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BPSC TRE 4.0
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तापमान व्युत्क्रमण के संबंध में निम्नलिखित कथनों में से कौन से सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
तापमान व्युत्क्रमण में ऊंचाई के साथ तापमान बढ़ता है, और यह प्रायः शांत/साफ रातों में होता है।
Related Questions
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पादप आकारिकी और पौधों में जनन (Plant Morphology and Reproduction) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मूसला जड़ (Taproot) तंत्र में प्राथमिक जड़ मूलांक (Radicle) के दीर्घीकरण से विकसित होती है, जो मुख्य रूप से द्विबीजपत्री पौधों (Dicots) की विशेषता है, जबकि अपस्थानिक जड़ें (Adventitious roots) मूलांक के अलावा पौधे के किसी अन्य भाग से उत्पन्न होती हैं।
2. पुष्प के विभिन्न चक्रों में 'पुंकेसर' (Stamen) नर जननांग तथा 'स्त्रीकेशर' (Pistil या Carpel) मादा जननांग का प्रतिनिधित्व करता है, जिसमें स्त्रीकेशर के तीन प्रमुख भाग होते हैं: वर्तिकाग्र (Stigma), वर्तिका (Style) और अंडाशय (Ovary)।
3. अनिषेक फलन (Parthenocarpy) वह प्रक्रिया है जिसमें निषेचन के बिना ही फल का विकास हो जाता है, जिसके परिणामस्वरूप ऐसे फल सामान्यतः बीजहीन (Seedless) होते हैं, जैसे कि केला और अंगूर की कुछ किस्में।
4. पौधों में परागण (Pollination) के उपरांत परागकण वर्तिकाग्र पर अंकुरित होकर पराग नलिका बनाते हैं, और आवृतबीजी (Angiosperms) पौधों में 'द्वि-निषेचन' (Double Fertilization) की क्रिया होती है जिसमें एक नर युग्मक अंडे से तथा दूसरा नर युग्मक द्वितीयक केंद्रक से संलयित होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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बिहार प्रांतीय किसान सभा का गठन किस वर्ष हुआ था?
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रॉलेट एक्ट (1919), खिलाफत आंदोलन तथा असहयोग आंदोलन (1920-22) के ऐतिहासिक घटनाक्रम के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मार्च 1919 में पारित 'रॉलेट एक्ट' (अराजक और क्रांतिकारी अपराध अधिनियम) के विरोध में महात्मा गांधी ने 'रॉलेट सत्याग्रह' के तहत 6 अप्रैल 1919 को देशव्यापी हड़ताल और सत्याग्रह का आह्वान किया था, जिसमें पहली बार अखिल भारतीय स्तर पर आम जनता, कामगारों और शहरी मध्यम वर्ग की व्यापक भागीदारी देखने को मिली।
2. वर्ष 1919 के अंत में अखिल भारतीय खिलाफत सम्मेलन के अध्यक्ष के रूप में महात्मा गांधी का निर्वाचन किया गया था, क्योंकि वे ब्रिटिश सरकार पर दबाव बनाकर तुर्की के खलीफा के अधिकारों और ऑटोमन साम्राज्य के विघटन को रोकने के लिए हिंदू-मुस्लिम एकता का एक स्वर्णिम अवसर देख रहे थे।
3. कलकत्ता (सितंबर 1920) के विशेष अधिवेशन में असहयोग आंदोलन के प्रस्ताव का जमकर विरोध किया गया था, किंतु नागपुर (दिसंबर 1920) के वार्षिक अधिवेशन में चित्तरंजन दास (C.R. Das) द्वारा प्रस्तुत असहयोग के मुख्य प्रस्ताव को सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया गया तथा कांग्रेस के लक्ष्य के रूप में 'स्वराज' की प्राप्ति को परिभाषित किया गया।
4. फरवरी 1922 में चौरी-चौरा (गोरखपुर) की हिंसा के तुरंत बाद महात्मा गांधी ने बारोली (Bardoli) में कांग्रेस की कार्य समिति की बैठक बुलाए बिना ही व्यक्तिगत रूप से असहयोग आंदोलन को तत्काल प्रभाव से वापस लेने की एकतरफा घोषणा कर दी थी, जिससे उस समय के अधिकांश युवा नेताओं (जैसे सुभाष चंद्र बोस और जवाहरलाल नेहरू) में अत्यधिक असंतोष उत्पन्न हुआ था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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बिहार में स्वतंत्रता संग्राम और असहयोग आंदोलन के दौरान घटित निम्नलिखित प्रमुख घटनाओं तथा उनके नेतृत्वकर्ताओं के संदर्भ में कौन-सा/से कथन सत्य है/हैं?
1. वर्ष 1921 में असहयोग आंदोलन के दौरान मसरख (छपरा) में आयोजित एक सभा के दौरान डॉ. राजेंद्र प्रसाद के नेतृत्व में विदेशी कपड़ों का पूर्ण बहिष्कार किया गया था तथा इसी समय बिहार नेशनल कॉलेज और सदाकत आश्रम की स्थापना की गई थी जिसके माध्यम से राष्ट्रवादी शिक्षा को बढ़ावा दिया गया।
2. असहयोग आंदोलन के दौरान बिहार में वकीलों द्वारा अदालतों का ऐतिहासिक बहिष्कार किया गया था, जिसमें मौलाना मजहरुल हक, ब्रजकिशोर प्रसाद और राजेंद्र प्रसाद जैसे शीर्ष वकीलों ने अपनी वकालत की प्रैक्टिस छोड़ दी थी और 'द मदर लैंड' (The Motherland) नामक राष्ट्रवादी अखबार का प्रकाशन शुरू किया गया था।
3. वर्ष 1922-23 में शाहबाद और गया जिले में किसानों ने चौकीदारी कर (Chaukidari Tax) के विरुद्ध व्यापक आंदोलन चलाया था, जिसके तहत किसानों ने ब्रिटिश सरकार को कर देने से इनकार कर दिया था और इस आंदोलन को स्थानीय स्तर पर स्वामी सहजानंद सरस्वती और राहुल सांकृत्यायन का पूर्ण समर्थन प्राप्त हुआ था।
4. प्रिंस ऑफ वेल्स के भारत आगमन (दिसंबर 1921) के अवसर पर पटना में हुए ऐतिहासिक विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व दीप नारायण सिंह और श्रीकृष्ण सिंह ने किया था, जिसके दौरान पुलिस लाठीचार्ज के बावजूद स्वयंसेवकों ने काले झंडे दिखाकर ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ रोष प्रकट किया था।
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पृथ्वी पर अक्षांश एवं देशान्तर रेखाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. विषुवत वृत्त (Equator) से ध्रुवों की ओर बढ़ने पर अक्षांश रेखाओं के बीच की दूरी में সামান্য परिवर्तन होता है, जो पृथ्वी के पूर्णतः गोलाकार न होने के कारण ध्रुवों पर थोड़ा अधिक (लगभग 111.7 किमी) तथा विषुवत वृत्त पर न्यूनतम (लगभग 110.6 किमी) होती है।
2. सभी देशान्तर रेखाएँ (Meridians of Longitude) महान वृत्त (Great Circles) होती हैं जो उत्तरी और दक्षिणी ध्रुव को मिलाती हैं, तथा दो देशान्तर रेखाओं के बीच की अधिकतम दूरी विषुवत वृत्त पर लगभग 111.32 किमी होती है, जो ध्रुवों की ओर जाने पर शून्य हो जाती है।
3. अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा (International Date Line) पूरी तरह से 180° देशान्तर पर सीधी रेखा के रूप में उत्तर से दक्षिण तक प्रशांत महासागर से गुजरती है, और किसी भी स्थल भाग या द्वीप समूह को विभाजित नहीं करती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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