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सुदर्शन झील का जीर्णोद्धार (मरम्मत) किसने कराया था?

Detailed Explanation

जूनागढ़ शिलालेख के अनुसार, शक शासक रुद्रदामन प्रथम ने सुदर्शन झील का जीर्णोद्धार कराया था।
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→ बिहार के जनजातीय आंदोलनों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वर्ष 1855-56 के 'संथाल हूल' (विद्रोह) के दौरान संथाल विद्रोहियों ने ब्रिटिश शासन, साहूकारों (दीकू) और जमींदारों के शोषण के विरुद्ध पारंपरिक हथियारों के साथ सशस्त्र संघर्ष का आह्वान किया था, जिसके परिणामस्वरूप बाद में 'संथाल परगना टेनेंसी एक्ट' (SPTA) पारित किया गया था। 2. बिरसा मुंडा के नेतृत्व में वर्ष 1899-1900 में हुए 'उलगुलान' (महान हलचल) का मुख्य उद्देश्य 'मुंडा राज' की स्थापना करना था, जिसमें अंधविश्वासों, पशुबलि और शराबखोरी का कड़ा विरोध करते हुए एक नैतिक समाज के निर्माण पर बल दिया गया था। 3. जतरा भगत के नेतृत्व में वर्ष 1914 में प्रारंभ हुआ 'ताना भगत आंदोलन' उरांव जनजाति का एक अहिंसक और सुधारवादी आंदोलन था, जिन्होंने अंग्रेजों को भू-राजस्व देने से इंकार कर दिया था और बाद में असहयोग आंदोलन के दौरान महात्मा गांधी के साथ सक्रिय रूप से जुड़े थे। 4. पहाड़िया विद्रोह, जो राजमहल की पहाड़ियों के क्षेत्र में महतो और पहाड़िया सरदारों द्वारा ब्रिटिश भू-राजस्व नीतियों के खिलाफ किया गया था, एक पूर्णतः स्थायी और सफल सुधारवादी आंदोलन साबित हुआ था जिसने ब्रिटिश साम्राज्य को अपनी नीतियां हमेशा के लिए समाप्त करने पर मजबूर कर दिया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? → खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2025 के 7वें संस्करण के संबंध में निम्नलिखित कथनों में से कौन से सही हैं? → 19वीं शताब्दी के दौरान भारत में हुए सामाजिक एवं धार्मिक सुधार आंदोलनों और उनके संस्थापकों/नेतृत्वकर्ताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. राजा राममोहन राय द्वारा वर्ष 1815 में 'आत्मीय सभा' की स्थापना की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य एकेश्वरवाद के प्रचार-प्रसार के साथ-साथ हिंदू समाज में व्याप्त कुप्रथाओं, जैसे सती प्रथा और बहुविवाह, का विरोध करना था। 2. स्वामी दयानंद सरस्वती ने वर्ष 1875 में बॉम्बे में 'आर्य समाज' की स्थापना की थी, तथा उनके प्रसिद्ध ग्रंथ 'सत्यार्थ प्रकाश' में उन्होंने वेदों की अचूकता और श्रेष्ठता का प्रतिपादन करते हुए 'भारत भारतीयों के लिए है' का राजनीतिक नारा दिया था। 3. ज्योतिराव फुले ने वर्ष 1873 में महाराष्ट्र में 'सत्यशोधक समाज' की स्थापना की, जिसका मुख्य उद्देश्य शूद्रों और अति-शूद्रों को ब्राह्मणवादी वर्चस्व और धार्मिक पाखंडों से मुक्त कराना तथा उनके सामाजिक अधिकारों की रक्षा करना था। 4. एनी विसंेट ने वर्ष 1898 में बनारस में 'सेंट्रल हिंदू स्कूल' की स्थापना की थी, जो आगे चलकर वर्ष 1915 में पंडित मदन मोहन मालवीय के प्रयासों से 'बनारस हिंदू विश्वविद्यालय' (BHU) का केंद्र बना। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? → असम के 1857 के विद्रोह तथा अन्य जन आंदोलनों (1757-1857) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. असम में 1857 के विद्रोह के दौरान वहाँ के स्थानीय लोगों ने ब्रिटिश सत्ता के विरुद्ध विद्रोह किया था, जिसमें मनीराम दत्त और कंदर्पेश्वर सिंह ने अहोम राजतंत्र को पुनः स्थापित करने का प्रयास किया था। 2. संन्यासी विद्रोह (लगभग 1763-1800), जो मुख्य रूप से बंगाल और बिहार के क्षेत्रों में प्रभावित था, का प्रमुख कारण ब्रिटिश शासन द्वारा धार्मिक यात्राओं पर प्रतिबंध लगाना और किसानों पर अत्यधिक भू-राजस्व आरोपित करना था, जिसका जीवंत चित्रण बंकिम चंद्र चटर्जी के प्रसिद्ध उपन्यास 'आनंदमठ' में मिलता है। 3. पाइक विद्रोह (1817), जो ओडिशा के खुरदा क्षेत्र में बख्सी जगबंधु के नेतृत्व में हुआ था, ब्रिटिश औपनिवेशिक नीतियों, कर-पद्धति और सिक्कों के मूल्य में परिवर्तन के विरुद्ध एक सशस्त्र और संगठित जन आंदोलन था। 4. मोपला विद्रोह (जो 1921 में केरल के मालाबार तट पर हुआ था) 1857 से पहले घटित होने वाले उन प्रमुख जनजातीय आंदोलनों में शामिल था, जिन्हें ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के खिलाफ शुरुआती आदिवासी प्रतिरोध माना जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? → पादप आकारिकी (Plant Morphology) और पौधों में जनन (Plant Reproduction) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ब्रायोफाइट्स (Bryophytes) को पादप जगत का 'उभयचर' कहा जाता है क्योंकि ये स्थल पर तो जीवित रहते हैं, किंतु लैंगिक जनन के लिए जल की उपस्थिति अनिवार्य होती है, और इनके जीवन चक्र में मुख्य पादप शरीर युग्मकोद्भिद् (Gametophyte) होता है। 2. आवृਤबीजी (Angiosperms) पौधों में दोहरा निषेचन (Double Fertilization) एक विशिष्ट प्रक्रिया है, जिसमें एक नर युग्मकोद्भिद् अंडे की कोशिका से संलयन कर युग्मज (Zygote) बनाता है, जबकि दूसरा नर युग्मकोद्भिद् द्वितीयक केंद्रक से संलयन कर त्रिगुणित (Triploid) प्राथमिक भ्रूणपोष केंद्रक का निर्माण करता है। 3. जिम्नोस्पर्म (Gymnosperms) पौधों में बीज नग्न (Naked seeds) होते हैं क्योंकि इनमें अंडाशय (Ovary) अनुपस्थित होता है, जिसके कारण फल का निर्माण नहीं होता है, तथा इनमें परागण प्रत्यक्ष रूप से वायु द्वारा होता है। 4. पुष्प के आवश्यक अंग (Essential Whorls) पुंकेसर (Androecium) और जायांग (Gynoecium) होते हैं, जो सीधे तौर पर जनन प्रक्रिया में भाग लेते हैं, जबकि बाह्यदलपुंज (Calyx) और दलपुंज (Corolla) सहायक अंग होते हैं जो परागणकर्ताओं को आकर्षित करने का कार्य करते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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