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Child Development
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अधिगम के किस सिद्धांत को 'पुनर्बलन का सिद्धांत' (Reinforcement Theory) के नाम से भी जाना जाता है?

Detailed Explanation

सी.एल. हल (C.L. Hull) के सिद्धांत को 'पुनर्बलन का सिद्धांत' कहा जाता है, जो मानता है कि अधिगम आवश्यकता की पूर्ति (Need Reduction) पर आधारित होता है।
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→ बच्चे के जन्म तक की अवधि की पहचान करें। (गर्भधान के दिन से) → अधिगम के पठार (Plateau of Learning) के निर्माण के संदर्भ में, जब किसी सीखने की प्रक्रिया में लंबे समय तक प्रदर्शन में कोई उन्नति नहीं होती और वक्र एक सीधी क्षैतिज रेखा के रूप में प्रदर्शित होता है, तो इसके मुख्य मनोवैज्ञानिक और शारीरिक कारणों में निम्नलिखित में से कौन-सा संयोजन सर्वाधिक उपयुक्त एवं प्रामाणिक माना जाता है? → अधिगम के किस सिद्धांत में 'प्रतीक' (Sign) और 'संकेत' के महत्व को दर्शाया गया है? → जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में, 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) के दौरान बालकों में विकसित होने वाले 'निगमनात्मक तार्किकता' (Deductive Reasoning) और 'संयोजनवादी विचार' (Combinatorial Thinking) के अंतर्संबंध का सूक्ष्म विश्लेषण करते समय, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस विकासात्मक चरण की वास्तविक संज्ञानात्मक परिपक्वता को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है? → जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में, 'पूर्व संक्रियात्मक अवस्था' (Preoperational Stage) की एक प्रमुख सीमा 'विकेंद्रीकरण का अभाव' या 'अहंदर्शक' (Egocentrism) और 'संरक्षण' (Conservation) की समझ का न होना है। पियाजे द्वारा किए गए प्रसिद्ध 'तीन पर्वत कार्य' (Three-Mountain Problem) के प्रयोग में, इस अवस्था का एक बालक अपनी ही दृश्य-दृष्टि (Perspective) को दूसरों पर आरोपित करता है। इसके विपरीत, जब बालक मूर्त संक्रियात्मक अवस्था में प्रवेश करता है, तो वह किस मुख्य संज्ञानात्मक क्षमता को प्राप्त करके इस सीमा को पार कर लेता है?
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