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भारत के 96वें Chess Grandmaster कौन बने हैं?

Detailed Explanation

एथन वाज़ (Ethan Vaz) भारत के 96वें शतरंज ग्रैंडमास्टर बने हैं।
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→ भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XV' (निर्वाचन - अनुच्छेद 324 से 329A) तथा 'भारत के निर्वाचन आयोग' (Election Commission of India) से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 324 के अनुसार संसद, राज्य विधानमंडलों, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के पदों के लिए निर्वाचनों के अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण की शक्ति एक निर्वाचन आयोग में निहित होगी, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त और राष्ट्रपति द्वारा समय-समय पर निर्धारित अन्य चुनाव आयुक्त, यदि कोई हों, शामिल होते हैं। 2. मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है, और संविधान में यह अनिवार्य किया गया है कि निर्वाचन आयोग एक बहु-सदस्यीय निकाय ही होना चाहिए जिसकी संरचना में कम से कम तीन सदस्य होने चाहिए। 3. मुख्य चुनाव आयुक्त को उसके पद से उसी रीति से और उन्हीं आधारों पर हटाया जा सकता है जिस रीति से और जिन आधारों पर उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश को हटाया जाता है, जबकि अन्य चुनाव आयुक्तों को मुख्य चुनाव आयुक्त की संस्तुति के बिना राष्ट्रपति द्वारा उनके पद से नहीं हटाया जा सकता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → गोदावरी की सबसे बड़ी सहायक नदी कौन सी है? → भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 356' (राष्ट्रपति शासन) और 'राष्ट्रपति शासन' से संबंधित न्यायिक घोषणाओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 356 के अनुसार, यदि किसी राज्य के राज्यपाल की रिपोर्ट पर या अन्यथा राष्ट्रपति का यह समाधान हो जाता है कि ऐसी स्थिति उत्पन्न हो गई है जिसमें राज्य का शासन संविधान के प्रावधानों के अनुसार नहीं चलाया जा सकता है, तो राष्ट्रपति घोषणा द्वारा उस राज्य के शासन का अपने हाथों में ले सकता है, और यह उद्घोषणा संसद के दोनों सदनों द्वारा अनुमोदन के बिना अनिश्चित काल तक प्रभावी रह सकती है। 2. ऐतिहासिक 'एस.आर. बोम्बाई बनाम भारत संघ (1994)' वाद में उच्चतम न्यायालय ने यह निर्णय दिया था कि राष्ट्रपति शासन की उद्घोषणा न्यायिक समीक्षा के अधीन है, और यदि उद्घोषणा असंवैधानिक पाई जाती है, तो न्यायालय भंग की गई विधानसभा को पुनर्जीवित कर सकता है तथा राज्य सरकार को बहाल कर सकता है। 3. 44वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1978 द्वारा यह प्रावधान किया गया कि अनुच्छेद 356 के तहत राष्ट्रपति शासन की उद्घोषणा को एक वर्ष से आगे तभी बढ़ाया जा सकता है जब संपूर्ण देश में या संबंधित राज्य या उसके किसी भाग में राष्ट्रीय आपातकाल लागू हो तथा निर्वाचन आयोग यह प्रमाणित करे कि उस राज्य में विधानसभा के आम चुनाव कराना कठिन है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → चंपारण सत्याग्रह किस समस्या के समाधान के लिए किया गया था? → भारतीय इतिहास और कला एवं संस्कृति के संदर्भ में, मध्यकालीन भारत के दौरान भक्ति आंदोलन (Bhakti Movement) और सूफीवाद (Sufism) से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. दक्षिण भारत में भक्ति आंदोलन को लोकप्रिय बनाने का श्रेय मुख्य रूप से अलवार (विष्णु भक्त) और नयनार (शिव भक्त) संतों को जाता है, जिन्होंने तमिल भाषा में अपने भजनों और काव्यों के माध्यम से जातिगत भेदभाव का विरोध किया और भक्ति को आम जनता तक पहुँचाया। 2. उत्तर भारत में भक्ति आंदोलन को प्रसारित करने वाले रामानंद पहले ऐसे संत थे जिन्होंने हिंदी (वर्नाक्यूर भाषा) को अपने उपदेशों का माध्यम बनाया, और उनके शिष्यों में कबीर, रैदास और सेना जैसे विभिन्न जातियों और पृष्ठभूमियों के लोग शामिल थे। 3. सूफीवाद के संदर्भ में, भारत में चिश्ती सिलसिला (Chishti Order) की स्थापना ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती ने अजमेर में की थी, तथा इस सिलसिले के संतों ने राज्य के संरक्षण और शाही दरबारों में उच्च पदों को स्वीकार करने की नीति का कड़ाई से पालन किया ताकि वे राजनीतिक सत्ता के माध्यम से समाज सुधार कर सकें। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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