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Child Development
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जीन पियाजे के अनुसार, बच्चे किस अवस्था में वस्तुओं को वर्गीकृत करने और उनके गुणों को समझने में सक्षम हो जाते हैं?

Detailed Explanation

मूर्त-संक्रियात्मक अवस्था (7-11 वर्ष) में बच्चे वस्तुओं को वर्गीकृत करने और उनके गुणों (जैसे आकार, वजन) को समझने में सक्षम हो जाते हैं।
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→ जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत में 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) की सबसे महत्वपूर्ण और परिपक्व विशेषता 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-Deductive Reasoning) और 'अमूर्त चिंतन' (Abstract Thinking) है। यदि एक शिक्षक अपनी कक्षा में इस स्तर के विद्यार्थियों के सामने एक ऐसी जटिल समस्या रखता है जिसमें कई चर (Variables) एक साथ अंतःक्रिया कर रहे हैं, तो पियाजे के अनुसार इस अवस्था का एक किशोर समस्या समाधान के दौरान किस प्रकार की मुख्य संज्ञानात्मक रणनीति का प्रदर्शन करेगा? → कक्षा कक्ष की किसी विशिष्ट शिक्षण समस्या (जैसे विद्यार्थियों में गणितीय अवधारणाओं के प्रति व्याप्त भ्रांतियों) का तात्कालिक, वैज्ञानिक और व्यावहारिक समाधान ढूँढने के लिए एक शिक्षक द्वारा किए जाने वाले क्रियात्मक अनुसंधान (Action Research) की प्रक्रिया में, अनुसंधान की रूपरेखा तैयार होने के बाद और परिणामों के विश्लेषण से ठीक पहले, निम्नलिखित में से कौन सा महत्वपूर्ण चरण सबसे तार्किक रूप से निष्पादित किया जाता है? → अब्राहम मास्लो (Abraham Maslow) के 'आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत' (Hierarchy of Needs Theory) और मोटिवेशन (Motivation) के प्रकारों के तात्विक एवं मनोवैज्ञानिक विश्लेषण पर विचार कीजिए। यदि एक छात्र अपनी अंतर्निहित जिज्ञासा, व्यक्तिगत संतुष्टि और आत्म-प्राप्ति (Self-Actualization) के लिए गणित के कठिन प्रश्नों को हल करता है, जबकि दूसरा छात्र कक्षा में प्रथम आने और शिक्षक से प्रशंसा पाने के लिए ऐसा करता है; तो मास्लो के अभिप्रेरणात्मक मॉडल तथा आंतरिक (Intrinsic) व बाह्य (Extrinsic) अभिप्रेरणा के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है? → गेस्टाल्टवादी अधिगम सिद्धांत (सूझ या अंतर्दृष्टि का सिद्धांत) के अंतर्गत वोल्फगांग कोहलर द्वारा सुल्तान नामक चिम्पैंजी पर किए गए प्रयोगों में, समस्या समाधान की प्रक्रिया में 'साधनों के संगठन' (Organization of Means) और 'समग्र क्षेत्र के प्रत्यक्षत्रीकरण' (Perception of the Total Field) के मध्य की गतिकी का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा तात्विक कथन इस सिद्धांत की वास्तविक संज्ञानात्मक प्रकृति को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है? → राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) के अनुसार शिक्षण अधिगम प्रक्रिया में 'ज्ञान की संरचना' (Construction of Knowledge) के दृष्टिकोण से बाल-केन्द्रित शिक्षा का सबसे केंद्रीय निहितार्थ निम्नलिखित में से क्या है?
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