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History of India
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अलाउद्दीन खिलजी ने मिल्क, वक्फ और इनाम के रूप में दी गई किन भूमियों को वापस ले लिया था?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
उसने धार्मिक दान (वक्फ/इनाम) की भूमि वापस ली।
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तालिकोटा के युद्ध में विजयनगर के विरुद्ध बने "दक्कन संघ" में कौन सा राज्य शामिल नहीं था?
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मुगल साम्राज्य के प्रशासनिक, धार्मिक और वास्तुशिल्प विकास के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अकबर के शासनकाल में स्थापित 'मदद-इ-माश' (या सयूरगल) व्यवस्था के तहत विद्वानों, धार्मिक व्यक्तियों और जरूरतमंदों को कर-मुक्त भूमि अनुदान दी जाती थी, और औरंगजेब के काल में इस नीति को और अधिक उदार बनाते हुए वंशानुगत अधिकारों को पूरी तरह स्थायी कर दिया गया था।
2. जहाँगीर के शासनकाल में मुगल चित्रकला ने अपने चरमोत्कर्ष को छुआ, जहाँ प्राकृतिक चित्रण, पशु-पक्षियों के सजीव अंकन (विशेषकर उस्ताद मंसूर द्वारा) और चित्रों पर कलाकारों के हस्ताक्षर करने की परंपरा को विशेष प्रोत्साहन मिला।
3. शाहजहां के स्थापत्य काल में संगमरमर के प्रयोग के साथ-साथ 'पित्रा-दुरा' (Pietra Dura) यानी संगमरमर या बलुआ पत्थर पर बहुमूल्य रत्नों की जड़ाई की कला का अत्यधिक परिष्कृत रूप में विकास हुआ, जिसका सुंदर उदाहरण ताज महल और आगरा किले का दीवान-ए-आम है।
4. औरंगजेब ने अपने कट्टर धार्मिक दृष्टिकोण के चलते संगीत पर सार्वजनिक प्रतिबंध लगा दिया था, शाही दरबार में 'झरका दर्शन' और 'तुलादान' जैसी प्रथाओं को समाप्त कर दिया तथा इतिहास लेखन को हतोत्साहित करने के लिए सरकारी स्तर पर 'आलमगीरनामा' के लेखक मोहम्मद कासिम को छोड़कर अन्य सभी इतिहासकारों के लिखने पर रोक लगा दी थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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दिल्ली सल्तनत के विभिन्न राजवंशों के प्रशासनिक ढांचे, राजस्व सुधारों और सैन्य व्यवस्था के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अलाउद्दीन खिलजी ने अपनी सैन्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 'दीया' (दाग) और 'हुलिया' प्रथा की शुरुआत की तथा सैनिकों को नगद वेतन देने की व्यवस्था की, साथ ही राज्य के प्रत्यक्ष नियंत्रण के लिए 'दीवान-ए-मुस्तकराज' विभाग की स्थापना की।
2. मुहम्मद बिन तुगलक ने कृषि विकास के लिए 'दीवान-ए-कोही' नामक नए विभाग की स्थापना की, जिसके तहत दोआब क्षेत्र में कर वृद्धि के साथ-साथ 'तकावी' (सोंधार) ऋणों का वितरण किया गया, किंतु प्रशासनिक अदूरदर्शिता के कारण यह योजना असफल रही।
3. फिरोजशाह तुगलक ने सल्तनत काल में पहली बार सैनिकों को जागीर के रूप में वेतन देने की प्रथा को समाप्त कर पूरी तरह से नगद वेतन प्रणाली लागू कर दी और वंशानुगत उत्तराधिकार के सिद्धांत को सेना तथा प्रशासनिक पदों पर पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया।
4. सिकंदर लोदी ने व्यापारिक और आर्थिक व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए 'गज-ए-सिकंदरी' का प्रचलन किया, और भूमि की पैमाइश के लिए 'बीघा' प्रणाली को आधार बनाकर भू-राजस्व का निर्धारण किया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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छठी शताब्दी ईसा पूर्व के 'सोलह महाजनपदों' के राजनीतिक गठन, उनकी शासन प्रणालियों तथा मगध के शुरुआती शासकों की नीतियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अंगुट्ठ निकाय और भगवती सूत्र के अनुसार सोलह महाजनपदों में अधिकांशतः राजतंत्रात्मक शासन व्यवस्था थी, किंतु वज्जी, मल्ला और कुरु-पंचाल जैसे कुछ महाजनपद गणराज्य या संघ (Oligarchy/Republic) व्यवस्था के अंतर्गत आते थे।
2. हर्यक वंश के संस्थापक बिम्बिसार (श्रेणिक) ने अपनी साम्राज्यवादी लालसा को पूरा करने के लिए केवल आक्रामक सैन्य अभियानों का सहारा लिया और कभी भी वैवाहिक संधियों की नीति का प्रयोग नहीं किया था।
3. अजातशत्रु ने अपने पिता बिम्बिसार की हत्या कर मगध की गद्दी संभाली, और उसके शासनकाल में ही वैशाली के लिच्छवी संघ को पराजित करने के लिए पाटलिपुत्र नामक स्थान पर एक सामरिक किले का निर्माण किया गया था जो आगे चलकर मगध की राजधानी बना।
4. मगध के उत्कर्ष के पीछे उसकी भौगोलिक स्थिति का भी बड़ा हाथ था, क्योंकि इसकी प्रारंभिक राजधानी 'राजगृह' पाँच पहाड़ियों से घिरी थी, और इस क्षेत्र में प्रचुर मात्रा में उपलब्ध लौह अयस्क (Iron Ore) ने मगध को बेहतर अस्त्र-शस्त्र बनाने में मदद की।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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मौर्य साम्राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था, केंद्रीय अधिकारियों (तीर्थों) और गुप्तचर प्रणाली के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. कौटिल्य के 'अर्थशास्त्र' के अनुसार मौर्य प्रशासन में सत्रह प्रमुख प्रशासनिक विभागों या अध्यक्षों का उल्लेख मिलता है, जिन्हें 'तीर्थ' कहा जाता था, और इनमें सर्वोच्च अधिकारियों की नियुक्ति 'उपधा परीक्षण' (चरित्र परीक्षण) की कठोर पद्धति के माध्यम से की जाती थी।
2. मौर्य साम्राज्य की गुप्तचर प्रणाली अत्यंत उन्नत थी, जिसमें 'अर्थशास्त्र' में गुप्तचरों को 'संस्था' (एक ही स्थान पर रहकर कार्य करने वाले) और 'संचारा' (भ्रमण करने वाले) दो प्रमुख श्रेणियों में विभाजित किया गया है।
3. प्रांतों (चक्रों) के प्रशासन का संचालन करने के लिए प्रायः शाही परिवार के राजकुमारों को 'कुमार' या 'आर्यपुत्र' के रूप में नियुक्त किया जाता था, और प्रांतों का विभाजन आगे 'विषय' (जिले) में किया जाता था जिसका प्रमुख 'विषयपति' होता था।
4. अशोक के शिलालेखों में न्याय व्यवस्था का विस्तृत वर्णन मिलता है, जिसके तहत अशोक ने अपने राज्याभिषेक के छठे वर्ष ही 'रज्जुक' अधिकारियों को केवल राजस्व संग्रह करने का अधिकार दिया था, जबकि न्यायिक अधिकार पूरी तरह से राजा के पास सुरक्षित रखे गए थे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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