BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

History of India
25 views

हिमालय की तराई (कुमाऊँ की पहाड़ियों) में सुल्तान द्वारा भेजा गया कौन सा अभियान भारी तबाही के साथ असफल रहा?

Detailed Explanation

कराचिल अभियान अत्यधिक कष्टप्रद रहा।
Share:

Related Questions

→ 19वीं शताब्दी के सामाजिक-धार्मिक सुधार आंदोलनों और उनके संस्थापकों के वैचारिक योगदान के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. राजा राममोहन राय द्वारा स्थापित 'ब्रह्म समाज' (1828) ने मूर्तिपूजा, बहुदेववाद, और पुरोहितवाद का कड़ा विरोध किया तथा उपनिषदों और वेदों के तार्किक व एकेश्वरवादी स्वरूप पर बल दिया। 2. स्वामी दयानंद सरस्वती ने 1875 में बॉम्बे में 'आर्य समाज' की स्थापना की और 'वेदों की ओर लौटो' का नारा देते हुए जन्मजात जाति व्यवस्था और अस्पृश्यता का समर्थन किया। 3. ज्योतिराव फुले ने 1873 में 'सत्यशोधक समाज' की स्थापना की, जिसका मुख्य उद्देश्य शूद्रों और अतिशूद्रों को बौद्धिक रूप से जागरूक करना तथा ब्राह्मणवादी वर्चस्व और धार्मिक पाखंडों को चुनौती देना था। 4. प्रार्थना समाज की स्थापना आत्माराम पांडुरंग ने केशव चंद्र सेन की प्रेरणा से 1867 में बंबई में की थी, जिसका प्रमुख ध्यान अंतरजातीय विवाह, विधवा पुनर्विवाह और स्त्री शिक्षा को बढ़ावा देने पर था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → भारत छोड़ो आंदोलन (1942) के दौरान भूमिगत प्रतिरोध (Underground Resistance) और सुभाष चंद्र बोस द्वारा गठित 'आज़ाद हिंद फौज' (INA) की गतिविधियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान बॉम्बे में गुप्त रूप से 'कांग्रेस रेडियो' का प्रसारण करने वाली उषा मेहता थीं, जबकि समाजवादी नेता अच्युत पटवर्धन, राम मनोहर लोहिया और जयप्रकाश नारायण (जिन्हें हजारीबाग सेंट्रल जेल से भागने का श्रेय है) ने भूमिगत रहकर आंदोलन का नेतृत्व किया था। 2. सिंगापुर में 1943 में रास बिहारी बोस से आजाद हिंद फौज (INA) की कमान अपने हाथ में लेने के बाद सुभाष चंद्र बोस ने 'अस्थाई भारतीय सरकार' (Arzi Hukumat-e-Hind) की स्थापना की थी, जिसे धुरी राष्ट्रों (Axis Powers) द्वारा मान्यता प्रदान की गई थी। 3. जापानी सेना के सहयोग से INA की एक टुकड़ी ने मार्च 1944 में भारतीय मुख्य भूमि पर आक्रमण किया और नागालैंड के कोहिमा तथा मणिपुर के मोइरंग में भारतीय स्वतंत्रता का तिरंगा झंडा फहराया था। 4. आजाद हिंद फौज के सैनिकों पर ब्रिटिश सरकार द्वारा दिल्ली के लाल किले में ऐतिहासिक मुकदमे चलाए गए, जिनका बचाव करने के लिए कांग्रेस द्वारा गठित भूulabhai Desai के नेतृत्व वाले बचाव पक्ष दल में जवाहरलाल नेहरू, तेज बहादुर सप्रू और कात्जू शामिल थे। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → शाहजहाँ के काल में किस स्थान पर मुगलों और सिखों (गुरु हरगोबिंद) के बीच संघर्ष हुआ था? → मध्यकालीन भारतीय इतिहास के संदर्भ में भक्ति और सूफी आंदोलनों की वैचारिक मान्यताओं, उनकी दार्शनिक प्रवृत्तियों तथा सामाजिक प्रभावों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. दक्षिण भारत के अलवार (विष्णु भक्त) और नयनार (शिव भक्त) संतों ने भक्ति आंदोलन को लोकप्रिय बनाते हुए जाति व्यवस्था और रूढ़ियों का कड़ा विरोध किया तथा स्थानीय जनभाषा (तमिल) को अपने उपदेशों का माध्यम बनाया, जिससे भक्ति आंदोलन की प्रारंभिक पृष्ठभूमि तैयार हुई। 2. सूफी सिलसिले में 'चिश्ती संप्रदाय' ने भारत में उदारवादी दृष्टिकोण अपनाते हुए स्थानीय भारतीय संगीत (समां) और योग क्रियाओं को अपनी साधना पद्धति में शामिल किया, जबकि 'सुहरवर्दी संप्रदाय' ने राज्य की राजनीतिक सत्ता से पूर्ण अलगाव बनाए रखा और राजाओं से किसी भी प्रकार के जागीर या उपहार लेने से सख्त परहेज किया। 3. निर्गुण भक्ति धारा के प्रमुख संत कबीर ने बाह्य आडंबरों, मूर्तिपूजा और जातिगत भेदभाव का पुरजोर खंडन किया, जबकि सगुण भक्ति धारा के प्रवर्तक तुलसीदास ने रामभक्ति के माध्यम से वर्णाश्रम व्यवस्था और सामाजिक मर्यादाओं की पुनर्स्थापना पर बल दिया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? → वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान दिल्ली में हुए घटनाक्रम और मुगल सम्राट बहादुर शाह जफर की भूमिका के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मेरठ से आए विद्रोही सिपाहियों द्वारा 11 मई 1857 को दिल्ली पहुँचने के बाद, मुगल सम्राट बहादुर शाह जफर को अनिच्छा से ही सही, इस विद्रोह का औपचारिक 'शहंशाह-ए-हिंदुस्तान' घोषित किया गया था, हालांकि वास्तविक सैन्य एवं प्रशासनिक नियंत्रण सैनिकों द्वारा गठित 'कोर्ट ऑफ मिनिस्टर्स' के पास था। 2. दिल्ली में विद्रोहियों का सैन्य नेतृत्व करने के लिए जनरल बख्त खान ने मुख्य भूमिका निभाई, जो बरेली से आई सैनिक टुकड़ी का नेतृत्व करके दिल्ली पहुँचे थे और जिन्हें सम्राट द्वारा 'साहिब-ए-आलम बहादुर' की उपाधि से सम्मानित किया गया था। 3. ब्रिटिश सेना द्वारा दिल्ली पर पुनः अधिकार प्राप्त करने के लिए किए गए आक्रमण के दौरान जनरल जॉन निकोलसन गंभीर रूप से घायल हो गए और बाद में उनकी मृत्यु हो गई, जबकि सम्राट बहादुर शाह जफर को हुमायूं के मकबरे से गिरफ्तार कर रंगून निर्वासित कर दिया गया था। 4. दिल्ली में विद्रोह के दमन के पश्चात ब्रिटिश सेनापति हडसन ने सम्राट के पुत्रों (मिर्ज़ा मुगल और मिर्ज़ा खिज्र सुल्तान) तथा पोते (मिर्ज़ा अबू बकर) को हुमायूं के मकबरे के समीप ही बिना किसी न्यायिक मुकदमे के गोली मारकर हत्या कर दी थी। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.