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चंद्रमा सदृश्य ग्रह कौन-सा है?

Detailed Explanation

बुध ग्रह का आकार और सतह चंद्रमा के काफी समान है।
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→ न्यूटन के द्वितीय नियम का व्यंजक? → बिहार ने एशियाई विकास बैंक के साथ साझेदारी के माध्यम से लगभग कितने मूल्य के निवेश प्रस्ताव हासिल किए? → बिहार के प्रमुख किसान विद्रोहों और आंदोलनों (विशेषकर चंपारण सत्याग्रह, स्वामी सहजानंद सरस्वती के नेतृत्व में किसान सभा आंदोलन और बकाश्त संघर्ष) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. चंपारण सत्याग्रह (1917) के दौरान राजकुमार शुक्ल के आमंत्रण पर महात्मा गांधी बिहार आए थे, जहाँ तिनकैया प्रणाली (जिसके तहत किसानों को अपनी जमीन के 3/20वें हिस्से पर नील की खेती करना अनिवार्य था) के विरोध में यह आंदोलन चलाया गया था और इसके परिणामस्वरूप 'चंपारण कृषि अधिनियम' पारित किया गया था। 2. स्वामी सहजानंद सरस्वती ने वर्ष 1929 में 'बिहार प्रांतीय किसान सभा' की स्थापना की थी, जिसका मुख्य उद्देश्य जमींदारी प्रथा का उन्मूलन और किसानों को उनकी भूमि पर मालिकाना हक दिलाना था, तथा वर्ष 1936 में लखनऊ में गठित 'अखिल भारतीय किसान सभा' के भी वे पहले अध्यक्ष चुने गए थे। 3. बकाश्त आंदोलन (Bakasht Land Struggle) मुख्य रूप से बिहार में जमींदारों द्वारा किसानों से उनकी बेदखल की गई जमीन (बकाश्त भूमि, जिसे किसानों ने गिरवी रखा था या जो जोत-सुधार के दायरे में थी) को वापस पाने के लिए चलाया गया एक सशक्त किसान संघर्ष था, जिसका नेतृत्व मुख्य रूप से स्वामी सहजानंद सरस्वती और कार्यानंद शर्मा ने किया था। 4. मुंगेर जिले के बरही ताल (Barki Tal) में कार्यानंद शर्मा के नेतृत्व में चलाए गए किसान आंदोलन का संबंध मुख्य रूप से गोहत्या विरोधी आंदोलन से था, और इसका किसानों के आर्थिक अधिकारों तथा लगान कटौती से कोई सीधा संबंध नहीं था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? → बिहार में 19वीं और 20वीं शताब्दी के दौरान हुए प्रमुख किसान विद्रोहों तथा आंदोलनों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. चंपारण सत्याग्रह (1917) से पूर्व ही बिहार में नील उत्पादक किसानों के शोषण के विरुद्ध वर्ष 1908 में चंपारण के बेतिया और मतिहारी क्षेत्रों में 'थारु' और अन्य स्थानीय किसानों द्वारा बजबराहिया तथा अन्य जमींदारों के खिलाफ एक संगठित आंदोलन चलाया गया था, जिसे ब्रिटिश प्रशासन द्वारा सख्ती से दबा दिया गया था। 2. स्वामी सहजानंद सरस्वती द्वारा वर्ष 1929 में 'बिहार प्रांतीय किसान सभा' की स्थापना की गई, जिसका मुख्य उद्देश्य जमींदारी प्रथा का उन्मूलन करना, किसानों के बकाश्त भूमि पर उनके अधिकारों को सुरक्षित करना और किसानों का आर्थिक शोषण रोकना था। 3. वर्ष 1936 में लखनऊ में आयोजित अखिल भारतीय किसान सभा के पहले सम्मेलन की अध्यक्षता स्वामी सहजानंद सरस्वती ने की थी, जबकि इसके महासचिव (General Secretary) के रूप में प्रोफेसर एन.जी. रंगा को चुना गया था। 4. बकाश्त भूमि (Bakasht Land) आंदोलन, जो मुख्य रूप से बिहार में 1930 के दशक के उत्तरार्ध में चलाया गया था, उसका संबंध उन जमींदारों से था जिन्होंने किसानों की रैयती जमीन को कर्ज चुकाने में असमर्थता के कारण छीन लिया था और किसान अपनी ही भूमि पर बटाईदार के रूप में खेती करने के लिए संघर्ष कर रहे थे। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? → भारत की गणतंत्र दिवस परेड 2025 के मुख्य अतिथि कौन थे?
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