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History of India
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बरनी के अनुसार, अलाउद्दीन की बाजार नियंत्रण प्रणाली की सफलता का मुख्य आधार क्या था?

Detailed Explanation

अलाउद्दीन की कठोर दंड प्रणाली ही सफलता का आधार थी।
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→ वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान बिहार में बाबू अमर सिंह द्वारा संचालित प्रतिरोध और उनके द्वारा कैमूर की पहाड़ियों से चलाए गए समानांतर प्रशासन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वीर कुंवर सिंह की मृत्यु के पश्चात् उनके भाई अमर सिंह ने ब्रिटिश सत्ता के विरुद्ध संघर्ष को जारी रखा और कैमूर की पहाड़ियों (रोहतासगढ़ क्षेत्र) को अपना मुख्य केंद्र बनाकर अंग्रेजी सेना के खिलाफ एक प्रभावी गुरिल्ला युद्ध और समानांतर सरकार का संचालन किया था। 2. अमर सिंह द्वारा संचालित इस प्रतिरोध के दौरान स्थानीय प्रशासन और रसद आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए एक सुसंगत प्रशासनिक ढांचा तैयार किया गया था, जिसमें ब्रिटिश कानूनों के स्थान पर पारंपरिक न्याय प्रणाली और पंचायत व्यवस्था को पुनः स्थापित किया गया था। 3. अंग्रेजों द्वारा इस क्षेत्र में कड़े सैन्य अभियान चलाने के बावजूद अमर सिंह और उनके सहयोगियों को ब्रिटिश सेना कभी भी युद्ध के मैदान में पराजित नहीं कर सकी, बल्कि नेपाल के तराई क्षेत्रों में पलायन के उपरांत अंततः ब्रिटिश सरकार के साथ एक सम्मानजनक संधि के तहत उन्हें बिहार का गवर्नर नियुक्त किया गया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? → वर्धन राजवंश तथा पल्लव एवं चालुक्य राजवंशों के संघर्ष और उनकी प्रशासनिक व्यवस्था के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. हर्षवर्द्धन ने कामरूप के राजा भास्करवर्मा के साथ राजनीतिक गठबंधन किया था और कन्नौज की धर्मसभा में महायान बौद्ध धर्म के प्रचार के साथ-साथ ह्वेनसांग के सम्मान में एक भव्य समारोह का आयोजन किया था। 2. पुलकेशिन द्वितीय ने नर्मदा नदी के तट पर हर्षवर्द्धन के दक्षिण की ओर विस्तार को निर्णायक रूप से रोका था, जिसकी जानकारी हमें एहोल प्रशस्ति से मिलती है जिसकी रचना रविकीर्ति ने की थी। 3. पल्लव राजा नरसिंहवर्मन प्रथम ने वातापी (बादामी) पर अधिकार कर लिया था और 'वातापिकोंड' की उपाधि धारण की थी, जबकि इसी राजवंश के राजा राजसिंह (नरिंसहवर्मन द्वितीय) ने महाबलीपुरम के प्रसिद्ध तटीय मंदिर (Shore Temple) का निर्माण करवाया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? → गुप्त साम्राज्य और मौर्योत्तर काल के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. गुप्त काल में भूमि अनुदान (Land Grants) की प्रथा का विस्तार मौर्योत्तर काल की तुलना में और अधिक हुआ, किंतु इस काल में पहली बार भूमिहीनों और शूद्रों को भी कृषि योग्य भूमि पर स्वामित्व के अधिकार दिए गए और बड़े पैमाने पर मुद्रा अर्थव्यवस्था का पुनरुत्थान हुआ। 2. 'अग्रहार' और 'ब्रह्मदेय' व्यवस्था के तहत ब्राह्मणों को दी जाने वाली भूमि कर-मुक्त होती थी, जिससे स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक एवं न्यायिक अधिकारों का हस्तांतरण होने लगा और गुप्त काल के उतरार्द्ध में सामंती प्रवृत्तियों (Feudal tendencies) को मजबूती मिली। 3. गुप्त सम्राटों द्वारा जारी किए गए स्वर्ण सिक्कों को 'दिनार' कहा जाता था, और कुषाण काल के सिक्कों की तुलना में गुप्त सिक्कों में सोने की शुद्धता (Purity) अधिक तथा मिलावट कम थी, विशेषकर चंद्रगुप्त द्वितीय और कुमारगुप्त प्रथम के शासनकाल में सिक्कों की कलात्मकता अपने चरम पर थी। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? → मुगल कालीन सिक्का "दाम": → 1659 ई. में बीजापुर के किस सेनापति को शिवाजी महाराज ने "बाघनख" से मार गिराया था?
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