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BPSC TRE 4.0
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भारतजेन पहल के संबंध में निम्नलिखित कथनों में से कौन से सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
पहल का उद्देश्य और नेतृत्व (IIT दिल्ली/NM-ICPS) संबंधी दोनों कथन सही हैं.
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फुटलूज़ उद्योगों की विशेषताओं के संबंध में निम्नलिखित में से कौन से सही हैं?
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अक्षांश एवं देशान्तर रेखाओं (Latitudes and Longitudes) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. विषुवत रेखा (Equator) से ध्रुवों की ओर बढ़ने पर अक्षांश रेखाओं के बीच की दूरी लगभग समान (लगभग 111 किमी) बनी रहती है, जबकि दो क्रमिक देशान्तर रेखाओं के बीच की अधिकतम दूरी विषुवत रेखा पर लगभग 111.32 किमी होती है और यह दूरी ध्रुवों की ओर जाने पर धीरे-धीरे कम होकर शून्य हो जाती है।
2. अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा (International Date Line) पूरी तरह से 180° देशान्तर रेखा का अनुसरण करती है, और जल तथा थल खंडों पर समय के अंतराल को रोकने के लिए इसे किसी भी स्थान पर पूर्व या पश्चिम की ओर बिल्कुल भी मोड़ा नहीं गया है।
3. पृथ्वी के अपने अक्ष पर पश्चिम से पूर्व की ओर घूर्णन के कारण, प्रत्येक 1° देशान्तर पार करने में स्थानीय समय में 4 मिनट का अंतर आता है, जिसमें यदि हम पूर्वी देशान्तर की ओर जाते हैं तो समय आगे (जोड़ा जाता है) होता है और पश्चिमी देशान्तर की ओर जाने पर समय पीछे (घटाया जाता है) होता है।
4. प्रधान मध्याह्न रेखा (Prime Meridian) ग्रीनविच (लंदन) से होकर गुजरती है, और इसे 0° देशान्तर माना गया है, जो संपूर्ण विश्व के मानक समय (GMT) निर्धारण का मुख्य आधार है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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कोशिका चक्र (Cell Cycle) और कोशिका विभाजन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. समसूत्री विभाजन (Mitosis) के दौरान 'इंटरफेज' (Interphase) सबसे लंबी अवधि होती है, जिसमें कोशिका अपने डीएनए का प्रतिकृति (Replication) और आवश्यक प्रोटीन का संश्लेषण करती है, और यह तैयारी चरण कहलाता है।
2. अर्धसूत्री विभाजन (Meiosis) की 'प्रोफेज-I' (Prophase-I) अवस्था में समझात गुणसूत्रों (Homologous chromosomes) के बीच आनुवंशिक पदार्थों का आदान-प्रदान होता है, जिसे 'क्रॉसिंग ओवर' (Crossing Over) कहा जाता है, और यह 'पैकाइटीन' (Pachytene) उप-अवस्था में घटित होता है।
3. जन्तु कोशिकाओं में कोशिका विभाजन के समय कोशिका द्रव्य का विभाजन (Cytokinesis) सेल प्लेट (Cell plate) के निर्माण द्वारा होता है, जबकि पादप कोशिकाओं में यह खाँच (Furrow) बनने या संकुचन रिंग (Contractile ring) के विकास से संपन्न होता है।
4. कोशिका चक्र के नियंत्रण बिंदुओं (Checkpoints) पर 'साइक्लिन' (Cyclins) और 'साइक्लिन-डिपेंडेंट किनेसेस' (CDKs) नामक प्रोटीनों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, जो चक्र के सुचारू संचालन और डीएनए क्षति की जाँच करते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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रॉलेट एक्ट (1919), खिलाफत आंदोलन और असहयोग आंदोलन के कालक्रम तथा उनके ऐतिहासिक प्रभावों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मार्च 1919 में पारित 'रॉलेट एक्ट' (अराजक और क्रांतिकारी अपराध अधिनियम) के तहत ब्रिटिश सरकार को बिना वारंट के किसी भी संदिग्ध व्यक्ति को गिरफ्तार करने और बिना मुकदमा चलाए जेल में रखने का असीमित अधिकार मिल गया था, जिसके विरोध में महात्मा गांधी ने 'रॉलेट सत्याग्रह' के तहत देशव्यापी हड़ताल और 'सत्याग्रह सभा' की स्थापना की थी।
2. वर्ष 1919 के अंत में अमृतसर में आयोजित भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अधिवेशन में खिलाफत आंदोलन के प्रश्न पर असहयोग आंदोलन शुरू करने का प्रस्ताव औपचारिक रूप से पारित कर दिया गया था, क्योंकि कांग्रेस ने तुर्की के खलीफा के अधिकारों की रक्षा और खिलाफत के अन्याय के विरुद्ध मुस्लिम समुदाय को राष्ट्रीय धारा से जोड़ने का ऐतिहासिक अवसर माना था।
3. फरवरी 1922 में घटित 'चौरी-चौरा कांड' (गोरखपुर, उत्तर प्रदेश) के हिंसक उपद्रव के कारण महात्मा गांधी ने असहयोग आंदोलन को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया था, जिसके बाद चित्तरंजन दास और मोतीलाल नेहरू ने कांग्रेस के गया अधिवेशन (1922) के पश्चात कांग्रेस से अलग होकर 'स्वराज पार्टी' का गठन किया था।
4. खिलाफत आंदोलन और असहयोग आंदोलन के एकीकरण के दौरान अली बंधुओं (मौलाना मुहम्मद अली और मौलाना शौकत अली) ने प्रमुख भूमिका निभाई थी, तथा इस जन-आंदोलन के दौरान कलकत्ता के विशेष सत्र (सितंबर 1920) में असहयोग का प्रस्ताव स्वयं चित्तरंजन दास द्वारा प्रस्तुत किया गया था, जिसका महात्मा गांधी ने कड़ा विरोध किया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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आधुनिक भौतिकी तथा परमाणु संरचना के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. आइंस्टीन के प्रकाश-विद्युत समीकरण ($K_{max} = h\nu - \Phi$) के अनुसार, उत्सर्जित प्रकाश-इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम गतिज ऊर्जा आपतित प्रकाश की आवृत्ति पर रेखीय रूप से निर्भर करती है और यह प्रकाश की तीव्रता से स्वतंत्र होती है।
2. बोर के परमाणु मॉडल के अनुसार, हाइड्रोजन परमाणु की किसी भी स्थिर कक्षा में इलेक्ट्रॉन का कोणीय संवेग ($L$) प्लैंक स्थिरांक ($h$) का पूर्ण गुणज अर्थात् $L = \frac{nh}{2\pi}$ होता है, जहाँ $n$ मुख्य क्वांटम संख्या है।
3. रेडियोएक्टिव क्षय के नियम के अनुसार, किसी भी रेडियोधर्मी पदार्थ के विघटन की दर किसी भी क्षण उस समय उपस्थित परमाणुओं की कुल संख्या के व्युत्क्रमानुपाती होती है, और इसका अर्द्ध-आयु काल विघटन नियतांक के वर्ग के सीधे आनुपातिक होता है।
4. द्रव्यमान-ऊर्जा तुल्यता के सिद्धांत ($E = mc^2$) के अनुसार, नाभिकीय संलयन (Nuclear Fusion) और नाभिकीय विखंडन (Nuclear Fission) दोनों ही प्रक्रियाओं में बंधन ऊर्जा (Binding Energy) प्रति न्यूक्लियन में वृद्धि के कारण द्रव्यमान क्षति (Mass Defect) ऊर्जा में परिवर्तित होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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