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Indian Polity
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किस फसल का विकास पुष्पक्रम में होता है?

Detailed Explanation

अन्नानास का विकास पुष्पक्रम से होता है।
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→ भारतीय संविधान के भाग II (अनुच्छेद 5-11) के अंतर्गत नागरिकता के प्रावधानों और नागरिकता (संशोधन) अधिनियमों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 9 के स्पष्ट प्रावधान के अनुसार, यदि कोई भारतीय नागरिक स्वेच्छा से किसी विदेशी राज्य की नागरिकता प्राप्त कर लेता है, तो भारत की उसकी नागरिकता स्वतः समाप्त हो जाती है, किंतु यह नियम आपातकाल या युद्ध की स्थिति में लागू नहीं होता है। 2. नागरिकता अधिनियम, 1955 (समय-समय पर संशोधित) की धारा 5 के अंतर्गत 'पंजीकरण' (Registration) द्वारा नागरिकता प्राप्त करने के लिए भारतीय मूल के किसी व्यक्ति को आवेदन देने से ठीक पहले कम से कम सात वर्षों तक भारत में सामान्य निवास करना अनिवार्य होता है। 3. अनुच्छेद 11 के अंतर्गत संसद को नागरिकता के अर्जन और उसकी समाप्ति तथा नागरिकता से संबंधित अन्य सभी विषयों के संबंध में उपबंध करने की पूर्ण और अनन्य शक्ति प्रदान की गई है, और इस शक्ति के प्रयोग में संसद द्वारा बनाई गई विधि को इस आधार पर चुनौती नहीं दी जा सकती कि वह संविधान के मूल ढांचे (Basic Structure) या समानता के अधिकार (अनुच्छेद 14) का उल्लंघन करती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → भारतीय संविधान के 73वें संशोधन अधिनियम, 1992 के अंतर्गत पंचायती राज संस्थाओं (भाग IX) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इस अधिनियम द्वारा प्रत्येक राज्य में पंचायतों के लिए तीन-स्तरीय (ग्राम, मध्यवर्ती और जिला स्तर) संरचना अनिवार्य की गई है, किंतु जिन राज्यों की जनसंख्या 20 लाख से अधिक नहीं है, उन्हें मध्यवर्ती स्तर पर पंचायत का गठन करने से छूट दी गई है। 2. पंचायती राज संस्थाओं के सभी स्तरों पर प्रत्यक्ष चुनावों के माध्यम से भरी जाने वाली कुल सीटों का कम से कम एक-तिहाई (33 प्रतिशत) भाग महिलाओं के लिए आरक्षित होना अनिवार्य है, तथा यह आरक्षण महिलाओं के लिए केवल सामान्य सीटों तक ही सीमित है और इसे पंचायतों के अध्यक्षों (Chairpersons) के पदों पर लागू नहीं किया जा सकता है। 3. अधिनियम के अनुच्छेद 243-G के अनुसार, राज्य का विधानमंडल पंचायतों को ऐसी शक्तियाँ और प्राधिकार प्रदान कर सकता है जो आर्थिक विकास और सामाजिक न्याय के लिए योजनाएँ तैयार करने तथा ग्यारहवीं अनुसूची में सूचीबद्ध 29 विषयों के क्रियान्वयन से संबंधित हों। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → भारतीय संविधान के ऐतिहासिक विकास और रेगुलेटिंग एक्ट, 1773 तथा पिट्स इंडिया एक्ट, 1784 के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. रेगुलेटिंग एक्ट, 1773 के माध्यम से ब्रिटिश संसद द्वारा पहली बार ईस्ट इंडिया कंपनी के प्रशासनिक और राजनैतिक कार्यों को मान्यता दी गई तथा बंगाल के गवर्नर को 'बंगाल का गवर्नर-जनरल' पदनाम दिया गया, जिसके पहले गवर्नर-जनरल लॉर्ड वारेन हेस्टिंग्स बने। 2. रेगुलेटिंग एक्ट के तहत ही वर्ष 1774 में कलकत्ता के फोर्ट विलियम में एक उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) की स्थापना की गई, जिसमें एक मुख्य न्यायाधीश और तीन अन्य न्यायाधीश शामिल थे, तथा इस न्यायालय के निर्णयों के विरुद्ध सीधे लंदन स्थित प्रिवी काउंसिल में अपील की जा सकती थी। 3. पिट्स इंडिया एक्ट, 1784 द्वारा कंपनी के राजनैतिक और वाणिज्यिक कार्यों को पृथक कर दिया गया; राजनैतिक मामलों के प्रबंधन के लिए 'बोर्ड ऑफ कंट्रोल' (Board of Control) की स्थापना की गई, जबकि व्यापारिक मामलों के लिए 'कोर्ट ऑफ डायरेक्टर्स' (Court of Directors) को बरकरार रखा गया, जिससे भारत में 'द्वैध शासन' (Dual Government) की शुरुआत हुई। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → राष्ट्रपति शासन (President\s Rule) से संबंधित प्रावधान संविधान के किस अनुच्छेद में है? → राज्य की कार्यपालिका के संदर्भ में राज्यपाल की शक्तियों, अध्यादेश प्रख्यापित करने की क्षमता और मुख्यमंत्री तथा मंत्रिपरिषद के संबंधों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 213 के अनुसार राज्यपाल द्वारा प्रख्यापित अध्यादेश की वही शक्ति और प्रभाव होता है जो राज्य विधानमंडल द्वारा पारित किसी अधिनियम का होता है, किंतु राज्यपाल अपनी इस विधायी शक्ति का प्रयोग स्वतंत्र रूप से कर सकता है और इसके लिए राज्य मंत्रिपरिषद की सलाह लेना अनिवार्य नहीं है। 2. राज्यपाल को संविधान के अनुच्छेद 161 के तहत क्षमादान की शक्ति प्राप्त है, जिसके अंतर्गत वह किसी राज्य विधि के विरुद्ध किसी अपराध के लिए सिद्धदोष ठहराए गए व्यक्ति के दंड को क्षमा, उसका प्रहरण, विराम या परिहार कर सकता है, और मृत्युदंड के मामलों में भी उसकी यह शक्ति राष्ट्रपति के समान ही समवर्ती और व्यापक होती है। 3. अनुच्छेद 167 के अंतर्गत मुख्यमंत्री का यह संवैधानिक कर्तव्य है कि वह राज्य के प्रशासन से संबंधित और विधानविषयक प्रस्तावों से संबंधित मंत्रिपरिषद के सभी विनिश्चय राज्यपाल को संसूचित करे तथा राज्यपाल द्वारा माँगे जाने पर ऐसी सूचना प्रदान करे। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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