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Indian Polity
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एक्जोवायोलॉजी (Exobiology) क्या है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
एक्जोवायोलॉजी अंतरिक्ष विज्ञान की वह शाखा है जो अन्य ग्रहों पर जीवन की संभावनाओं का अध्ययन करती है।
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भारतीय संविधान के 73वें संशोधन अधिनियम, 1992 के अंतर्गत पंचायती राज संस्थाओं (PRIs) के संरचनात्मक और वित्तीय प्रावधानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इस अधिनियम द्वारा संविधान में भाग IX जोड़ा गया, जिसका शीर्षक 'पंचायते' है और इसमें अनुच्छेद 243 से 243-O तक के प्रावधान शामिल हैं, तथा इसके तहत ग्यारहवीं अनुसूची में पंचायतों के कार्यक्षेत्र के लिए कुल 29 विषयों को सूचीबद्ध किया गया है।
2. इस अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार त्रि-स्तरीय प्रणाली (ग्राम, मध्यवर्ती और जिला स्तर) का गठन प्रत्येक राज्य के लिए अनिवार्य रूप से लागू होता है, किंतु 20 लाख से कम जनसंख्या वाले राज्यों को मध्यवर्ती स्तर का गठन न करने की छूट प्रदान की गई है।
3. पंचायतों के वित्तीय सुदृढ़ीकरण के लिए प्रत्येक राज्य के राज्यपाल द्वारा हर पांच वर्ष की समाप्ति पर एक वित्त आयोग का गठन किए जाने का प्रावधान अनुच्छेद 243-I के तहत किया गया है, जो पंचायतों की वित्तीय स्थिति की समीक्षा करता है और करों के संग्रह तथा करों के बंटवारे के संबंध में संस्तुति करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त का कार्यकाल कितना होता है?
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भारतीय संविधान के अंतर्गत उपराष्ट्रपति की शاهियों, प्रधानमंत्री की स्थिति और मंत्रिपरिषद के सामूहिक उत्तरदायित्व के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 67(b) के अनुसार उपराष्ट्रपति को राज्य सभा के ऐसे संकल्प द्वारा अपने पद से हटाया जा सकता है जिसे राज्य सभा के तत्कालीन समस्त सदस्यों के बहुमत द्वारा पारित किया गया हो और जिससे लोकसभा सहमत हो, किंतु इस प्रस्ताव को प्रस्तुत करने के लिए चौदह दिन की पूर्व लिखित सूचना देना अनिवार्य है और इसके लिए लोकसभा की सहमति साधारण बहुमत से ही पर्याप्त होती है।
2. अनुच्छेद 75(3) के अनुसार मंत्रिपरिषद लोकसभा के प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदायी होती है, जिसका संवैधानिक तात्पर्य यह है कि यदि लोकसभा में किसी एक मंत्री के विरुद्ध भी अविश्वास प्रस्ताव पारित हो जाता है या प्रधानमंत्री का त्यागपत्र हो जाता है, तो पूरी मंत्रिपरिषद को त्यागपत्र देना पड़ता है, क्योंकि सभी मंत्री एक साथ तैरते और एक साथ डूबते हैं।
3. अनुच्छेद 74 के अंतर्गत राष्ट्रपति मंत्रिपरिषद की सलाह के अनुसार अपने कृत्यों का प्रयोग करेगा, किंतु राष्ट्रपति मंत्रिपरिषद से ऐसी सलाह पर 'पुनर्विचार' करने की अपेक्षा केवल एक ही बार कर सकता है, और पुनर्विचार के पश्चात दी गई सलाह के अनुसार कार्य करने के लिए राष्ट्रपति पूरी तरह बाध्य होता है, भले ही वह सलाह प्रधानमंत्री या मंत्रिपरिषद के किसी असहमतिपूर्ण निर्णय पर आधारित हो।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय संसद की विधाई प्रक्रिया और सदनों की शक्तियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 109 के अनुसार धन विधेयक (Money Bill) केवल लोकसभा में ही प्रस्तुत किया जा सकता है, राज्यसभा में नहीं; और यदि राज्यसभा किसी धन विधेयक को बिना किसी संशोधन के लौटा देती है या चौदह दिन की समयावधि बीत जाती है, तो वह विधेयक संसद के दोनों सदनों द्वारा पारित मान लिया जाता है, भले ही राज्यसभा ने उस पर औपचारिक मतदान न किया हो।
2. संविधान के अनुच्छेद 108 के अंतर्गत राष्ट्रपति संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक (Joint Sitting) केवल साधारण विधेयकों और वित्तीय विधेयकों (श्रेणी-I) के मामलों में ही आहत कर सकता है, जबकि संविधान संशोधन विधेयकों तथा धन विधेयकों के संदर्भ में संयुक्त बैठक बुलाने का कोई प्रावधान नहीं है।
3. लोकसभा द्वारा पारित और राज्यसभा को प्रेषित किसी साधारण विधेयक के संबंध में यदि दोनों सदनों के बीच गतिरोध उत्पन्न होता है और राष्ट्रपति संयुक्त बैठक बुलाने की मंशा की सूचना दे देता है, तो राज्यसभा द्वारा विधेयक को छह महीने तक रोक लेने की स्थिति में ही संयुक्त बैठक आहूत की जा सकती है, भले ही इस अवधि के दौरान लोकसभा विघटित हो गई हो।
4. संसद में विधाई प्रक्रिया के दौरान यदि कोई विधेयक लोकसभा में लंबित है और लोकसभा के विघटन के कारण वह व्यपगत (Lapse) हो जाता है, किंतु राष्ट्रपति ने उसके संबंध में संयुक्त बैठक बुलाने की अपनी मंशा अधिसूचित कर दी है, तो ऐसा विधेयक व्यपगत नहीं होगा और वह संयुक्त बैठक में विचार के लिए जीवित बना रहेगा।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय संविधान के अंतर्गत केंद्र-राज्य विधायी संबंधों और अंतर-राज्यीय परिषद् के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 249 के अनुसार, यदि राज्य सभा उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के कम-से-कम दो-तिहाई बहुमत से यह संकल्प पारित कर देती है कि राष्ट्रीय हित में यह आवश्यक या expedient है कि संसद राज्य सूची में शामिल किसी विषय पर विधि बनाए, तो संसद को पूरे भारत या उसके किसी भाग के लिए उस विषय पर कानून बनाने की शक्ति मिल जाती है, और ऐसा संकल्प अधिकतम दो वर्ष की अवधि के लिए प्रवृत्त रहता है।
2. अंतर-राज्यीय परिषद् (Inter-State Council) का गठन संविधान के अनुच्छेद 263 के अंतर्गत राष्ट्रपति द्वारा किया जाता है, तथा सरकारिया आयोग (1983-88) की सिफारिश पर वर्ष 1990 में स्थापित इस स्थायी निकाय का मुख्य कार्य राज्यों के बीच उत्पन्न विवादों की जाँच करना, सलाह देना तथा उन विषयों पर चर्चा करना है जिनमें राज्यों या केंद्र और राज्यों के समान हित हैं।
3. अनुच्छेद 262 के अंतर्गत संसद को अंतर-राज्यीय नदियों या नदी घाटियों के जल के प्रयोग, वितरण या नियंत्रण से संबंधित किसी विवाद या परिवाद के न्यायनिर्णयन के लिए विधि द्वारा उपबंध करने की शक्ति प्राप्त है, तथा इस अनुच्छेद के तहत बनाई गई संसद की विधि के अंतर्गत यदि कोई कानून बनाया जाता है, तो उसमें सर्वोच्च न्यायालय या किसी अन्य न्यायालय की अधिकारिता को पूर्णतः वर्जित (Barred) किया जा सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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