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Indian Polity
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बीजों के अंकुरण के लिए किसकी आवश्यकता नहीं है?

Detailed Explanation

बीजों के प्राथमिक अंकुरण के लिए धूप (प्रकाश) अनिवार्य नहीं है, वे अंधेरे में भी अंकुरित हो सकते हैं।
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→ राष्ट्रपति की 'क्षमादान की शक्ति' (Pardoning Power) किस अनुच्छेद में वर्णित है? → भारतीय संविधान के निर्माण और संविधान सभा की कार्यप्रणाली के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान सभा के गठन का आधार कैबिनेट मिशन योजना, 1946 था, जिसके तहत संविधान सभा की कुल सदस्य संख्या 389 निर्धारित की गई थी, जिसमें ब्रिटिश भारत के प्रांतों को 293 सीटें और देशी रियासतों को 93 सीटें आवंटित की गई थीं। 2. संविधान सभा के सदस्यों का निर्वाचन प्रांतीय विधानसभाओं के सदस्यों द्वारा आनुपातिक प्रतिनिधित्व पद्धति के अनुसार एकल संक्रमणीय मत प्रणाली द्वारा अप्रत्यक्ष रूप से हुआ था, और इसमें देशी रियासतों के प्रतिनिधियों का चयन रियासतों के प्रमुखों द्वारा नामित किया जाना था, जिसके कारण संविधान सभा एक आंशिक रूप से निर्वाचित और आंशिक रूप से मनोनीत निकाय थी। 3. संविधान सभा की प्रथम बैठक 9 दिसंबर 1946 को आयोजित की गई थी, जिसका मुस्लिम लीग ने बहिष्कार किया था, और इस अवसर पर सभा के सबसे वरिष्ठ सदस्य डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा को फ्रांस की परंपरा के अनुसार सभा का अस्थायी अध्यक्ष (Interim President) चुना गया था, जबकि बाद में 11 दिसंबर 1946 को डॉ. राजेंद्र प्रसाद को स्थायी अध्यक्ष निर्वाचित किया गया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → भारतीय संविधान के अंतर्गत उच्च न्यायालयों (High Courts) की रिट अधिकारिता (Writ Jurisdiction), प्रशासनिक नियंत्रण तथा अधीनस्थ न्यायपालिका के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत किसी राज्य के उच्च न्यायालय को मूल अधिकारों के प्रवर्तन के साथ-साथ 'किसी अन्य प्रयोजन' (अर्थात सामान्य विधिक अधिकारों के उल्लंघन पर) के लिए भी रिट जारी करने की शक्ति प्राप्त है, और इस संदर्भ में उच्च न्यायालय की रिट अधिकारिता का क्षेत्र सर्वोच्च न्यायालय की तुलना में अधिक विस्तृत है। 2. संविधान के अनुच्छेद 233 के अंतर्गत जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति, पोस्टिंग और पदोन्नति संबंधित राज्य के राज्यपाल द्वारा राज्य के उच्च न्यायालय से परामर्श करने के पश्चात की जाती है, तथा जिला न्यायाधीश के अलावा अन्य न्यायिक सेवा के सदस्यों की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा राज्य लोक सेवा आयोग और उच्च न्यायालय से परामर्श के बिना सीधे मंत्रिपरिषद की सलाह पर की जाती है। 3. संविधान के अनुच्छेद 235 के अनुसार प्रत्येक राज्य के अधीनस्थ न्यायालयों पर नियंत्रण, जिसमें जिला न्यायालयों और उनके अधीनस्थ न्यायालयों के अधिकारियों की पोस्टिंग, प्रमोशन और छुट्टी देना शामिल है, उच्च न्यायालय में निहित होता है, न कि राज्य सरकार के प्रशासनिक मंत्रालयों के पास। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → भारतीय संविधान के 74वें संशोधन अधिनियम, 1992 के अंतर्गत शहरी स्थानीय शासन (नगरपालिकाओं) के प्रावधानों और उनकी कार्यप्रणाली के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इस अधिनियम द्वारा संविधान में भाग IX-A जोड़ा गया, जिसमें अनुच्छेद 243-P से 243-ZG तक के प्रावधान शामिल हैं, तथा बारहवीं अनुसूची में नगरपालिकाओं की विधायी शक्तियों से संबंधित कुल 18 कार्यात्मक विषयों को सूचीबद्ध किया गया है। 2. नगरपालिकाओं के सभी प्रकार के सदस्यों का चुनाव प्रत्यक्ष रूप से प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों (वार्डों) से जनता द्वारा किया जाता है, और किसी भी स्थिति में राज्य विधानमंडल द्वारा किसी भी नामित (Nominated) सदस्य को नगरपालिका की बैठकों में मताधिकार प्रदान करने की संवैधानिक अनुमति नहीं दी जाती है। 3. प्रत्येक नगरपालिका में अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए सीटों का आरक्षण उनकी कुल जनसंख्या के अनुपात में किया जाना अनिवार्य है, तथा महिलाओं के लिए सभी श्रेणियों में कुल सीटों का कम से कम एक-तिहाई (33%) हिस्सा आरक्षित होना आवश्यक है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → राज्य विधानमंडल के अंतर्गत 'विधानसभा' और 'विधान परिषद' की शक्तियों, विधायी प्रक्रियाओं और विशेषाधिकारों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 197 के अनुसार, यदि विधान परिषद किसी साधारण विधेयक को अस्वीकार कर देती है या ऐसे संशोधन करती है जिससे विधानसभा असहमत है, या विधान परिषद द्वारा विधेयक प्राप्ति के पश्चात चार महीने तक कोई निर्णय नहीं लिया जाता है, तो विधानसभा उस विधेयक को दोबारा पारित करके विधान परिषद को पुनः भेज सकती है, जिसके पश्चात विधान परिषद अधिकतम एक महीने की अवधि तक ही उस विधेयक को रोक सकती है। 2. धन विधेयक (Money Bill) के मामले में विधान परिषद की स्थिति अत्यंत सीमित होती है; विधानसभा द्वारा पारित धन विधेयक को जब विधान परिषद के पास भेजा जाता है, तो उसे 14 दिनों के भीतर अपनी सिफारिशों के साथ विधानसभा को वापस लौटाना अनिवार्य होता है, और यदि विधान परिषद 14 दिनों के भीतर विधेयक नहीं लौटाती है, तो वह दोनों सदनों द्वारा उसी रूप में पारित मान लिया जाता है जैसा विधानसभा ने पारित किया था। 3. राज्य विधानमंडल के सदनों की अवधि के संबंध में संविधान के अनुच्छेद 172 के अनुसार, विधानसभा एक निरंतर चलने वाला निकाय है और इसका विघटन कभी नहीं होता है, जबकि विधान परिषद का प्रत्येक सदस्य 6 वर्ष के लिए चुना जाता है और इसके एक-तिहाई सदस्य प्रत्येक दूसरे वर्ष की समाप्ति पर सेवानिवृत्त होते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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