General Science
Asked 3 hours ago · Viewed 0 times
विलयन के अणुसंख्यक गुणधर्मों (Colligative Properties) और उत्प्रेरण (Catalysis) की क्रियाविधि के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. किसी विलायक में अवाष्पशील विलेय मिलाने पर उसके वाष्प दाब में होने वाला आपेक्षिक अवनमन विलेय के मोल अंश (Mole fraction) के बराबर होता है, और यह राउल्ट के नियम का सीधे तौर पर पालन करता है।
- 2. क्वथनांक में उन्नयन ($ΔT_b$) और हिमांक में अवनमन ($ΔT_f$) दोनों ही अणुसंख्यक गुणधर्म हैं जो विलेय की प्रकृति और उसके आकार पर निर्भर करते हैं, न कि विलयन में उपस्थित कणों की कुल संख्या (मोललता) पर।
- 3. समांगी उत्प्रेरण (Homogenous Catalysis) में उत्प्रेरकों और अभिकारकों की भौतिक अवस्था (Phase) समान होती है, जबकि विषमांगी उत्प्रेरण में उत्प्रेरकों और अभिकारकों की भौतिक अवस्थाएँ भिन्न होती हैं, जहाँ ठोस उत्प्रेरक की सतह पर अभिकारकों का अधिशोषण (Adsorption) मुख्य भूमिका निभाता है।
- 4. एन्जाइम उत्प्रेरण (Enzyme Catalysis) अत्यधिक विशिष्ट और उच्च दक्षता वाले होते हैं, जो ताला-कुंजी (Lock and Key) मॉडल के अनुसार विशिष्ट सबस्ट्रेट अणुओं के साथ जुड़कर सक्रियण ऊर्जा को कम करते हैं और तापमान तथा pH में मामूली बदलाव के प्रति अतिसंवेदनशील होते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि राउल्ट के नियम के अनुसार, किसी अवाष्पशील विलेय युक्त विलयन के लिए वाष्प दाब का आपेक्षिक अवनमन विलेय के मोल अंश के बराबर होता है। कथन 2 गलत है क्योंकि क्वथनांक में उन्नयन और हिमांक में अवनमन अणुसंख्यक गुणधर्म हैं जो विलेय के कणों की कुल संख्या (अर्थात विलयन की मोललता) पर निर्भर करते हैं, न कि विलेय की रासायनिक प्रकृति या आकार पर। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखा जा सकता है। कथन 3 सही है, समांगी उत्प्रेरण में अभिकारक और उत्प्रेरक एक ही प्रावस्था में होते हैं जबकि विषमांगी उत्प्रेरण में वे भिन्न प्रावस्था में होते हैं जहाँ अधिशोषण की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होती है। कथन 4 सही है, एन्जाइम उत्प्रेरण अत्यधिक विशिष्ट होते हैं जो सक्रियण ऊर्जा को घटाकर अभिक्रिया की दर बढ़ाते हैं और ये ताला-कुंजी मॉडल के अनुरूप कार्य करते हैं।
अगला प्रश्न →
विद्युत चुंबकीय प्रेरण और चुम्बकत्व के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार…
← पिछला प्रश्न
धातुओं, अधातुओं और उनके प्रमुख यौगिकों के रासायनिक तथा…
Related Questions
→
हार्डी-वेनबर्ग साम्यावस्था (Hardy-Weinberg Equilibrium) और जैव विकास के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हार्डी-वेनबर्ग सिद्धांत के अनुसार, एक बड़ी यादृच्छिक संगामी (random-mating) जनसंख्या में अलील आवृत्तियाँ (Allele frequencies) पीढ़ियों तक स्थिर रहती हैं, बशर्ते उस पर उत्परिवर्तन, प्राकृतिक चयन, आनुवंशिक विचलन या जीन प्रवाह जैसे विकासवादी कारक प्रभावी न हों।
2. यदि किसी द्विगुणित जनसंख्या में एक निश्चित जीन के दो अलील 'A' और 'a' हैं जिनकी आवृत्तियाँ क्रमशः $p$ और $q$ हैं, तो हार्डी-वेनबर्ग समीकरण के अनुसार समरूपी प्रभावी (Homozygous dominant) जीनोटाइप की आवृत्ति $p^2$, विषमयुग्मजी की $2pq$ और समरूपी अप्रभावी की $q^2$ होती है, जहाँ $p + q = 1$ और $p^2 + 2pq + q^2 = 1$ होता है।
3. आनुवंशिक विचलन (Genetic Drift) मुख्य रूप से बड़ी जनसंख्याओं में अधिक प्रभावशीलता से काम करता है, जो यादृच्छिक संयोग के कारण अलील आवृत्तियों में तीव्र और दिशाहीन परिवर्तन उत्पन्न करता है, जिससे 'फाउंडर इफेक्ट' जैसी स्थितियाँ उत्पन्न होती हैं।
4. प्राकृतिक चयन (Natural Selection) के विभिन्न प्रकारों में, 'दिशामक चयन' (Directional Selection) जनसंख्या को एक विशिष्ट चरम फेनोटाइप के पक्ष में बदल देता है, जबकि 'स्थिरकारी चयन' (Stabilizing Selection) औसत फेनोटाइप को प्राथमिकता देता है और चरम विविधताओं को कम करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
कार्बनिक रसायन में हाइड्रोकार्बन और ईंधन की संरचना तथा उनके गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. एल्केन्स (Alkanes) संतृप्त हाइड्रोकार्बन हैं जिनमें कार्बन-कार्बन एकल बंध पाए जाते हैं, और इनमें सभी कार्बन परमाणु $sp^3$ संकरित होते हैं, जिसके कारण इनकी आणविक ज्यामिति tetrahedral (चतुष्फलकीय) होती है।
2. 'ऑक्टेन संख्या' (Octane Number) विमानन ईंधनों (Jet Fuels) की गुणवत्ता को मापने का मानक है, जिसमें उच्च ऑक्टेन संख्या वाले ईंधन में 'नॉक-मुक्त' (Knocking-free) दहन की क्षमता अधिक होती है, और इसके लिए हेप्टेन को 100 तथा आइसो-ऑक्टेन को 0 अंक दिया जाता है।
3. एल्काइन्स (Alkynes) में कार्बन-कार्बन त्रिबंध (Triple bond) होता है, जिसमें एक सिग्मा ($σ$) और दो पाई ($π$) बंध होते हैं, और त्रिबंध से जुड़े कार्बन परमाणु $sp$ संकरित होते हैं जिनकी ज्यामिति रेखीय (Linear) होती है।
4. द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG) मुख्य रूप से प्रोपेन और ब्यूटेन का मिश्रण होती है, जिसमें सुरक्षा की दृष्टि से गंध के लिए 'एथिल मर्कैप्टेन' ($C_2H_5SH$) मिलाया जाता है ताकि रिसाव होने पर आसानी से पहचान हो सके।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
सुकेन्द्रकी (Eukaryotic) कोशिकाओं के कोशिकांगों और कोशिका विभाजन की प्रक्रियाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. सूत्रकणिका (Mitochondria) और हरित लवक (Chloroplast) दोनों ही अर्ध-स्वायत्त (Semi-autonomous) कोशिकांग हैं जिनमें उनके स्वयं के परिपत्र (Circular) डीएनए, 70S प्रकार के राइबोसोम होते हैं, और ये अंतःसहसंबोधी (Endosymbiotic) सिद्धांत के समर्थन में प्रमाण प्रस्तुत करते हैं।
2. समसूत्री विभाजन (Mitosis) की पश्च अवस्था (Anaphase) के दौरान, गुणसूत्रों के सेंट्रोमियर विभाजित होते हैं और姊妹 क्रोमैटिड (Sister Chromatids) अलग होकर विपरीत ध्रुवों की ओर गति करते हैं, जिससे प्रत्येक ध्रुव पर पहुँचने वाले गुणसूत्रों की संख्या मूल कोशिका की आधी हो जाती है।
3. अर्धसूत्री विभाजन-I (Meiosis-I) की पैकीटीन (Pachytene) उप-अवस्था में 'रिकॉम्बिनेज' एंजाइम की सहायता से गैर-सिस्टर क्रोमैटिड्स के बीच आनुवंशिक सामग्री का विनिमय (Crossing over) होता है, जो आनुवंशिक विविधता के लिए उत्तरदायी है।
4. पादप कोशिकाओं में कोशिका विभाजन के समय कोशिका द्रव्य का विभाजन (Cytokinesis) सेल प्लेट (Cell plate) के निर्माण द्वारा होता है, जिसका निर्माण मुख्य रूप से गॉल्जीकाय से निकलने वाले पुटिकाओं (Vesicles) के संलयन से होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
विद्युत धारा, प्रतिरोध और विभिन्न परिपथ घटकों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी धात्विक चालक का विद्युत प्रतिरोध तापमान बढ़ने पर बढ़ता है क्योंकि ताप वृद्धि से इलेक्ट्रॉनों की औसत गतिशीलता बढ़ जाती है और आयनों के साथ उनकी संघट्ट (Collision) आवृत्ति में भी वृद्धि होती है।
2. किर्चऑफ़ का द्वितीय नियम (लूप नियम या KVL) ऊर्जा संरक्षण के नियम पर आधारित है, जिसके अनुसार किसी बंद विद्युत परिपथ के चारों ओर सभी विभवांतरों (वोल्टेज) का बीजगणितीय योग शून्य होता है।
3. जब दो या दो से अधिक प्रतिरोधकों को श्रेणी क्रम (Series Combination) में जोड़ा जाता है, तो संयोजन का कुल समतुल्य प्रतिरोध परिपथ के सबसे छोटे व्यक्तिगत प्रतिरोधक के मान से भी कम होता है।
4. अतिचालकता (Superconductivity) प्रदर्शित करने वाले कुछ पदार्थों का प्रतिरोध एक निश्चित क्रांतिक तापमान ($T_c$) से नीचे अचानक शून्य हो जाता है, और ऐसे पदार्थों के भीतर चुंबकीय क्षेत्र शून्य हो जाता है जिसे 'मीस्नर प्रभाव' कहते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
पादप जगत के वर्गीकरण, प्रकाश संश्लेषण के तंत्र और पादप हार्मोन्स की क्रियाविधि के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ब्रायोफाइट्स को पादप जगत का 'उभयचर' कहा जाता है क्योंकि ये मृदा में उगते हैं किंतु लैंगिक जनन के लिए जल की उपस्थिति अनिवार्य होती है, और इनमें मुख्य पादप शरीर गेमेटोफाइट (युग्मकोद्भिद्) होता है जो बीजाणुद्भिद (स्पोरोफाइट) पर पोषण के लिए आंशिक रूप से निर्भर रहता है।
2. C3 पौधों की तुलना में C4 पौधों में प्रकाश श्वसन (Photorespiration) की दर नगण्य होती है, जिसका मुख्य कारण यह है कि उनमें रुबिको (RuBisCO) एंजाइम बंडल शीथ कोशिकाओं में उच्च सांद्रता में पाया जाता है जहाँ कार्बन डाइऑक्साइड का सांद्रण मैलिक अम्ल के डीकार्बोक्सिलेशन द्वारा बढ़ जाता है।
3. ऑक्सिन (जैसे IAA) त्रेपोट्रॉपिज्म और फोटोट्रॉपिज्म की क्रियाओं को नियंत्रित करता है, जहाँ प्रकाश के विपरीत दिशा में ऑक्सिन का पार्श्व वितरण अधिक हो जाने के कारण त्रेपोट्रॉपिक वक्रता उत्पन्न होती है, जिसे डार्विन और उनके पुत्र द्वारा कैनरी ग्रास के कोलियोप्टाइल पर किए गए प्रयोगों से समझा गया था।
4. जिबरेलिन (Gibberellin) आनुवंशिक रूप से बौने पौधों में internode (पर्वान्तर) के दीर्घीकरण को प्रेरित करके उनकी लंबाई बढ़ाते हैं, और ये बीज अंकुरण के दौरान एल्यूरोन परत पर प्रभाव डालकर अल्फा-एमाइलेज जैसे हाइड्रोलिटिक एंजाइमों के संश्लेषण को उत्प्रेरित करते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
कोशिका का ऊर्जा गृह किसे कहा जाता है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.