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BPSC TRE 4.0
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प्रथम मानव जीवाश्म भारत की किस नदी घाटी से प्राप्त हुआ था?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
नर्मदा घाटी (हथनोरा) से मानव जीवाश्म मिला था।
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कोशिका चक्र की सबसे लंबी अवस्था?
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रॉलेट एक्ट, खिलाफत आंदोलन और असहयोग आंदोलन के ऐतिहासिक घटनाक्रम के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मार्च 2019 में पारित 'रॉलेट एक्ट' (अराजक और क्रांतिकारी अपराध अधिनियम) का मुख्य उद्देश्य देश में बढ़ रही क्रांतिकारी गतिविधियों को कुचलना था, जिसके तहत बिना किसी वारंट के गिरफ्तारी और न्यायाधीशों के बिना जूरी द्वारा मुकदमे की सुनवाई का प्रावधान किया गया था, और इसके विरोध में गांधीजी ने 'रॉलेट सत्याग्रह' के तहत 'ऑल इंडिया सत्याग्रह सभा' की स्थापना की थी।
2. वर्ष 1919 में अखिल भारतीय खिलाफत कमेटी के दिल्ली में आयोजित पहले सम्मेलन की अध्यक्षता स्वयं महात्मा गांधी ने की थी, क्योंकि वे हिंदू-मु मुस्लिम एकता को ब्रिटिश साम्राज्य के विरुद्ध एक मजबूत साधन के रूप में देखते थे।
3. कलकत्ता में सितंबर 1920 में आयोजित कांग्रेस के विशेष अधिवेशन में असहयोग आंदोलन का प्रस्ताव चित्तरंजन दास (सी.आर. दास) द्वारा प्रस्तुत किया गया था, जिसका उद्देश्य पंजाब और खिलाफत के अन्यायपूर्ण कृत्यों का निवारण करना तथा 'स्वराज' की प्राप्ति था।
4. चौरी-चौरा कांड (फरवरी 1922) की घटना के पश्चात महात्मा गांधी ने बारडोली में कांग्रेस की कार्य समिति की बैठक में असहयोग आंदोलन को तत्काल प्रभाव से वापस लेने का निर्णय लिया, जिसे सी.आर. दास, मोतीलाल नेहरू और सुभाष चंद्र बोस जैसे नेताओं ने सराहा और पूर्ण समर्थन दिया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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बिहार तथा भारत में सिंचाई प्रणालियों, प्रमुख नदी घाटी परियोजनाओं और जल संसाधन प्रबंधन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. कोसी बहुउद्देशीय परियोजना (Kosi Project) भारत और नेपाल की एक संयुक्त परियोजना है, जिसका मुख्य उद्देश्य कोसी नदी के विनाशकारी बाढ़ को नियंत्रित करना, जलविद्युत का उत्पादन करना तथा पूर्वी कोसी मुख्य नहर प्रणाली के माध्यम से बिहार और नेपाल के तराई क्षेत्रों में सिंचाई सुविधा प्रदान करना है।
2. सोन नहर प्रणाली (Sone Canal System) बिहार की सबसे पुरानी नहर प्रणालियों में से एक है, जिसकी शुरुआत डेहरी-ऑन-सोन से की गई थी और यह सोन नदी के पूर्वी तथा पश्चिमी तटों से निकलकर रोहतास, भोजपुर, औरंगाबाद और पटना जिलों के कृषि क्षेत्रों को सिंचित करती है।
3. गंडक परियोजना (Gandak Project), जिसे 'वैशाली और चंपारण की जीवन रेखा' भी कहा जाता है, भारत और नेपाल की संयुक्त परियोजना है, जिसके अंतर्गत त्रिवेणी घाट पर एक बैराज का निर्माण किया गया है और इससे निकलने वाली नहरें बिहार के साथ-साथ उत्तर प्रदेश को भी जल प्रदान करती हैं।
4. दक्षिण बिहार के पठारी और शुष्क क्षेत्रों में जल संकट से निपटने के लिए बिहार सरकार द्वारा शुरू की गई 'हर खेत तक सिंचाई का पानी' योजना के अंतर्गत केवल बड़ी बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजनाओं पर निर्भर रहा गया है, और इसमें सौर ऊर्जा आधारित सूक्ष्म लिफ्ट सिंचाई योजनाओं या चेक डैमों के निर्माण के लिए कोई प्रावधान नहीं किया गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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रॉलेट एक्ट (1919), खिलाफत आंदोलन और असहयोग आंदोलन के ऐतिहासिक घटनाक्रम के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मार्च 1919 में पारित रॉलेट एक्ट (Rowlatt Act) के विरोध में महात्मा गांधी ने 'रॉलेट सत्याग्रह' के तहत 6 अप्रैल 1919 को देशव्यापी हड़ताल और जुलूस निकालने का आह्वान किया था, जिसे 'बिना वकील, बिना अपील, बिना दलील' का कानून कहा गया था।
2. अखिल भारतीय खिलाफत कमेटी का प्रथम सम्मेलन दिल्ली में नवंबर 1919 में आयोजित किया गया था, जिसकी अध्यक्षता स्वयं महात्मा गांधी ने की थी, ताकि हिंदू-मु मुस्लिम एकता को मजबूत करते हुए ब्रिटिश सरकार पर दबाव बनाया जा सके।
3. कलकत्ता में सितंबर 1920 में आयोजित कांग्रेस के विशेष अधिवेशन में असहयोग आंदोलन का प्रस्ताव चित्तरंजन दास (C.R. Das) द्वारा प्रस्तुत किया गया था, जिसका उद्देश्य पंजाब और खिलाफत के अन्यायपूर्ण कृत्यों का निवारण करना और स्वराज्य प्राप्त करना था।
4. चौरी-चौरा कांड (5 फरवरी 1922) की हिंसक घटना के पश्चात महात्मा गांधी ने 12 फरवरी 1922 को बारदोली में हुई कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में असहयोग आंदोलन को पूरी तरह वापस लेने की घोषणा कर दी थी, जिससे सुभाषचंद्र बोस और जवाहरलाल नेहरू जैसे युवा नेताओं ने इसे 'राष्ट्रीय आपदा' करार दिया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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भारतीय संविधान के अंतर्गत राज्यों के उच्च न्यायालयों, अधीनस्थ न्यायालयों और संघ राज्य क्षेत्रों (Union Territories) की न्याय व्यवस्था के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत प्रत्येक उच्च न्यायालय को अपने अधिकार क्षेत्र के भीतर मूल अधिकारों के प्रवर्तन के लिए तथा किसी अन्य प्रयोजन के लिए रिट (Writs) जारी करने की शक्ति प्राप्त है, और उच्च न्यायालय की यह रिट अधिकारिता (Writ Jurisdiction) उच्चतम न्यायालय के अनुच्छेद 32 के अंतर्गत प्रदत्त रिट अधिकारिता की तुलना में अधिक व्यापक है।
2. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 233 के अनुसार, किसी राज्य में जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति, पोस्टिंग और पदोन्नति राज्यपाल द्वारा उस राज्य के उच्च न्यायालय से परामर्श करके की जाती है, जबकि जिला न्यायाधीशों के अलावा अन्य न्यायिक सेवा के सदस्यों की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा उच्च न्यायालय और राज्य लोक सेवा आयोग के परामर्श से की जाती है।
3. संसद को विधि द्वारा किसी संघ राज्य क्षेत्र के लिए एक उच्च न्यायालय स्थापित करने या किसी उच्च न्यायालय के अधिकार क्षेत्र को किसी संघ राज्य क्षेत्र तक विस्तारित करने या उससे अपवर्जित करने का पूर्ण संवैधानिक अधिकार प्राप्त है, जैसा कि दिल्ली उच्च न्यायालय अधिनियम, 1966 के माध्यम से किया गया था।
4. किसी उच्च न्यायालय का कोई न्यायाधीश अपने पद की शपथ संबंधित राज्य के मुख्यमंत्री के समक्ष लेता है, और उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों का स्थानांतरण भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) की संस्तुति के बिना राष्ट्रपति द्वारा सीधे अपने स्वविवेक से किया जा सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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