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BPSC TRE 4.0
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दांडी यात्रा कितने दिन चली थी?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दांडी मार्च 12 मार्च 1930 से 6 अप्रैल 1930 तक, यानी कुल 24 दिनों तक चला था।
Related Questions
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भारतीय संविधान के भाग-III (मूल अधिकार), भाग-IV (नीति निर्देशक तत्व) और भाग-IVक (मूल कर्त्तव्य) के प्रावधानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अनुच्छेद 32 के अंतर्गत सर्वोच्च न्यायालय को और अनुच्छेद 226 के अंतर्गत उच्च न्यायालयों को मूल अधिकारों के प्रवर्तन के लिए रिट (Writs) जारी करने की शक्ति प्राप्त है, किंतु राष्ट्रीय आपातकाल (अनुच्छेद 352) के दौरान अनुच्छेद 20 और 21 द्वारा प्रदत्त मूल अधिकारों को छोड़कर अन्य किसी भी मूल अधिकार के प्रवर्तन के लिए न्यायालय जाने के अधिकार को राष्ट्रपति द्वारा निलंबित किया जा सकता है।
2. राज्य के नीति निर्देशक तत्व (DPSP) 'आयरिश संविधान' से प्रेरित हैं और संविधान के अनुच्छेद 37 के अनुसार इन्हें देश की शासन व्यवस्था में मौलिक स्थान प्राप्त है तथा कानून बनाते समय इन सिद्धांतों को लागू करना राज्य का कर्तव्य होगा, भले ही ये न्यायालय द्वारा प्रवर्तनीय (Justiciable) न हों।
3. सरदार स्वर्ण सिंह समिति की अनुशंसा पर 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा संविधान में मूल कर्तव्यों को जोड़ा गया था, तथा वर्तमान में संविधान के अनुच्छेद 51क के अंतर्गत कुल 11 मूल कर्तव्य शामिल हैं, जिनमें 6 से 14 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए शिक्षा का अवसर प्रदान करना 86वें संविधान संशोधन, 2002 द्वारा जोड़ा गया था।
4. नीति निर्देशक तत्वों के अंतर्गत आने वाले 'समान नागरिक संहिता' (Uniform Civil Code) का उल्लेख अनुच्छेद 44 में किया गया है, जो कि एक न्यायोचित (Justiciable) अधिकार है और इसे लागू करने के लिए राज्य सरकारें बाध्य हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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निम्नलिखित में से कौन सा रूर औद्योगिक क्षेत्र का प्राथमिक औद्योगिक उत्पाद है?
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भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की प्रथम महिला अध्यक्ष कौन थी?
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बिहार के लोक साहित्य और भाषा के संदर्भ में, प्रसिद्ध भोजपुरी उपन्यास 'फूला' (Phula) के रचयिता निम्नलिखित में से कौन हैं, जिन्हें भोजपुरी साहित्य का एक महत्वपूर्ण हस्ताक्षर माना जाता है?
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बिहार में 20वीं शताब्दी के पूर्वार्ध में हुए किसान आंदोलनों एवं उनके नेतृत्वकर्ताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वर्ष 1919-20 में दरभंगा राज की जातियों के शोषण और बकाश्त जमीन पर अवैध दखल के विरुद्ध स्वामी विद्यानंद के नेतृत्व में 'दरभंगा किसान आंदोलन' एक शक्तिशाली आंदोलन के रूप में उभरा था।
2. वर्ष 1938 में श्री कृष्ण सिंह के नेतृत्व में मुंगेर जिले के बरही में 'बिहार प्रांतीय किसान सभा' का विधिवत अधिवेशन हुआ, जहाँ किसानों ने जमींदारों द्वारा जबरन वसूली जाने वाली 'अवाबक' (अतिरिक्त कर) के विरुद्ध कड़ा विरोध दर्ज कराया था।
3. राहुल सांकृत्यायन ने 1940 के दशक में छपरा (सारण) क्षेत्र में किसानों को संगठित किया और 'अमेठिया किसानों' के संघर्ष का नेतृत्व करते हुए 'स्वामी सहजानंद सरस्वती' के साथ मिलकर 'अखिल भारतीय किसान लाल सेना' का गठन किया था।
4. वर्ष 1930 के सविनय अवज्ञा आंदोलन के दौरान बिहार के कई हिस्सों में किसानों ने चौकीदार कर (Chaukidari Tax) देने से स्पष्ट मना कर दिया था, जिसे चंपारण, सारण और बेतिया जिलों में किसान आंदोलन के साथ व्यापक रूप से जोड़ा गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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