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Child Development
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........ एक समूह के भीतर सामाजिक स्तर या कक्षाओं में व्यवस्थित होने की स्थिति है।

Detailed Explanation

समाज का विभिन्न स्तरों या वर्गों में बँटना 'सामाजिक स्तरीकरण' (Social Stratification) कहलाता है।
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→ अधिगम (Learning) के मनोवैज्ञानिक सिद्धांतों के अंतर्गत एडवर्ड थार्नडाइक के 'सम्बन्धवाद' (Connectionism), इवान पावलव के 'शास्त्रीय अनुबंधन' (Classical Conditioning) और बी.एफ. स्किनर के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन' (Operant Conditioning) की तात्विक और प्रयोगात्मक संरचना का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई शिक्षार्थी किसी कक्षा में पुरस्कार पाने की प्रत्याशा में या शिक्षक की प्रशंसा प्राप्त करने के लिए बार-बार एक ही प्रकार की वांछित अनुक्रिया को दोहराता है, और धीरे-धीरे उस अनुक्रिया का उद्दीपक के साथ संबंध इतना मजबूत हो जाता है कि वह स्वतः रूप से बिना किसी अतिरिक्त बाहरी निर्देश के प्रदर्शित होने लगती है, तो इन तीनों सिद्धांतों के तुलनात्मक ढांचे के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस अधिगम प्रक्रिया की वास्तविक वैज्ञानिक प्रकृति को सर्वाधिक सटीक रूप से स्पष्ट करता है? → प्रगतिशील शिक्षा (Progressive Education) के मूल दर्शन के अंतर्गत, जॉन डीवी और अन्य विचारकों द्वारा प्रतिपादित 'बाल-केंद्रित पाठ्यक्रम' (Child-Centered Curriculum) और 'अनुभवात्मक अधिगम' (Experiential Learning) के सिद्धांतों का सूक्ष्म विश्लेषण करते समय, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस pedagogical दृष्टिकोण की वास्तविक कक्षा-कक्षीय कार्यप्रणाली और लोकतांत्रिक मूल्यों को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है? → सिग्मंड फ्रायड के मनो-लैंगिक विकास सिद्धांत (Psychosexual Development Theory) के संदर्भ में, यदि कोई बाल्यावस्था का छात्र अत्यधिक अनुशासनहीन, जिद्दी, वस्तुओं को संग्रहित करने की प्रवृत्ति रखने वाला और अत्यधिक स्वच्छता या अव्यवस्था के चरम व्यवहार को प्रदर्शित करता है, तो फ्रायड के इस सिद्धांत के अनुसार छात्र के व्यक्तित्व के इस विकासात्मक ठहराव (Fixation) का मूल कारण किस अवस्था में कुसमायोजन को माना जाएगा? → सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) के संदर्भ में 'आकलन' (Assessment) और 'मूल्यांकन' (Evaluation) के बीच के तात्विक, प्रक्रियात्मक और कार्यात्मक अंतर का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों अवधारणाओं के वैज्ञानिक स्वरूप को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है? → कोहलबर्ग के अनुसार, 'उत्तर-परंपरागत स्तर' (Post-Conventional Level) में नैतिकता का आधार क्या है?
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