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BPSC TRE 4.0
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शेरशाह की भू-लगान व्यवस्था की निम्नलिखित में से किससे तुलना की जा सकती है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
शेरशाह की प्रणाली रैयतवाड़ी के काफी करीब थी।
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बिहार के प्रमुख पर्यटन स्थलों और उनकी ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विशेषताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बोधगया का महाबोधि मंदिर परिसर यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है, जहाँ स्थित 'वज्र आसन' (Diamond Throne) उस स्थान को चिह्नित करता है जहाँ गौतम बुद्ध ने बोधि वृक्ष के नीचे ज्ञान प्राप्त किया था।
2. राजगीर में स्थित 'विश्व शांति स्तूप' (World Peace Pagoda) रत्नागिरि पहाड़ी पर स्थित है, जिसका निर्माण जापानी बौद्ध संघ द्वारा कराया गया था और यह दुनिया के सबसे ऊंचे शांति स्तूपों में से एक है।
3. नालंदा महाविहार के खंडहर प्राचीन शिक्षा के अद्वितीय केंद्र को दर्शाते हैं, जिसे गुप्त शासक कुमारगुप्त प्रथम के संरक्षण में स्थापित किया गया था, और यहाँ बख्तियार खिलजी द्वारा आक्रमण के दौरान इसे भारी क्षति पहुंचाई गई थी।
4. वैशाली का अशोक स्तंभ (लौरिया नंदनगढ़) और ऐतिहासिक बुद्ध स्तूप इस बात के प्रमाण हैं कि यह क्षेत्र बौद्ध और जैन दोनों धर्मों के लिए अत्यंत पवित्र रहा है, क्योंकि महावीर स्वामी का जन्म भी इसी प्राचीन वैशाली गणराज्य के कुण्डग्राम में हुआ था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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पुष्पीय पौधों (Angiosperms) में जनन अंगों, पुष्प की संरचना तथा पौधों की आकारिकी एवं कार्यिकी (Plant Morphology and Reproduction) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पुष्प एक रूपांतरित प्ररोह (Modified Shoot) है, जिसमें संघनन के कारण अंतरपर्व (Internodes) छोटे हो जाते हैं और पत्तियाँ रूपांतरित होकर चार चक्रों (कैलिक्स, कोरोला, एंड्रोसियम और गाइनोसियम) का निर्माण करती हैं, जिनमें एंड्रोसियम नर जनन अंग (पुंकेसर) और गाइनोसियम मादा जनन अंग (स्त्रीकेशर) का प्रतिनिधित्व करता है।
2. आवृतबीजी पौधों में निषेचन की क्रिया 'त्रिसंलयन' (Triple Fusion) और 'युग्मक संलयन' (Syngamy) के रूप में होती है, जिसे सामूहिक रूप से 'द्वि-निषेचन' (Double Fertilization) कहा जाता है, जिसमें एक नर युग्मक अंड कोशिका से मिलकर द्विगुणित (2n) युग्मज बनाता है और दूसरा नर युग्मक द्वितीयक केंद्रक से मिलकर त्रिगुणित (3n) प्राथमिक भ्रूणपोष केंद्रक (Primary Endosperm Nucleus) का निर्माण करता है।
3. पुष्पों में परागकणों का परागकोश से वर्तिकाग्र तक स्थानांतरण 'परागण' कहलाता है, और यदि परागकण का स्थानांतरण एक ही पौधे के दूसरे पुष्प के वर्तिकाग्र पर होता है, तो इसे आनुवंशिक रूप से 'सजातीय पुष्पीय परागण' (Geitonogamy) कहा जाता है, जो कार्यकीय रूप से पर-परागण (Xenogamy) के समान होता है क्योंकि इसके लिए परागणकर्ताओं की आवश्यकता होती है।
4. पौधों की कायिक आकारिकी के अंतर्गत मूसला जड़ (Taproot System) का मुख्य कार्य भूमि से जल और खनिजों का अवशोषण करना है, किंतु गाजर, शलजम और शकरकंद जैसी जड़ें भोजन संग्रहण के लिए क्रमशः शंक्वाकार, कुम्भाकार और कंदिल रूप में रूपांतरित हो जाती हैं, जिनमें शकरकंद वास्तव में मूसला जड़ का नहीं बल्कि अपस्थानिक जड़ (Adventitious Root) का रूपांतरण है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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सूची-I (खनिज) को सूची-II (स्थान) से सुमेलित कीजिए?
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भारत के पर्वतीय और पठारी क्षेत्रों की भौगोलिक अवस्थिति तथा प्रमुख पर्वतीय दरों (Passes) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ज़ोजिला दर्रा (Zoji La) जास्कर श्रेणी में स्थित है, जो श्रीनगर को लेह (लद्दाख) से जोड़ता है और इसका निर्माण सिंधु नदी की सहायक नदी द्वारा हुआ है, जबकि बुर्जिल दर्रा कश्मीर घाटी को लद्दाख के देवसाई मैदानों से जोड़ता है।
2. शिपकी ला दर्रा (Shipki La) हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में जास्कर रेंज में स्थित है, जिससे होकर सतलुज नदी भारत में प्रवेश करती है, और यह भारत को तिब्बत (चीन) से जोड़ने वाला एक प्रमुख व्यापारिक मार्ग है।
3. नीती दर्रा और माना दर्रा उत्तराखंड के कुमाऊं हिमालय क्षेत्र में स्थित उच्च तुंगता वाले दर्रे हैं, जो उत्तराखंड को तिब्बत के मानसरोवर और कैलाश क्षेत्र से जोड़ते हैं।
4. सिक्किम में स्थित जेलेप ला दर्रा (Jelep La) दार्जिलिंग और चुंबी घाटी को आपस में जोड़ता है, जिससे होकर भारत और चीन के बीच तिब्बत व्यापार का मार्ग गुजरता है, जबकि नाथू ला दर्रा सिक्किम को तिब्बत से जोड़ने वाला एक अन्य ऐतिहासिक दर्रा है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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बिहार की कला, संस्कृति एवं लोक परंपराओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'विदेशिया' लोक नाट्य शैली के प्रणेता भिखारी ठाकुर हैं, जिन्हें ग्रामीण समाज में पलायन, स्त्री विमर्श और सामाजिक कुप्रथाओं के सजीव मंचन के लिए 'भोजपुरी का शेक्सपियर' कहा जाता है।
2. बिहार के लोक पर्व 'छठ पूजा' में प्रकृति की आराधना के तहत कार्तिक और चैत्र मास में षष्ठी तिथि को डूबते और उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है, और यह पर्व पूर्णतः किसी मूर्तिपूजा पर आधारित न होकर सूर्य ऊर्जा और जल संरक्षण के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करता है।
3. 'झिझिया नृत्य' मिथिला क्षेत्र का एक प्रसिद्ध अनुष्ठानिक लोक नृत्य है, जो अत्यधिक वर्षा और बाढ़ के समय फसल सुरक्षा के लिए भगवान इंद्र को प्रसन्न करने हेतु महिलाओं द्वारा सिर पर जलते हुए दीयों का घड़ा रखकर किया जाता है।
4. मंजूषा कला (Manjusha Art), जिसे 'अंगिका कला' या 'स्नेक पेंटिंग' के रूप में भी जाना जाता है, मुख्य रूप से भागलपुर (अंग क्षेत्र) की एक लोक चित्रकला शैली है, जो मुख्य रूप से बिहुला-विषहरी की पौराणिक कथा पर आधारित है और इसमें केवल गुलाबी, पीले तथा हरे रंगों का प्रयोग किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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