त्वरित लिंक्स
History of India
26 views
अमीर खुसरो की किस पुस्तक में अलाउद्दीन खिलजी के सैन्य अभियानों का विस्तृत वर्णन है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
खजाइन-उल-फुतूह में उसके सैन्य अभियानों का जिक्र है।
Related Questions
→
पेशवा बाजीराव द्वितीय को अंग्रेजों ने कहाँ का क्षेत्र जागीर के रूप में दिया था जहाँ से वह पुणे भाग गया था?
→
वर्धन राजवंश एवं दक्षिण भारत के राजवंशों (चोल, पल्लव, चालुक्य) के प्रशासनिक, कलात्मक एवं राजनीतिक विकास के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हर्षवर्धन के शासनकाल के दौरान कन्नौज सभा का मुख्य उद्देश्य महायान बौद्ध धर्म का प्रचार-प्रसार करना तथा चीनी यात्री ह्वेनसांग के सम्मान में एक भव्य धार्मिक अनुष्ठान आयोजित करना था, जिसमें बीस राजाओं और विभिन्न संप्रदायों के विद्वानों ने भाग लिया था।
2. पल्लव शासक महेंद्रवमन् प्रथम ने अपने प्रारंभिक जीवन में जैन धर्म का अनुयायी होने के बाद शैव संत अप्पर के प्रभाव में आकर शैव धर्म स्वीकार किया था, तथा उन्होंने महाबलीपुरम में प्रसिद्ध एकश्म (Monolithic) रथ मंदिरों का निर्माण कार्य शुरू करवाया था।
3. वातापी के चालुक्य वंश के महान शासक पुलकेशिन द्वितीय ने नर्मदा नदी के तट पर हर्षवर्धन को पराजित किया था, जिसका सजीव और विस्तृत विवरण ऐहोल प्रशस्ति में मिलता है, जिसकी रचना रवि कीर्ति ने की थी।
4. चोल साम्राज्य की स्थानीय स्वशासन प्रणाली (विशेषकर उत्तरमेरूर शिलालेखों में वर्णित) के अनुसार, ग्राम सभाओं के सदस्यों का चयन 'कुदोलवराय' (पर्ची निकालकर मतदान) नामक एक पारदर्शी लाटरी प्रणाली के माध्यम से किया जाता था, और इसके लिए उम्मीदवारों की न्यूनतम और अधिकतम आयु सीमा के साथ-साथ वेद-वेदांगों का ज्ञान अनिवार्य था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना के प्रारंभिक दौर (1885-1905) और इसके वैचारिक परिदृश्य के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. कांग्रेस के प्रथम अधिवेशन में कलकत्ता के प्रसिद्ध बैरिस्टर व्योमेश चंद्र बनर्जी (डब्ल्यू. सी. बनर्जी) ने अध्यक्षता की थी, और इस अधिवेशन में कुल 72 प्रतिनिधि सम्मिलित हुए थे, जिनमें अधिकांश सदस्य पत्रकार, वकील और बुद्धिजीवी वर्ग से थे।
2. 'सुरक्षा वाल्व का सिद्धांत' (Safety Valve Theory), जिसके तहत यह तर्क दिया गया कि कांग्रेस की स्थापना ब्रिटिश साम्राज्य को असंतोष की संभावित हिंसक जन-क्रांति से बचाने के लिए एक 'सुरक्षा वाल्व' के रूप में की गई थी, सर्वप्रथम प्रसिद्ध राष्ट्रवादी नेता लाला लाजपत राय द्वारा उनके पत्र 'यंग इंडिया' में प्रतिपादित किया गया था।
3. प्रारंभिक नरमपंथी नेताओं (जैसे फिरोजशाह मेहता, दिनशा वाच्छा और सुरेन्द्रनाथ बनर्जी) ने 'दैनिक प्रेस' और 'संसदीय मंचों' का प्रभावी उपयोग करते हुए ब्रिटिश सरकार के समक्ष औपनिवेशिक स्वराज्य, विधान परिषदों के विस्तार और सिविल सेवा परीक्षाओं के एक साथ भारत तथा इंग्लैंड में आयोजन की मांग उठाई।
4. लॉर्ड डफरिन ने कांग्रेस की स्थापना का समर्थन करते हुए इसे 'सूक्ष्म अल्पसंख्यक वर्ग' (Microscopic Minority) की संस्था कहा था, जो संपूर्ण भारतीय जनता का प्रतिनिधित्व नहीं करती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान बिहार में स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख सेनानियों—वीर कुंवर सिंह और उनके भाई अमर सिंह के संघर्ष एवं सैन्य अभियानों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. आरा (शाहाबाद) के 80 वर्षीय जमींदार बाबू कुंवर सिंह ने 25 जुलाई 1857 को दानापुर छावनी से विद्रोह कर सोन नदी पार कर आरा पहुँचे सिपाहियों का नेतृत्व स्वीकार किया और ब्रिटिश सेना के कैप्टन डनबर की टुकड़ी को बुरी तरह पराजित किया।
2. कुंवर सिंह ने अपनी अद्भुत रणनीतिक कुशलता का परिचय देते हुए आजमगढ़, गाजीपुर और बलिया के रास्ते उत्तर प्रदेश और मध्य भारत तक सफल सैन्य अभियान चलाया तथा गंगा नदी पार करते समय ब्रिटिश सेना की गोली लगने से घायल होने पर अपना एक हाथ स्वयं काटकर गंगा में अर्पित कर दिया था।
3. वीर कुंवर सिंह की मृत्यु (26 अप्रैल 1858) के पश्चात् उनके छोटे भाई अमर सिंह ने ब्रिटिश सत्ता के विरुद्ध संघर्ष को जारी रखा और कैमूर की पहाड़ियों से गुरिल्ला (छापामार) युद्ध का संचालन करते हुए अंग्रेजों के खिलाफ एक समानांतर प्रशासनिक व्यवस्था कायम की।
4. अमर सिंह के इस लंबे और प्रभावशाली प्रतिरोध को कुचलने के लिए ब्रिटिश सरकार ने मेजर विंसेंट आयर और विलियम टेलर को विशेष रूप से नियुक्त किया था, जिन्होंने कैमूर के जंगलों में निर्णायक सैन्य कार्रवाई करते हुए अमर सिंह को जीवित गिरफ्तार कर लिया और सार्वजनिक रूप से फांसी पर लटका दिया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
दिल्ली सल्तनत के विभिन्न राजवंशों के दौरान प्रशासनिक सुधारों, राजस्व प्रणालियों और सैन्य संगठनों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अलाउद्दीन खिलजी ने अपनी सेना में 'दाग' (घोड़ों को दागना) और 'चेहरा' (सैनिकों का हुलिया दर्ज करना) प्रणाली की शुरुआत की तथा भ्रष्टाचार रोकने के लिए मापन प्रणाली के आधार पर 'विश्ववा' को भूमि की पैमाइश की इकाई बनाया और खालसा भूमि का विस्तार किया।
2. मुहम्मद बिन तुगलक ने कृषि के विकास और बंजर भूमि को उपजाऊ बनाने के लिए 'दीवान-ए-कोही' नामक एक नए कृषि विभाग की स्थापना की थी, जिसके तहत किसानों को 'सौंदल' (तक्क़वी ऋण) बांटे गए और किसानों को सीधे सरकारी नियंत्रण में लाया गया।
3. फ़िरोज़ शाह तुगलक ने सल्तनत काल में इक्ता प्रथा को पूरी तरह से समाप्त कर दिया और इसके स्थान पर समस्त भू-राजस्व को सीधे केंद्रीय राजकोष में जमा करने की अनिवार्य व्यवस्था लागू की, तथा दासों की देखभाल के लिए 'दीवान-ए-बदगान' की स्थापना की।
4. लोदी वंश के संस्थापक बहलोल लोदी ने अफगान सरदारों की तुष्टिकरण के लिए 'मंसूर' की नीति अपनाई, जिसके अंतर्गत वह अपने दरबार में सरदारों को खड़े रहने का आदेश देता था ताकि सुल्तान की सर्वोच्चता स्थापित हो सके।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.