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हजारीबाग में बिहारी स्टूडेंट्स कॉन्फ्रेंस का 16वाँ अधिवेशन कब हुआ था?

Detailed Explanation

हजारीबाग में बिहारी स्टूडेंट्स कॉन्फ्रेंस का 16वाँ अधिवेशन 1922 में हुआ था।
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Related Questions

→ छठी शताब्दी ईसा पूर्व के 'सोलह महाजनपदों' और उनके तत्कालीन राजनीतिक, आर्थिक तथा भौगोलिक स्वरूप के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अंग महाजनपद की राजधानी चंपा थी, जो अपने समय में एक प्रमुख समुद्री एवं नदी मार्ग का व्यापारिक केंद्र थी और अंग तथा मगध के बीच लंबे समय तक संघर्ष चला था, अंततः बिम्बिसार ने अंग को मगध साम्राज्य में मिला लिया था। 2. वज्जी महाजनपद आठ कुलों का एक शक्तिशाली संघ था, जिसमें लिच्छवि सर्वाधिक शक्तिशाली थे, और यहाँ राजतंत्रात्मक शासन प्रणाली के स्थान पर प्राचीन गणतंत्रात्मक (संघात्मक) शासन व्यवस्था प्रचलित थी जिसकी राजधानी वैशाली थी। 3. अश्मक (अश्मक) महाजनपद गोदावरी नदी के तट पर स्थित एकमात्र ऐसा महाजनपद था जो दक्षिण भारत (विंध्य पर्वत के दक्षिण) में स्थित था, और इसकी राजधानी पोटली या पोतन थी। 4. वत्स महाजनपद की राजधानी कौशंबी थी, जो आधुनिक मेरठ के पास स्थित थी, और यहाँ के शासक चण्डप्रद्योत थे जिनका संबंध अवंती राज्य से था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? → 1757 से 1857 के कालखंड में भारत में हुए विभिन्न जन आंदोलनों और जनजातीय विद्रोहों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संन्यासी विद्रोह (लगभग 1763-1800), जो मुख्य रूप से बंगाल में केंद्रित था, के दौरान भवानी पाठक और देवी चौधुरानी जैसे नेताओं ने ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की नीतियों के खिलाफ सशस्त्र संघर्ष का नेतृत्व किया था, जिसका जीवंत चित्रण बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के उपन्यास 'आनंदमठ' में मिलता है। 2. छोटा नागपुर क्षेत्र में हुआ 'कोल विद्रोह' (1831-1832) बुधु भगत और जोआ भगत के नेतृत्व में भूमि करों में अत्यधिक वृद्धि और बाहरी लोगों (दिकुओं) द्वारा उनकी भूमि पर अवैध कब्जा किए जाने के विरोध में भड़का था। 3. सिद्धू और कान्हा के नेतृत्व में हुआ 'संथाल हूल' (1855-1856) मुख्य रूप से बंगाल और बिहार के राजमहल पहाड़ियों के दामिन-इ-कोह क्षेत्र में महाजनों, पुलिस और रेलवे ठेकेदारों के शोषण के विरुद्ध एक सशक्त सशस्त्र विद्रोह था। 4. वर्ष 1857 के विद्रोह से पूर्व दक्षिण भारत में हुए 'वेल्लोर विद्रोह' (1806) का मुख्य कारण सैनिकों द्वारा माथे पर धार्मिक चिह्न लगाने और पारंपरिक पगड़ी पहनने पर प्रतिबंध लगाना था, जिसे टीपू सुल्तान के बेटों द्वारा भड़काया गया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? → निम्नलिखित में से कौन से देश स्प्रैटली द्वीप समूह क्षेत्र के सक्रिय दावेदार हैं? → पुष्पीय पौधों (Angiosperms) में जनन अंगों, पुष्प की संरचना तथा पौधों की आकारिकी एवं कार्यिकी (Plant Morphology and Reproduction) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. पुष्प एक रूपांतरित प्ररोह (Modified Shoot) है, जिसमें संघनन के कारण अंतरपर्व (Internodes) छोटे हो जाते हैं और पत्तियाँ रूपांतरित होकर चार चक्रों (कैलिक्स, कोरोला, एंड्रोसियम और गाइनोसियम) का निर्माण करती हैं, जिनमें एंड्रोसियम नर जनन अंग (पुंकेसर) और गाइनोसियम मादा जनन अंग (स्त्रीकेशर) का प्रतिनिधित्व करता है। 2. आवृतबीजी पौधों में निषेचन की क्रिया 'त्रिसंलयन' (Triple Fusion) और 'युग्मक संलयन' (Syngamy) के रूप में होती है, जिसे सामूहिक रूप से 'द्वि-निषेचन' (Double Fertilization) कहा जाता है, जिसमें एक नर युग्मक अंड कोशिका से मिलकर द्विगुणित (2n) युग्मज बनाता है और दूसरा नर युग्मक द्वितीयक केंद्रक से मिलकर त्रिगुणित (3n) प्राथमिक भ्रूणपोष केंद्रक (Primary Endosperm Nucleus) का निर्माण करता है। 3. पुष्पों में परागकणों का परागकोश से वर्तिकाग्र तक स्थानांतरण 'परागण' कहलाता है, और यदि परागकण का स्थानांतरण एक ही पौधे के दूसरे पुष्प के वर्तिकाग्र पर होता है, तो इसे आनुवंशिक रूप से 'सजातीय पुष्पीय परागण' (Geitonogamy) कहा जाता है, जो कार्यकीय रूप से पर-परागण (Xenogamy) के समान होता है क्योंकि इसके लिए परागणकर्ताओं की आवश्यकता होती है। 4. पौधों की कायिक आकारिकी के अंतर्गत मूसला जड़ (Taproot System) का मुख्य कार्य भूमि से जल और खनिजों का अवशोषण करना है, किंतु गाजर, शलजम और शकरकंद जैसी जड़ें भोजन संग्रहण के लिए क्रमशः शंक्वाकार, कुम्भाकार और कंदिल रूप में रूपांतरित हो जाती हैं, जिनमें शकरकंद वास्तव में मूसला जड़ का नहीं बल्कि अपस्थानिक जड़ (Adventitious Root) का रूपांतरण है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? → बिहार के परिवहन तंत्र और सड़क अवसंरचना के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत बिहार में ग्रामीण क्षेत्रों को बारहमासी सड़कों से जोड़ने का कार्य तेजी से किया गया है, जिसके अंतर्गत ग्रामीण सड़कों के घनत्व में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। 2. राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 31 (NH-31) बिहार का सबसे लंबा राष्ट्रीय राजमार्ग है, जो राज्य के पूर्वी और उत्तर-पूर्वी हिस्सों को आपस में जोड़ते हुए झारखंड और पश्चिम बंगाल की सीमा तक जाता है। 3. बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (BSRTC) की स्थापना का मुख्य उद्देश्य राज्य के भीतर और अंतर-राज्यीय मार्गों पर सार्वजनिक यात्री परिवहन सेवाओं को सुगम और नियंत्रित करना है। 4. जलमार्ग परिवहन के विकास के तहत राष्ट्रीय जलमार्ग-1 (NW-1) गंगा नदी पर हल्दिया से प्रयागराज के बीच स्थित है, जिसका एक प्रमुख हिस्सा बिहार राज्य से होकर गुजरता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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