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History of India
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सल्तनत काल का वह सुल्तान कौन था जिसने सर्वाधिक 300 नए नगरों की स्थापना की थी?

Detailed Explanation

फिरोज तुगलक ने हिसार, फिरोजाबाद आदि समेत 300 नगर बसाए।
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→ ब्रिटिश शासनकाल में लागू की गई विभिन्न भू-राजस्व प्रणालियों—स्थाई बंदोबस्त, रयतवारी और महालवारी—के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. स्थाई बंदोबस्त (Permanent Settlement) के तहत भू-राजस्व की दर को जमींदारों के लिए स्थायी रूप से निश्चित कर दिया गया था, लेकिन कुल वसूले गए राजस्व का लगभग 89 प्रतिशत हिस्सा ईस्ट इंडिया कंपनी को तथा मात्र 11 प्रतिशत हिस्सा जमींदारों के प्रशासनिक खर्च और लाभ के रूप में रखा गया था। 2. थॉमस मुनरो और कैप्टन रीड द्वारा मुख्य रूप से मद्रास और बंबई प्रेसीडेंसी के कुछ हिस्सों में लागू की गई रयतवारी व्यवस्था में सरकार और काश्तकार (रयत) के बीच सीधा अनुबंध होता था, जिसमें किसानों को भूमि का स्वामित्व प्राप्त हुआ और उन्हें व्यक्तिगत रूप से भू-राजस्व का भुगतान करना पड़ता था। 3. महालवारी व्यवस्था, जिसे मुख्य रूप से उत्तर-पश्चिम प्रांत, मध्य भारत और पंजाब में लागू किया गया था, के अंतर्गत भू-राजस्व निर्धारण व्यक्तिगत किसानों के स्तर पर न होकर संपूर्ण गाँव या 'महाल' के आधार पर किया जाता था, और राजस्व संग्रह की जिम्मेदारी मुख्य रूप से ग्राम के मुखिया या लंबरदार को सौंपी जाती थी। 4. इन सभी भू-राजस्व प्रणालियों का मुख्य उद्देश्य भारतीय कृषि का आधुनिकीकरण करना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में दीर्घकालिक पूंजी निवेश को बढ़ावा देना था, जिसके परिणामस्वरूप भारतीय किसानों की आर्थिक स्थिति अत्यधिक समृद्ध हो गई थी। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → दिल्ली सल्तनत के प्रशासनिक और आर्थिक सुधारों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इल्तुतमिश ने सल्तनत काल में सबसे पहले शुद्ध अरबी सिक्के - चांदी का टका और तांबे का जीतल - प्रचलित किए, तथा सुल्तान के रूप में अपनी स्थिति को सुदृढ़ करने के लिए बगदाद के खलीफा से 'मंसूर' (मान्यता पत्र) प्राप्त किया। 2. अलाउद्दीन खिलजी ने अपने साम्राज्य में भू-राजस्व की दर को बढ़ाकर उपज का आधा (50 प्रतिशत) कर दिया और उपज के आकलन के लिए 'बिस्वा' प्रणाली को आधार बनाया, तथा बिचौलियों (खूत्, मुकद्दम और चौधरी) के विशेष अधिकारों को समाप्त कर उनसे भी सामान्य किसानों की तरह कर वसूल किया। 3. मुहम्मद बिन तुगलक ने दोआब क्षेत्र में कर वृद्धि के समय उत्पन्न अकाल और किसानों के भारी विरोध को शांत करने के लिए 'दीवान-ए-कोही' नामक कृषि विभाग की स्थापना की और किसानों को 'तकावी' (सोंधार) ऋण वितरित किए। 4. फिरोजशाह तुगलक ने शरियत के नियमों के विपरीत वसूله जाने वाले लगभग चौबीस प्रकार के कष्टदायक करों (आवाब) को समाप्त कर दिया और केवल चार वैध करों - खराज, जकात, जजिया और खम्स - को ही अपने राज्य में लागू रखा। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → प्राचीन भारतीय इतिहास में वर्धन राजवंश एवं दक्षिण भारत के राजवंशों (चोल, पल्लव, चालुक्य) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. पल्लव शासक नरसिंहवर्मन् प्रथम ने वातापी के चालुक्य नरेश पुलकेशिन द्वितीय को पराजित किया और 'वातापीकोंड' (वातापी का विजेता) की उपाधि धारण की थी। 2. बादामी के चालुक्य शासक पुलकेशिन द्वितीय की नर्मदा नदी के तट पर हर्षवर्धन पर विजय का उल्लेख प्रख्यात पुलकेशिन द्वितीय के ऐहोल अभिलेख (Aihole Inscription) में मिलता है, जिसकी रचना रवि कीर्ति ने की थी। 3. चोल राजवंश के पुनरुत्थान का श्रेय विजयालय को जाता है, जिसने तंजावुर को अपनी राजधानी बनाया और 'निशुंभसुदनी' (दुर्गा) देवी के मंदिर का निर्माण करवाया था। 4. पल्लव राजा राजसिंह (नरिंसहवर्मन् द्वितीय) ने कांची में प्रसिद्ध 'कैलासनाथ मंदिर' का निर्माण करवाया था, जो द्रविड़ वास्तुकला की प्रारंभिक शैली का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान फैजाबाद, बरेली और इलाहाबाद में विद्रोह के नेतृत्वकर्ताओं और उनके दमन से जुड़े ब्रिटिश सैन्य अधिकारियों के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. फैजाबाद: मौलवी अहमदुल्लाह शाह द्वारा नेतृत्व किया गया, जिनका दमन ब्रिगेडियर जनरल नील द्वारा किया गया था। 2. बरेली: खान बहादुर खान द्वारा नेतृत्व किया गया, जिनके विद्रोह का अंततः दमन सर कॉलिन कैंपबेल द्वारा किया गया। 3. इलाहाबाद: मौलवी लियाकत अली द्वारा नेतृत्व किया गया, जिनका विद्रोह कुचला और दबाया गया जनरल नील (James Neil) द्वारा। उपर्युक्त युग्मों में से कौन-सा/से सही सुमेलित है/हैं? → वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान लखनऊ और अवध क्षेत्र में बेगम हजरत महल और मौलवी अहमदुल्लाह शाह की क्रांतिकारी गतिविधियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. बेगम हजरत महल ने अपने अल्पवयस्क पुत्र बिरजिस कादिर को अवध का नवाब घोषित कर लखनऊ की रेजिडेंसी के विरुद्ध विद्रोह का प्रभावी नेतृत्व किया और ब्रिटिश सेना के समक्ष कभी आत्मसमर्पण न करते हुए नेपाल की तराई में पलायन किया। 2. 'डंका शाह' के नाम से प्रसिद्ध मौलवी अहमदुल्लाह शाह ने चिनहट के युद्ध में हेनरी लॉरेंस के नेतृत्व वाली ब्रिटिश सेना को पराजित किया था, जिसके कारण ब्रिटिश प्रशासन ने उनकी गिरफ्तारी पर पचास हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। 3. मौलवी अहमदुल्लाह शाह को अंततः अवध के ही पुवायाँ नामक स्थान पर ब्रिटिश सेना द्वारा घेर लिया गया, जहाँ वे भीषण संघर्ष के दौरान वीरगति को प्राप्त हुए और उनके इस पराक्रम में पुवायाँ के राजा ने अंग्रेजों की पूरी सहायता की थी। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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