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ई-गवर्नेंस पर 29th राष्ट्रीय सम्मेलन (NCeG) 2026 का आयोजन कहाँ किया जा रहा है?

Detailed Explanation

ई-गवर्नेंस पर 29वां राष्ट्रीय सम्मेलन (NCeG) 2026 का आयोजन बेंगलुरु में किया जा रहा है।
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Related Questions

→ भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 263' के अंतर्गत 'अंतर-राज्य परिषद' (Inter-State Council) की स्थापना, इसकी संरचना और कार्यों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 263 के तहत अंतर-राज्य परिषद की स्थापना करने की शक्ति राष्ट्रपति के पास निहित है, और राष्ट्रपति किसी भी समय इस प्रकार की परिषद की स्थापना कर सकते हैं यदि उन्हें यह प्रतीत होता है कि ऐसा करने से सार्वजनिक हितों की प्राप्ति होगी। 2. अंतर-राज्य परिषद एक स्थायी संवैधानिक निकाय है, जिसकी संरचना में प्रधानमंत्री इसके अध्यक्ष होते हैं, सभी राज्यों के मुख्यमंत्री और संघ राज्य क्षेत्रों के प्रशासक इसके सदस्य होते हैं, तथा राष्ट्रपति द्वारा मंत्रिमंडल के स्तर के छह मंत्री इसके स्थायी सदस्यों के रूप में नामित किए जाते हैं। 3. अंतर-राज्य परिषद का मुख्य कार्य राज्यों के बीच उत्पन्न होने वाले विवादों की जाँच करना और उन पर सलाह देना है, और इस परिषद द्वारा दिया गया प्रत्येक निर्णय और संस्तुति सभी संबंधित राज्यों और केंद्र सरकार पर कानूनी रूप से बाध्यकारी (Legally Binding) होती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → भारतीय राजव्यवस्था और भारतीय संविधान के अंतर्गत 'अटॉर्नी जनरल ऑफ इंडिया' (Attorney General for India - Article 76) तथा 'महाधिवक्ता' (Advocate General - Article 165) के संवैधानिक प्रावधानों एवं उनकी कार्यप्रणाली के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अटॉर्नी जनरल देश का सर्वोच्च विधि अधिकारी होता है, जिसकी नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा ऐसे व्यक्ति की जाती है जो उच्चतम न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त होने के लिए अर्ह हो, और संविधान ने इसके कार्यकाल को निश्चित नहीं किया है तथा यह राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत (During the Pleasure of the President) पद धारण करता है। 2. भारत के महान्यायवादी (Attorney General) को देश के सभी न्यायालयों में सुनवाई का अधिकार प्राप्त है, और उसे संसद के किसी भी सदन या उसकी संयुक्त बैठक में बोलने तथा उसकी कार्यवाही में भाग लेने का पूर्ण संवैधानिक अधिकार है, किंतु उसे संसद की किसी भी समिति में मतदान करने का अधिकार प्राप्त नहीं है। 3. राज्य के महाधिवक्ता (Advocate General) की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है और उसके पास राज्य विधानमंडल के दोनों सदनों (जहाँ द्विसदनीय व्यवस्था हो) की बैठकों में भाग लेने का अधिकार होता है, किंतु मतदान के अधिकार के संबंध में उसे भी वही प्रतिबंध सहने पड़ते हैं जो महान्यायवादी को संसद के संदर्भ में सहने होते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 143' के अंतर्गत सर्वोच्च न्यायालय से 'सलाहकार क्षेत्राधिकार' (Advisory Jurisdiction) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 143 के तहत राष्ट्रपति को यह शक्ति प्राप्त है कि यदि उसे प्रतीत होता है कि विधि या तथ्य का कोई ऐसा प्रश्न उत्पन्न हुआ है जो सार्वजनिक महत्व का है, तो वह उस पर सर्वोच्च न्यायालय की राय मांग सकता है। 2. अनुच्छेद 143 के अंतर्गत सर्वोच्च न्यायालय के लिए यह अनिवार्य है कि वह राष्ट्रपति द्वारा निर्देशित किसी भी मामले (चाहे वह पूर्व-संविधान काल की संधि या समझौते से उत्पन्न विवाद हो या सामान्य विधि का प्रश्न) पर अपनी राय राष्ट्रपति को अवश्य दे। 3. सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अनुच्छेद 143 के तहत दी गई सलाह या राय राष्ट्रपति पर किसी भी स्थिति में बाध्यकारी नहीं होती है, और न ही यह सलाह भारत के अन्य न्यायालयों के लिए 'दृष्टांत' (Precedent) के रूप में बाध्यकारी होती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → भारतीय पर्यावरण, पारिस्थितिकी एवं जैव विविधता के संदर्भ में, 'राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण' (National Biodiversity Authority - NBA) और 'जैव विविधता प्रबंधन समितियों' (Biodiversity Management Committees - BMCs) से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. जैविक विविधता अधिनियम, 2002 के तहत स्थापित 'राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण' (NBA) एक सांविधिक और स्वायत्त निकाय है, जो देश के जैविक संसाधनों के संरक्षण, उनके संधारणीय उपयोग और जैव संसाधनों के उपयोग से प्राप्त लाभों के न्यायसंगत बँटवारे को विनियमित करने के लिए केंद्र सरकार को सलाह देता है। 2. इस अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार, देश के प्रत्येक स्थानीय निकाय (चाहे वह ग्रामीण क्षेत्र हो या शहरी) के लिए यह अनिवार्य है कि वे जैव विविधता से जुड़े पारंपरिक ज्ञान के प्रलेखन और संरक्षण के लिए 'जैव विविधता प्रबंधन समितियों' (BMCs) का गठन करें। 3. जैव विविधता प्रबंधन समितियों (BMCs) का यह प्रमुख वैधानिक दायित्व है कि वे स्थानीय स्तर पर 'लोक जैव विविधता रजिस्टर' (People's Biodiversity Register - PBR) तैयार करें, और इस रजिस्टर को तैयार करने की प्रक्रिया में कॉर्पोरेट संस्थाओं की पूर्व लिखित सहमति लेना अनिवार्य रूप से आवश्यक होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → भारतीय और विश्व भूगोल के संदर्भ में, 'महासागरीय आमेलन परिसंचरण' (Oceanic Conveyor Belt) जिसे 'थर्मोहेलाइन परिसंचरण' (Thermovaline Circulation) भी कहा जाता है, के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. थर्मोहेलाइन परिसंचरण मुख्य रूप से समुद्र के पानी के तापमान (Thermo) और लवणता (Haline) में अंतर के कारण उत्पन्न होने वाली घनत्व भिन्नताओं द्वारा संचालित होता है, जो वैश्विक स्तर पर ऊष्मा और पोषक तत्वों के वितरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। 2. यह परिसंचरण तंत्र पूरी तरह से सतही हवाओं और कोरियोलिस बल (Coriolis force) पर निर्भर करता है, और गहराई में जल के घनत्व का इसके संचलन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। 3. अटलांटिक महासागर के उत्तर में गर्म जल का ठंडा होना और सघन होकर नीचे डूबना (Deep Water Formation) इस वैश्विक परिसंचरण तंत्र के लिए एक प्रमुख 'इंजन' या चालन बल के रूप में कार्य करता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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