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BPSC TRE 4.0
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विश्व पर्यावरण दिवस 2025 का थीम क्या था?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
थीम “रिस्टोर आवर अर्थ” था।
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भारतीय सेना द्वारा लॉन्च किया गया ‘एकलव्य’ डिजिटल प्लेटफॉर्म मुख्य रूप से किसके लिए समर्पित है?
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पृथ्वी के आंतरिक भाग में चट्टानों के निर्माण, शैल चक्र (Rock Cycle) की गतिशीलता तथा भारत एवं बिहार में पाए जाने वाले मृदा तंत्र (Soil Systems) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. आग्नेय चट्टानें (Igneous Rocks) पृथ्वी के आंतरिक भाग से पिघले हुए मैग्मा के ठंडे होने और जमने से बनती हैं, और चूंकि ये पृथ्वी के प्रारंभिक निर्माण से उत्पन्न होती हैं, इसलिए इन्हें 'प्राथमिक चट्टानें' (Primary Rocks) भी कहा जाता है, तथा इनमें जीवाश्म (Fossils) पूरी तरह से अनुपस्थित होते हैं।
2. रूपांतरित या कायांतरित चट्टानें (Metamorphic Rocks) अत्यधिक ताप (Temperature) और दाब (Pressure) के प्रभाव से अपने मूल आग्नेय या अवसादी रूप में परिवर्तन के फलस्वरूप बनती हैं, और इस प्रक्रिया में चूना पत्थर का संगमरमर में तथा बलुआ पत्थर का क्वार्ट्जाइट में रूपांतरण इसका उत्कृष्ट उदाहरण है।
3. बिहार के दक्षिणी पठारी और उप-पठारी क्षेत्रों (जैसे गया, रोहतास, औरंगाबाद और जमुई) में पाई जाने वाली लाल-पीली मृदा और प्राचीन क्रिस्टलीय चट्टानों से अपक्षयित मिट्टी मुख्य रूप से लौह ऑक्साइड की प्रचुरता के कारण कम उपजाऊ होती है, जिसमें नाइट्रोजन, ह्यूमस और फास्फोरस की भारी कमी होती है।
4. उत्तर भारत के विशाल मैदान और बिहार के गंगा के मैदानी भाग में विस्तृत 'नवीन जलोढ़ मृदा' (खादर), जिसे स्थानीय भाषा में 'वाल' या 'कंस' भी कहा जाता है, अत्यधिक उपजाऊ होती है क्योंकि इसमें प्रत्येक वर्ष बाढ़ के जल के साथ नए तलछटों (Silt) का निक्षेपण होता रहता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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मानव प्रजातियों (Human Races) के वर्गीकरण और उनके शारीरिक तथा भौगोलिक लक्षणों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ग्रिफ़िथ टेलर (Griffith Taylor) के 'माइग्रेशन-ज़ोन थ्योरी' (Migration Zone Theory) के अनुसार, मानव जातियों का उद्गम मध्य एशिया में हुआ था, और जो प्रजातियाँ सबसे पहले वहाँ से प्रवास कर दूरस्थ क्षेत्रों में पहुँचीं, वे अधिक 'आदिम' (Primitive) या 'विशेषीकृत' मानी गईं, जबकि बाद में प्रवास करने वाली प्रजातियाँ नवीनतम थीं।
2. नृविज्ञान (Anthropology) में 'कॉकीसोइड' (Caucasoid) प्रजाति के लोगों की मुख्य शारीरिक विशेषताओं में सीधी या लहरदार नाक, पतले होंठ, और हल्की से लेकर गहरी भूरी त्वचा शामिल है, तथा इस समूह को मुख्य रूप से यूरोप, उत्तरी अफ्रीका, मध्य पूर्व और भारतीय उपमहाद्वीप में वितरित माना जाता है।
3. 'नियोजॉइंट' वर्गीकरण के अंतर्गत मंगोलॉइड (Mongoloid) प्रजाति के शारीरिक लक्षणों में तिरछी आँखें (Epicanthic fold), सपाट चेहरा, सीधे काले बाल और शरीर पर कम बाल आना शामिल है, जो मुख्य रूप से एशिया के पूर्वी और मध्य भागों के साथ-साथ अमेरिकी मूल के मूल निवासियों में पाए जाते हैं।
4. ऑस्ट्रलॉइड (Australoid) प्रजाति, जिसकी विशेषताएँ काले घुंघराले बाल, चौड़ी नाक और गहरा काला रंग हैं, मुख्य रूप से ऑस्ट्रेलिया के मूल आदिवासियों (Aborigines) तक ही सीमित हैं, और इनका विस्तार एशिया के किसी भी अन्य क्षेत्र में नहीं पाया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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कौन सी संस्था भारत की पहली जीन-संपादित भेड़ के विकास से जुड़ी है?
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ऑपरेशन सिंधुर के तहत, शहीद परिवारों के लिए बिहार सरकार द्वारा अनुमोदित अनुग्रह राशि कितनी है?
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