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कोशिका का पावर हाउस किसे कहते हैं?

Detailed Explanation

माइटोकांड्रिया ATP निर्माण के कारण पावर हाउस कहलाता है।
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→ बिहार की जलवायु, नदी तंत्र और कृषि पद्धतियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. बिहार की जलवायु मुख्य रूप से मानसूनी प्रकार की है, जिसमें उत्तर-पश्चिम से आने वाली दक्षिण-पश्चिम मानसून की बंगाल की खाड़ी शाखा राज्य में सर्वाधिक वर्षा कराती है, जबकि सर्दियों के महीनों में होने वाली हल्की वर्षा मुख्य रूप से पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbances) के कारण होती है। 2. उत्तर बिहार की नदियाँ (जैसे कोसी, गंडक, बागमती और कमला) हिमालयी नदियाँ हैं जो सदाबहार और मार्ग बदलने (प्रवाह परिवर्तन) के लिए कुख्यात हैं, जबकि दक्षिण बिहार की नदियाँ (जैसे सोन, पुनपुन, किउल और अजय) प्रायद्वीपीय पठार से निकलती हैं और मौसमी होने के कारण गर्मियों में प्रायः सूख जाती हैं। 3. बिहार के टाल क्षेत्र (Tal Region) में कृषि पद्धति सामान्यतः 'पायरा' (Paira/Utera) cropping system पर आधारित होती है, जिसके अंतर्गत धान की कटाई से ठीक पहले खेत में ही मटर, मसूर या चना जैसे दलहन की फसलें छिड़क दी जाती हैं ताकि मृदा की बची हुई नमी का सदुपयोग किया जा सके। 4. कोसी बेसिन क्षेत्र में पाई जाने वाली बलसुंदरी मृदा (Balsundari Soil) अत्यधिक अम्लीय प्रवृत्ति की होती है, जो मक्का और जूट की कृषि के लिए बिल्कुल उपयुक्त नहीं मानी जाती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? → जयप्रकाश नारायण ने अपनी जनसेवा के लिए मैग्सेसे अवार्ड कब प्राप्त किया? → बिहार के भौगोलिक परिदृश्य में वन क्षेत्र एवं मृदा (Forest Area and Soil) के वितरण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. बिहार के उत्तर-पश्चिमी भाग (विशेषकर पश्चिमी चंपारण जिले के सोमेश्वर और दून पहाड़ियों के क्षेत्र) में मुख्य रूप से पर्णपाती वन पाए जाते हैं, जहाँ 'ताराई' और नम पर्णपाती प्रकार की वनस्पतियाँ मिलती हैं। 2. दक्षिणी बिहार के पठारी और उच्च भूमि क्षेत्रों में पाई जाने वाली लाल-पीली मृदा और बलुई-मिट्टी लौह ऑक्साइड की प्रचुरता के कारण कम उपजाऊ होती है, जिसमें धान और ज्वार-बाजरा जैसी फसलें उगाई जाती हैं। 3. बिहार की जलोढ़ मृदा (Alluvial Soil) का निर्माण गंगा और उसकी सहायक नदियों द्वारा लाई गई गाद (Silt) के निक्षेपण से हुआ है, जिसमें उत्तर बिहार की जलोढ़ मिट्टी सामान्यतः क्षारीय (Alkaline) प्रकृति की होती है, जबकि दक्षिण बिहार की मिट्टी कुछ क्षेत्रों में अम्लीय या उदासीन होती है। 4. भारतीय वन स्थिति रिपोर्ट (ISFR) और बिहार सरकार के नवीनतम पर्यावरण आंकड़ों के अनुसार, राज्य का कुल आवरण (Total Forest Cover) राज्य के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का लगभग 15 प्रतिशत से अधिक है, और इसमें सबसे अधिक वन आवरण कैमूर जिले में दर्ज किया गया है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? → भारत सरकार द्वारा शुरू किए गए विभिन्न प्रमुख डिजिटल पोर्टल, मोबाइल ऐप और ई-शासन पहलों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'उत्सव पोर्टल' (Utsav Portal) पर्यटन मंत्रालय द्वारा शुरू किया गया एक ऐसा डिजिटल मंच है जो भारत के विभिन्न त्योहारों, उत्सवों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करने तथा उनकी लाइव स्ट्रीमिंग और डिजिटल बुकिंग की सुविधा प्रदान करता है। 2. 'ई-संजीवनी' (eSanjeevani) स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा विकसित देश की पहली राष्ट्रीय टेलीमेडिसिन सेवा है, जिसके माध्यम से ओपीडी (OPD) सेवाओं का डिजिटल लाभ उठाकर मरीज घर बैठे डॉक्टरों से ऑनलाइन परामर्श प्राप्त कर सकते हैं। 3. 'दिशांक ऐप' (Dishaank App), जिसे कर्नाटक सरकार के भूमि रिकॉर्ड विभाग द्वारा विकसित किया गया है, का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को उनके भू-अभिलेखों की डिजिटल प्रति उपलब्ध कराना है, ताकि भूमि विवादों को आसानी से सुलझाया जा सके। 4. 'मेरी पहचान' (MeriPhahchan) राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस डिवीज़न (NeGD) द्वारा विकसित एक राष्ट्रीय सिंगल साइन-ऑन (Single Sign-On) मंच है, जो नागरिकों को विभिन्न सरकारी ऑनलाइन सेवाओं तक पहुँचने के लिए एक ही डिजिटल पहचान (Credentials) का उपयोग करने की सुविधा देता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? → बिहार की सिंचाई एवं नदी घाटी परियोजनाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. सोन नहर प्रणाली (Sone Canal System) बिहार की सबसे प्राचीन नहर प्रणालियों में से एक है, जिसकी शुरुआत डेहरी-ऑन-सोने (रोहतास) में बराज बनाकर की गई थी, और यह सोन नदी के पूर्वी तथा पश्चिमी तटों से भोजपुर, रोहतास और औरंगाबाद जिलों को सिंचाई जल प्रदान करती है। 2. कोसी बहुउद्देशीय परियोजना के अंतर्गत भारत और नेपाल की सीमा पर हनुमाननगर के पास एक बराज का निर्माण किया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य बाढ़ नियंत्रण और पूर्वी व पश्चिमी कोसी मुख्य नहरों के माध्यम से कृषि क्षेत्रों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराना है। 3. गंडक परियोजना एक संयुक्त परियोजना है जिसके तहत त्रिवेणी घाट पर बराज का निर्माण किया गया है, और इसकी पूर्वी मुख्य नहर प्रणाली से बिहार के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्रों और पड़ोसी देश नेपाल को भी सिंचाई का पानी मिलता है। 4. बड़ुआ और नर्तकी सिंचाई परियोजनाएँ मुख्य रूप से उत्तर बिहार के बाढ़-प्रवण जिलों जैसे मधुबनी और सीतामढ़ी में भूजल स्तर को रिचार्ज करने और जल विद्युत उत्पादन के लिए पूरी तरह से केंद्रीय क्षेत्र की योजना के रूप में संचालित की जाती हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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