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BPSC TRE 4.0
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लीची का खाद्य भाग है
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✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
लीची के फल का रसीला भाग 'एरिल' कहलाता है।
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बिहार में स्वतंत्रता संघर्ष के दौरान क्रांतिकारी गतिविधियों और गुप्त संगठनों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वर्ष 1908 में मुजफ्फरपुर बम कांड के तहत किंग्सफोर्ड की हत्या के प्रयास में प्रफुल्ल चाकी और खुदीराम बोस शामिल थे, जिसमें प्रफुल्ल चाकी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए मोकामा स्टेशन के पास आत्महत्या कर ली थी, जबकि खुदीराम बोस को मुजफ्फरपुर जेल में फाँसी दी गई थी।
2. पटना में वर्ष 1913 में सचिंद्रनाथ सन्याल द्वारा 'अनुशीलन समिति' की एक शाखा की स्थापना की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य युवाओं में क्रांतिकारी विचारों का प्रसार करना और ब्रिटिश विरोधी गतिविधियों के लिए गुप्त संगठन तैयार करना था, जिससे बंकिम चंद्र मित्र जैसे स्थानीय क्रांतिकारी जुड़े थे।
3. वर्ष 1928 में भगत सिंह और अन्य क्रांतिकारियों द्वारा दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान में 'हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन' (HSRA) की स्थापना की गई थी, जिसमें बिहार का प्रतिनिधित्व फणीश्वरनाथ 'रेणु' ने किया था और उन्होंने गुप्त रूप से हथियारों की आपूर्ति में सहयोग दिया था।
4. पटना के 'पटना युवा संघ' (Patna Youth League) की स्थापना 1927 में प्रोफेसर ज्ञान शाह और श्रीकृष्ण सिंह के नेतृत्व में की गई थी, जिसका प्रमुख उद्देश्य छात्रों के बीच राष्ट्रवादी चेतना जगाना और क्रांतिकारी गतिविधियों के प्रति सहानुभूति उत्पन्न करना था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन, उसकी विभिन्न शाखाओं तथा बिहार में होने वाली मानसूनी वर्षा के स्थानिक और कालिक वितरण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. दक्षिण-पश्चिम मानसून की अरब सागर शाखा और बंगाल की खाड़ी शाखा दोनों का मिलन उत्तर-पश्चिम भारत में होता है, तथा बंगाल की खाड़ी की शाखा पूर्वोत्तर राज्यों से टकराने के बाद गारो, खासी और जयंतिया पहाड़ियों की भौगोलिक स्थिति के कारण मावसिनराम में विश्व की सर्वाधिक औसत वर्षा कराती है।
2. बिहार राज्य में मानसूनी वर्षा का मुख्य स्रोत बंगाल की खाड़ी की शाखा है, जो राज्य के पूर्वी सीमावर्ती क्षेत्रों (विशेषकर किशनगंज) में सर्वप्रथम प्रवेश करती है और पूर्व से पश्चिम की ओर बढ़ने पर वर्षा की मात्रा में क्रमिक कमी दर्ज की जाती है।
3. 'मानसून का विच्छेद' (Break in Monsoon) उस स्थिति को कहा जाता है जब दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान मध्य भारत और उत्तर-पश्चिम भारत में कई हफ्तों तक लगातार भारी वर्षा होती है और मानसूनी हवाएँ अत्यधिक तीव्र गति से सक्रिय बनी रहती हैं।
4. बिहार के दक्षिणी-पश्चिमी जिलों (जैसे रोहतास, कैमूर, औरंगाबाद) में मानसून की अनिश्चितता और समय से पहले वापसी के कारण अक्सर सूखे की स्थिति उत्पन्न होती है, क्योंकि यहाँ तक पहुँचते-पहुँचते मानसूनी हवाओं में नमी की मात्रा काफी कम हो जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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बिहार के भौगोलिक, भू-वैज्ञानिक और आपदा प्रबंधन परिप्रेक्ष्य के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बिहार का उत्तरी भाग अत्यधिक भूकंपीय संवेदनशीलता वाले 'भूकंपीय क्षेत्र-V' (Seismic Zone V) के अंतर्गत आता है, जिसमें सुपौल, अररिया, मधुबनी, और सीतामढ़ी जैसे जिले शामिल हैं, जबकि दक्षिणी बिहार तुलनात्मक रूप से कम जोखिम वाले 'क्षेत्र-III' और 'क्षेत्र-II' में स्थित है।
2. राज्य में प्रतिवर्ष आने वाली विनाशकारी बाढ़ का प्रमुख कारण नेपाल की नदियों (जैसे- कोसी, गंडक, बागमती) द्वारा अत्यधिक मात्रा में अवसाद (Silt) का निक्षेपण तथा हिमालयी क्षेत्र में होने वाली मानसूनी मूसलाधार वर्षा है, जिसके कारण उत्तरी बिहार का लगभग 70% भूभाग बाढ़-प्रवण (Flood-prone) घोषित है।
3. बिहार के दक्षिणी-पश्चिमी और दक्षिणी-मध्य जिलों (जैसे- कैमूर, रोहतास, और औरंगाबाद) में ग्रीष्मकाल के दौरान 'लू' (Heatwave) और गंभीर सूखे की स्थिति उत्पन्न होने का मुख्य कारण विंध्यन पठारी क्षेत्र की भू-आकृति, कम वन आवरण और भूजल स्तर में अत्यधिक गिरावट है।
4. बिहार सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, राज्य में वज्रपात (Lightning/Thunderstorm) से होने वाली मौतों को रोकने के लिए 'दामोदर' (DAMODAR) और 'इन्द्र वज्र' (Indra Vajra) नामक मोबाइल ऐप और अर्ली वार्निंग सिस्टम विकसित किए गए हैं, जो वज्रपात से कम से कम 40 मिनट पूर्व सटीक चेतावनी जारी करते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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'प्रकाश संश्लेषण' (Photosynthesis) की प्रक्रिया में कौन सी गैस अवशोषित होती है?
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दिल्ली सल्तनत के प्रशासनिक और आर्थिक सुधारों के संदर्भ में 'दीवान-ए-कोही' (कृषि विभाग) और 'इक्ता प्रणाली' से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'दीवान-ए-कोही' विभाग की स्थापना सुल्तान मोहम्मद बिन तुगलक द्वारा की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य प्रत्यक्ष राज्य सहायता और तकावी (सोंधार) ऋणों के माध्यम से बंजर भूमि को कृषि योग्य बनाना और कृषि का विस्तार करना था।
2. इल्तुतमिश ने 'इक्ता प्रणाली' को सल्तनत काल में संस्थागत रूप से स्थापित किया था, जिसके तहत सैन्य कमांडरों और अधिकारियों को वेतन के बदले भूमि के राजस्व का अधिकार दिया जाता था, और फिरोजशाह तुगलक ने इसे वंशानुगत (Hereditary) बना दिया था।
3. अलाउद्दीन खिलजी के शासनकाल में इक्तादारों को उनके प्रशासनिक क्षेत्रों से अतिरिक्त राजस्व एकत्र करने की पूरी स्वतंत्रता थी, और वे अपनी सेना के रखरखाव के लिए किसी भी केंद्रीय लेखा परीक्षा के अधीन नहीं थे।
4. सल्तनत काल में राजस्व निर्धारण की 'मुक्ताई' या 'कंकूट' प्रणाली के अंतर्गत भूमि की वास्तविक पैमाइश के आधार पर लगान तय किया जाता था, और यह प्रणाली केवल उत्तर भारत के मैदानी इलाकों तक सीमित थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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