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त्वरित लिंक्स

BPSC TRE 4.0
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किसी ऐसे व्यक्ति, जिसके पास नौकरी नहीं है और स्पष्ट रूप से बेरोजगार के विपरीत अल्परोज़ारी, जो छिपा हुआ हो, को कहा जाता है?

Detailed Explanation

इसे ही प्रच्छन्न या अदृश्य बेरोजगारी कहा जाता है।
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→ ब्रिटिश भारत के गवर्नर जनरलों और वायसराय के कार्यकाल में घटित ऐतिहासिक घटनाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. लॉर्ड विलियम बेंटिक के कार्यकाल में वर्ष 1833 का चार्टर अधिनियम पारित किया गया, जिसके तहत बंगाल के गवर्नर जनरल को 'भारत का गवर्नर जनरल' बना दिया गया और देश में कानून निर्माण के केंद्रीयकरण की शुरुआत हुई। 2. लॉर्ड डलहौजी के शासनकाल में 'व्यपगत का सिद्धांत' (Doctrine of Lapse) के अंतर्गत सर्वप्रथम सतारा रियासत को ब्रिटिश साम्राज्य में मिलाया गया, तथा इसी के कार्यकाल में शिमला को ब्रिटिश भारत की ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाया गया और पहली बार सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) की स्थापना की गई। 3. लॉर्ड लिटन के कार्यकाल में वर्नाक्यूलर प्रेस एक्ट (1878) और आर्म्स एक्ट (1878) पारित किए गए, तथा इसी के समय में द्वितीय आंग्ल-अफ़गान युद्ध लड़ा गया और दिल्ली में भव्य 'दिल्ली दरबार' का आयोजन कर क्वीन विक्टोरिया को 'कैसरे-हिंद' की उपाधि से सम्मानित किया गया। 4. लॉर्ड कर्ज़न द्वारा वर्ष 1905 में बंगाल विभाजन की घोषणा की गई, जिसके विरोध में स्वदेशी आंदोलन शुरू हुआ, और इसी के कार्यकाल में भारतीय विश्वविद्यालय अधिनियम (1904) तथा प्राचीन स्मारक संरक्षण अधिनियम पारित किए गए। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? → भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना से पूर्व स्थापित राजनीतिक और सार्वजनिक संस्थाओं तथा उनके संस्थापकों/नेतृत्वकर्ताओं के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. लैंडहोल्डर्स सोसाइटी (जमींदारी एसोसिएशन) — द्वारकानाथ टैगोर 2. ब्रिटिश इंडियन एसोसिएशन — राधाकांत देव 3. ईस्ट इंडिया एसोसिएशन — दादाभाई नौरोजी 4. इंडियन लीग — आनंद मोहन बोस उपर्युक्त युग्मों में से कौन-सा/से युग्म सही सुमेलित है/हैं? → भारत की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश कौन थी? → संसद को राज्य सूची में किसी मामले के सम्बन्ध में कानून बनाने की शक्ति है, बशर्ते यह है → अकार्बनिक रसायन (Inorganic Chemistry) के अंतर्गत संक्रमण धातुओं (Transition Metals), उनके परिसरों (Complex Compounds) और समन्वय रसायन (Coordination Chemistry) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वर्नर के उपसहसंयोजन सिद्धांत (Werner's Coordination Theory) के अनुसार, संक्रमण धातु आयनों में दो प्रकार की संयोजकताएँ पाई जाती हैं - प्राथमिक संयोजकता (जो आयननीय होती है और ऑक्सीकरण संख्या को दर्शाती है) तथा द्वितीयक संयोजकता (जो अनआयननीय होती है और समन्वय संख्या को निर्धारित करती है)। 2. क्रिस्टल फील्ड सिद्धांत (Crystal Field Theory - CFT) के अनुसार, जब लिगेंड धातु आयन के संपर्क में आते हैं, तो धातु की 'd' कक्षकों का अपभ्रंश (Degeneracy) समाप्त हो जाता है और वे ऊर्जा के आधार पर विभाजित (Split) हो जाते हैं, जिसमें ऑक्टाहेड्रल (अष्टफलकीय) क्षेत्र में $t_{2g}$ कक्षक उच्च ऊर्जा स्तर पर और $e_g$ कक्षक निम्न ऊर्जा स्तर पर चले जाते हैं। 3. 'प्रभावी परमाणु क्रमांक' (Effective Atomic Number - EAN) नियम के अनुसार, कई समन्वय यौगिकों में धातु आयन और लिगेंडों द्वारा साझा किए गए इलेक्ट्रॉनों की कुल संख्या निकटतम अक्रिय गैस (Noble Gas) के परमाणु क्रमांक के बराबर होने पर यौगिक अत्यधिक स्थायी हो जाता है। 4. काइरैलिटी (Chirality) और ऑप्टिकल आइसोमेरिज्म (प्रकाशिक समावयवता) मुख्य रूप से उन अष्टफलकीय परिसरों में देखी जाती है जो सममित (Symmetrical) प्रकृति के होते हैं और जिनमें समतल (Plane of symmetry) या केंद्र (Center of symmetry) विद्यमान होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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