO) एंजाइम बंडल शीथ कोशिकाओं में उच्च सांद्रता में पाया जाता है जहाँ कार्बन डाइऑक्साइड का सांद्रण मैलिक अम्ल के डीकार्बोक्सिलेशन द्वारा बढ़ जाता है।
3. ऑक्सिन (जैसे IAA) त्रेपोट्रॉपिज्म और फोटोट्रॉपिज्म की क्रियाओं को नियंत्रित करता है, जहाँ प्रकाश के विपरीत दिशा में ऑक्सिन का पार्श्व वितरण अधिक हो जाने के कारण त्रेपोट्रॉपिक वक्रता उत्पन्न होती है, जिसे डार्विन और उनके पुत्र द्वारा कैनरी ग्रास के कोलियोप्टाइल पर किए गए प्रयोगों से समझा गया था।
4. जिबरेलिन (Gibberellin) आनुवंशिक रूप से बौने पौधों में internode (पर्वान्तर) के दीर्घीकरण को प्रेरित करके उनकी लंबाई बढ़ाते हैं, और ये बीज अंकुरण के दौरान एल्यूरोन परत पर प्रभाव डालकर अल्फा-एमाइलेज जैसे हाइड्रोलिटिक एंजाइमों के संश्लेषण को उत्प्रेरित करते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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कोशिका का ऊर्जा गृह किसे कहा जाता है?
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