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History of India
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खिलजी काल में "आमिल" का क्या कार्य था?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
आमिल राजस्व वसूली का अधिकारी था।
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वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान दिल्ली में विद्रोहियों के नेतृत्व और मुगल सम्राट बहादुर शाह जफर की भूमिका के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मेरठ से आए विद्रोही सिपाहियों ने 11 मई 1857 को दिल्ली पहुँचकर मुगल सम्राट बहादुर शाह जफर को भारत का 'शहंशाह-ए-हिंद' (सम्राट) घोषित किया, जिससे इस विद्रोह को एक राष्ट्रीय और वैध राजनीतिक प्रतीक मिल गया।
2. यद्यपि बहादुर शाह जफर व्यक्तिगत रूप से अंग्रेजों के विरुद्ध सीधे युद्ध का नेतृत्व करने या सैन्य रणनीतियाँ बनाने में सक्रिय नहीं थे, तथापि उनके नाम और शाही फरमानों ने उत्तर भारत के विभिन्न क्षेत्रों के राजाओं और सैनिकों को विद्रोह में शामिल होने के लिए प्रेरित किया।
3. दिल्ली में विद्रोह की वास्तविक सैन्य कमान और प्रशासनिक व्यवस्था का संचालन बख्त खान के नेतृत्व में गठित 'कोर्ट ऑफ सोल्जर्स' (सैनिकों की अदालत) द्वारा किया गया था, जिसमें विभिन्न रेजिमेंटों के निर्वाचित सिपाही शामिल थे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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वर्ष 1857 के विद्रोह के उपरांत ब्रिटिश संसद द्वारा पारित 'भारत सरकार अधिनियम 1858' और 'क्वीन विक्टोरिया की घोषणा' (1 नवंबर 1858) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इस अधिनियम के माध्यम से भारत का शासन सीधे ब्रिटिश क्राउन के अधीन कर दिया गया और 'बोर्ड ऑफ कंट्रोल' तथा 'कोर्ट ऑफ डायरेक्टर्स' की द्वैध शासन प्रणाली को समाप्त कर 'भारत के राज्य सचिव' (Secretary of State for India) के पद का सृजन किया गया, जिसकी सहायता के लिए 15 सदस्यीय भारतीय परिषद का गठन किया गया।
2. क्वीन विक्टोरिया की घोषणा में भारतीय रियासतों को भविष्य में किसी भी प्रकार के नए क्षेत्र विस्तार (विलय) की नीति को औपचारिक रूप से त्यागने का आश्वासन दिया गया तथा देशी राजाओं को गोद लेने के अधिकार (दत्तक पुत्र की अनुमति) को मान्यता दी गई।
3. इस घोषणा में यह स्पष्ट प्रावधान किया गया कि भारत के सभी नागरिकों को उनकी नस्ल, धर्म, जन्मस्थान और रंग के भेदभाव के बिना उनकी योग्यता के आधार पर उच्च सरकारी सेवाओं (Civil Services) में बिना किसी पक्षपात के समान अवसर प्रदान किए जाएंगे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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महात्मा गांधी के भारत आगमन और उनके शुरुआती सत्याग्रहों (चंपारण, खेड़ा और असहयोग आंदोलन) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 9 जनवरी 1915 को दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटने के बाद गांधीजी ने गोपाल कृष्ण गोखले की सलाह पर एक वर्ष तक ब्रिटिश भारत का भ्रमण किया और राजनीति से तटस्थ रहे, जिसके बाद उन्होंने वर्ष 1916 के लखनऊ कांग्रेस अधिवेशन में चंपारण के किसानों की समस्याओं से अवगत होकर भाग लिया था।
2. चंपारण सत्याग्रह (1917) के दौरान राजकुमार शुक्ल के आग्रह पर बिहार गए गांधीजी के साथ राजेंद्र प्रसाद, जे.बी. कृपलानी, महादेव देसाई और अनसूया साराभाई जैसे प्रमुख नेता भी उनके साथ जुड़े थे, जिन्होंने तिनकठिया प्रथा के विरुद्ध जाँच में सहयोग किया था।
3. खेड़ा सत्याग्रह (1918) के दौरान फसलें बर्बाद होने और 'संहिता नियमों' (Revenue Code) के तहत लगान माफी का हक होने के बावजूद ब्रिटिश प्रशासन द्वारा लगान वसूली न रोकने पर, गांधीजी ने किसानों से 'लगान न अदायगी' (No-Tax Campaign) का सफल आह्वान किया था।
4. असहयोग आंदोलन (1920-22) के दौरान चौरी-चौरा (गोरखपुर) में हुई हिंसक घटना के कारण महात्मा गांधी ने बारदोली में कांग्रेस की बैठक बुलाकर इस आंदोलन को अचानक स्थगित करने की घोषणा की थी, जिससे देश के कई प्रमुख नेताओं जैसे चित्तरंजन दास और मोतीलाल नेहरू ने इस निर्णय का स्वागत किया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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गुप्तकालीन प्रशासन, अर्थव्यवस्था और भूमि व्यवस्था के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. गुप्त साम्राज्य में भू-राजस्व की दरें सामान्यतः उपज का 1/6 भाग से 1/4 भाग के बीच हुआ करती थीं, तथा ताम्रपत्र अभिलेखों में भूमिदान के लिए 'अग्रहार' और 'ब्रह्मदेय' जैसे शब्दों का उल्लेख मिलता है जो मुख्य रूप से ब्राह्मणों और धार्मिक संस्थानों को दिए जाने वाले कर-मुक्त अनुदान थे।
2. गुप्त काल में मुद्रा व्यवस्था के अंतर्गत सबसे अधिक शुद्ध सोने के सिक्के जारी किए गए जिन्हें फाह्यान के विवरण में 'दीनार' कहा गया है, हालांकि समकालीन राजवंशों और उत्तर-गुप्त काल तक आते-आते सिक्कों में सोने की मिलावट और शुद्धता में गिरावट दर्ज की जाने लगी थी।
3. गुप्त प्रशासन में केंद्रीय अधिकारियों को 'कुमारमात्य' कहा जाता था, जो सर्वोच्च प्रशासनिक श्रेणी के अधिकारी होते थे, तथा प्रांतों को 'भुक्ति' और उनके शासकों को 'उपराजन्' या 'उपरिक' कहा जाता था।
4. इस काल में सुदूर दक्षिण के साथ अंतरराष्ट्रीय व्यापार अपने चरमोत्कर्ष पर था, और रोमन साम्राज्य के साथ होने वाला व्यापार गुप्त काल के उत्तरार्ध तक भी अपने पूर्ण वैभव के साथ निरंतर जारी रहा था, जिससे अर्थव्यवस्था को अत्यधिक मजबूती मिली थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान कानपुर में नाना साहब, तात्या टोपे और अजीमुल्ला खां की भूमिका तथा उससे जुड़े सैन्य एवं रणनीतिक घटनाक्रमों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. नाना साहब ने कानपुर में विद्रोह का नेतृत्व संभालते हुए स्वयं को पेशवा घोषित किया तथा पेशवा बाजीराव द्वितीय के दत्तक पुत्र के रूप में अंग्रेजों द्वारा उनकी पेंशन रोके जाने और डॉक्ट्रिन ऑफ लैप्स (राज्य हड़प नीति) के तहत उपाधियों के अस्वीकार किए जाने के विरुद्ध सशस्त्र संघर्ष का आह्वान किया।
2. अजीमुल्ला खां, जो नाना साहब के मुख्य सलाहकार और कूटनीतिक रणनीतिकार थे, ने विद्रोह से पूर्व लंदन जाकर नाना साहब की पेंशन के मामले की पैरवी की थी और क्रीमिया युद्ध के दौरान ब्रिटिश सैन्य कमजोरियों का प्रत्यक्ष अवलोकन कर भारतीय विद्रोह की योजना को वैचारिक आधार दिया था।
3. कानपुर में ब्रिटिश समर्पण के पश्चात जनरल नील द्वारा भारतीय नागरिकों और कैदियों पर ढाए गए अमानवीय अत्याचारों के प्रतिकार के रूप में 'बीबीघर नरसंहार' की घटना घटी, जिसके उपरांत तात्या टोपे ने कानपुर की रक्षा में असफल होने पर रानी लक्ष्मीबाई के साथ मिलकर ग्वालियर और कालपी के मोर्चे पर ब्रिटिश सेना के खिलाफ अत्यंत कुशल गोरिल्ला युद्ध का संचालन किया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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