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BPSC TRE 4.0
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के-2 (K2) चोटी किस पर्वत श्रृंखला में स्थित है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
के-2 चोटी काराकोरम पर्वत श्रृंखला में स्थित है।
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पृथ्वी पर अक्षांश एवं देशान्तर रेखाओं (Latitudes and Longitudes) की भौगोलिक अवस्थिति, उनके गुणों और समय की गणना के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. विषुवत वृत्त (Equator) से उत्तर या दक्षिण की ओर किसी भी बिंदु की कोणीय दूरी को अक्षांश कहा जाता है, तथा ग्लोब पर सभी अक्षांश रेखाएँ एक-दूसरे के समानांतर होती हैं, जिनकी लंबाई ध्रुवों की ओर जाने पर घटती जाती है और अंततः ध्रुवों पर यह एक बिंदु में परिवर्तित हो जाती है।
2. देशान्तर रेखाएँ ध्रुवों को मिलाने वाली काल्पनिक अर्धवृत्ताकार रेखाएँ हैं, जिनकी कुल संख्या 360 होती है, और सभी देशान्तर रेखाओं की लंबाई बिल्कुल समान होती है, क्योंकि वे सभी वृहत् वृत्त (Great Circles) का निर्माण करती हैं।
3. प्रधान याम्योत्तर (Prime Meridian - 0° देशान्तर) के पूर्व की ओर जाने पर प्रत्येक 1 देशान्तर के अंतराल पर समय में 4 मिनट की वृद्धि (आगे) होती है, जबकि पश्चिम की ओर जाने पर समय में 4 मिनट की कमी (पीछे) होती है, तथा पृथ्वी अपनी धुरी पर पश्चिम से पूर्व की ओर 24 घंटे में 360 देशान्तर घूमती है।
4. अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा (International Date Line) पूर्ण रूप से 180° देशान्तर रेखा का अनुसरण करती है, और बेरिंग जलडमरूमध्य से गुजरते समय प्रशांत महासागर में इसे पूर्व या पश्चिम की ओर मोड़ा गया है ताकि एक ही देश या द्वीप समूह के विभिन्न भागों में दो अलग-अलग तिथियों का भ्रम उत्पन्न न हो।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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बिहार के भूवैज्ञानिक संरचना और मृदा तंत्र के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. दक्षिण बिहार के पठारी और पहाड़ी क्षेत्रों में मुख्य रूप से लाल और पीली मिट्टी (Red and Yellow Soil) पाई जाती है, जो विंध्यन और धारवाड़ क्रम की प्राचीन चट्टानों के अपक्षय और विखंडन से विकसित हुई है तथा जिसमें नाइट्रोजन, ह्यूमस और फास्फोरस की मात्रा कम होती है।
2. उत्तर बिहार के मैदानी इलाकों में पाई जाने वाली नवीन जलोढ़ मिट्टी को 'खादर' कहा जाता है, जिसका विस्तार कोसी, गंडक और बागमती जैसी नदियों के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में है, और यह मिट्टी अत्यधिक उपजाऊ होती है क्योंकि इसमें प्रतिवर्ष बाढ़ के साथ नई उपजाऊ गाद का निक्षेपण होता है।
3. टाल क्षेत्र (Tal Region) जो कि पटना से मोकामा तक गंगा के दक्षिण में स्थित एक संकीर्ण जलमग्न द्रोणी है, की मृदा मुख्य रूप से भारी चिकनी मिट्टी (Heavy Clay) है, जिसे स्थानीय भाषा में 'केवल' या 'करेल-केवाल' मृदा कहा जाता है और यह धान की खेती के लिए अत्यंत उपयुक्त मानी जाती है।
4. बिहार के उत्तर-पश्चिमी भाग (विशेषकर पश्चिम चंपारण के सोमेश्वर और दून घाटी क्षेत्र) में टर्शरी (Tertiary) युग की चट्टानों के ऊपर 'पर्वतीय एवं तराई मृदा' का विकास हुआ है, जिसमें अम्लीय प्रवृत्ति अधिक पाई जाती है और यह गन्ने तथा धान के उत्पादन के लिए अनुकूल होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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भारत के खनिज संसाधनों और ऊर्जा अवसंरचना के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. झारखंड का 'छोटानागपुर का पठार' भारत का खनिज हृदयस्थल (Mineral Heart) कहलाता है, जहाँ देश के कुल कोकिंग कोयला, अभ्रक, और तांबा भंडार का अधिकांश हिस्सा पाया जाता है, जबकि यूरेनियम का प्रमुख भंडार यहाँ के जादूगोड़ा क्षेत्र में स्थित है।
2. भारत में लिग्नाइट कोयला (भूरा कोयला) के सबसे बड़े भंडार तमिलनाडु के नेवेली क्षेत्र में स्थित हैं, जिनका उपयोग थर्मल पावर प्लांटों में विद्युत उत्पादन के लिए बड़े पैमाने पर किया जाता है, जबकि देश में एंथ्रेसाइट कोयला मुख्य रूप से जम्मू-कश्मीर के रियासी क्षेत्र में सीमित मात्रा में मिलता है।
3. परमाणु ऊर्जा के उत्पादन के लिए आवश्यक 'मोनोजाइट रेत' (Monazite Sand), जिसमें थोरियम और दुर्लभ मृदा तत्व (Rare Earth Elements) प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, मुख्य रूप से केरल, ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों के बालू में पाई जाती है।
4. भारत का सबसे बड़ा पवन ऊर्जा फार्म क्लस्टर (Wind Farm Cluster) तमिलनाडु के कन्याकुमारी से लेकर गुजरात के कच्छ प्रायद्वीप तक फैला हुआ है, तथा अपतटीय (Offshore) पवन ऊर्जा के विकास के लिए सरकार द्वारा मन्नार की खाड़ी और खंभात की खाड़ी को प्रमुख क्षेत्रों के रूप में चिह्नित किया गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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यूरोपीय वाणिज्यिक कंपनियों के भारत आगमन और उनकी प्रारंभिक स्थापनाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत में व्यापार करने वाली पहली यूरोपीय कंपनी पुर्तगाली ईस्ट इंडिया कंपनी थी, और वर्ष 1503 में कोच्चि में पुर्तगालियों द्वारा भारत की पहली यूरोपीय फैक्ट्री (व्यापारी कोठी) की स्थापना की गई थी, जबकि उनकी दूसरी फैक्ट्री कन्नूर में स्थापित हुई थी।
2. ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी (The Governor and Company of Merchants of London Trading into the East Indies) की स्थापना वर्ष 1600 में महारानी एलिजाबेथ प्रथम के चार्टर द्वारा की गई थी, और इसने जहांगीर के शासनकाल में विलियम हॉकिंस के प्रयासों से वर्ष 1613 में सूरत में अपनी पहली स्थायी फैक्ट्री स्थापित की थी।
3. डच ईस्ट इंडिया कंपनी (Vereenigde Oostindische Compagnie - VOC) ने वर्ष 1605 में मसूलीपट्टम में अपनी पहली फैक्ट्री स्थापित की थी, और बंगाल में हुगली तथा पटना में अपनी व्यापारिक कोठियों की स्थापना के माध्यम से उन्होंने भारतीय वस्त्र और सोरा (Saltpeter) के व्यापार पर प्रमुख नियंत्रण स्थापित किया था।
4. फ्रांसीसी ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना फ्रांसीसी मंत्री कोल्बर्ट के प्रयासों से वर्ष 1664 में लुई चौदहवें के शासनकाल में हुई थी, औरフランソワ कार्तों (François Caron) के नेतृत्व में फ्रांसीसियों ने वर्ष 1668 में सूरत में अपनी पहली फैक्ट्री स्थापित की थी, जबकि वर्ष 1674 में पांडिचेरी की स्थापना कर उसे अपना मुख्यालय बनाया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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खेलो इंडिया पैरा गेम्स 2025 के संबंध में निम्नलिखित कथनों में से कौन से सही हैं?
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