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पूर्वोत्तर भारत एवं पूर्वी हिमालय से खोजी गई नई ब्लाइंड फिश प्रजाति का नाम क्या है?
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Detailed Explanation
पूर्वोत्तर भारत और पूर्वी हिमालय में खोजी गई नई ब्लाइंड फिश प्रजाति का नाम 'नियोलिसोसिटिलस पनर' (Neolissochilus pnar) है।
Related Questions
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भारतीय और विश्व भूगोल के संदर्भ में, 'प्लेट विवर्तनिकी सिद्धांत' (Plate Tectonics Theory) तथा महाद्वीपीय बहाव और समुद्री तल विस्तार के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अल्फ्रेड वेगनर द्वारा प्रतिपादित 'महाद्वीपीय विस्थापन सिद्धांत' (Continental Drift Theory) के अनुसार, पंजिया (Pangaea) नामक महाद्वीप का विभाजन कार्बोनिफेरस काल में हुआ था, और वेगनर ने महाद्वीपों के इस प्रवाह के लिए 'ध्रुवीय फलन बल' (Pole-fleeing force) तथा ज्वारीय बलों को मुख्य कारण माना था।
2. समुद्री तल विस्तार (Sea Floor Spreading) की अवधारणा को हैरी हेस द्वारा प्रतिपादित किया गया था, जिसके अनुसार मध्य-महासागरीय कटकों (Mid-Oceanic Ridges) पर लगातार नए महासागरीय क्रस्ट का निर्माण होता है और मैग्मा के ठंडा होने पर चट्टानों में मौजूद चुंबकीय खनिज पृथ्वी के वर्तमान चुंबकीय क्षेत्र की दिशा में संरेखित हो जाते हैं, जो समुद्री तल के विस्तार का अकाट्य प्रमाण प्रस्तुत करते हैं।
3. अभिसारी प्लेट सीमा (Convergent Plate Boundary) के संदर्भ में, जब महासागरीय प्लेट और महाद्वीपीय प्लेट आपस में टकराती हैं, तो अधिक घनत्व वाली महासागरीय प्लेट भारी होने के कारण कम घनत्व वाली महाद्वीपीय प्लेट के नीचे धंस जाती है (Subduction Zone), जिसके परिणामस्वरूप गहरी महासागरीय खाइयाँ (Trenches) और वलित पर्वतों (Fold Mountains) का निर्माण होता है, किंतु इस प्रक्रिया में भूकंपीय गतिविधियाँ उत्पन्न नहीं होती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय अर्थव्यवस्था और सामाजिक विकास के संदर्भ में, 'बहुआयामी गरीबी सूचकांक' (Multidimensional Poverty Index - MPI) और उसके आकलन से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वैश्विक स्तर पर बहुआयामी गरीबी सूचकांक को संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) और ऑक्सफोर्ड पावर्टी एंड ह्यूमन डेवलपमेंट इनिशिएटिव (OPHI) द्वारा संयुक्त रूप से विकसित किया गया है, तथा यह सूचकांक गरीबी के आकलन के लिए केवल आय या उपभोग व्यय को ही एकमात्र मानक के रूप में उपयोग करता है।
2. भारत में नीति आयोग (NITI Aayog) द्वारा जारी किया जाने वाला 'राष्ट्रीय बहुआयामी गरीबी सूचकांक' स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर जैसे तीन समान रूप से भारित आयामों (Dimensions) का उपयोग करता है, जिनके अंतर्गत कुल 12 संकेतकों (Indicators) को शामिल किया गया है।
3. राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS) के आंकड़ों के आधार पर तैयार इस सूचकांक के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति या परिवार स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर के इन 12 संकेतकों में से कम से कम एक-तिहाई (33.3%) भारित संकेतकों से वंचित (Deprived) पाया जाता है, तो उसे बहुआयामी रूप से गरीब माना जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XIV' (संघ और राज्यों के अधीन सेवाएं - अनुच्छेद 308 से 323) तथा 'लोक सेवा आयोगों' से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 315 के अनुसार संघ के लिए एक संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) और प्रत्येक राज्य के लिए एक राज्य लोक सेवा आयोग (SPSC) होगा, तथा दो या अधिक राज्यों के अनुरोध पर संसद कानून द्वारा उन राज्यों के लिए एक 'संयुक्त राज्य लोक सेवा आयोग' (JSPSC) का गठन कर सकती है, जो एक सांविधिक निकाय (Statutory Body) है।
2. संघ लोक सेवा आयोग या किसी राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष और अन्य सदस्यों की नियुक्ति क्रमशः राष्ट्रपति या संबंधित राज्य के राज्यपाल द्वारा की जाती है, और संविधान के अनुसार आयोग के कम से कम आधे सदस्यों के लिए यह अनिवार्य किया गया है कि उन्होंने भारत सरकार या किसी राज्य सरकार के अधीन कम से कम दस वर्ष तक प्रशासनिक सेवा का अनुभव प्राप्त किया हो।
3. संघ लोक सेवा आयोग के किसी सदस्य को केवल राष्ट्रपति के आदेश द्वारा ही उसके पद से हटाया जा सकता है, और ऐसा करने के लिए राष्ट्रपति को उच्चतम न्यायालय द्वारा अनुच्छेद 317 के तहत की गई जाँच (जिसमें न्यायालय ने कदाचार के आधार पर हटाने की सिफारिश की हो) के प्रतिवेदन का पालन करना अनिवार्य होता है, जबकि राज्यपाल को राज्य लोक सेवा आयोग के सदस्यों को हटाने की कोई शक्ति प्राप्त नहीं होती है, यह शक्ति केवल राष्ट्रपति के पास होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग IX' (पंचायतों से संबंधित - अनुच्छेद 243 से 243-O) के अंतर्गत त्रि-स्तरीय पंचायती राज व्यवस्था और उससे जुड़े प्रावधानों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 243B के अनुसार, प्रत्येक राज्य में ग्राम, मध्यवर्ती और जिला स्तर पर पंचायतों का गठन किया जाना अनिवार्य है, किंतु जिन राज्यों की जनसंख्या 20 लाख से कम है, उन्हें मध्यवर्ती स्तर पर पंचायत का गठन करने की छूट दी गई है।
2. पंचायतों के सभी स्तरों पर अध्यक्ष के पदों के साथ-साथ सीधे चुने जाने वाले सदस्यों के कुल सीटों की संख्या में महिलाओं के लिए कम से कम एक-तिहाई (33%) सीटें आरक्षित होना अनिवार्य है, और यह आरक्षण अनुसूचित जातियों तथा अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षित सीटों पर भी लागू होता है।
3. संविधान के अनुच्छेद 243-I के तहत प्रत्येक राज्य के राज्यपाल द्वारा हर पाँच वर्ष की समाप्ति पर एक 'वित्त आयोग' (Finance Commission) का गठन किया जाएगा, जो पंचायतों की वित्तीय स्थिति की समीक्षा करेगा और राज्य की संचित निधि से पंचायतों को अनुदान देने के संबंध में राज्यपाल को सिफारिशें करेगा।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XIV' (संघ और राज्यों के अधीन सेवाएं - अनुच्छेद 308 से 323) तथा अखिल भारतीय सेवाओं से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान का अनुच्छेद 312 संसद को यह शक्ति प्रदान करता है कि वह राज्य सभा द्वारा उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के कम से कम दो-तिहाई बहुमत से समर्थित संकल्प के आधार पर, राष्ट्रहित में एक या अधिक अखिल भारतीय सेवाओं (जिनमें वर्तमान में भारतीय प्रशासनिक सेवा, भारतीय पुलिस सेवा और भारतीय वन सेवा शामिल हैं) के सृजन का उपबंध कर सके।
2. अखिल भारतीय सेवाओं के सदस्यों की नियुक्ति और सेवा शर्तें निर्धारित करने का अंतिम और अनन्य संवैधानिक अधिकार संबंधित राज्य सरकारों के पास होता है, क्योंकि वे राज्य के प्रशासनिक ढांचे के अंतर्गत कार्य करते हैं, और केंद्र सरकार केवल उनके अनुशासनात्मक मामलों में ही हस्तक्षेप कर सकती है।
3. संविधान के अनुच्छेद 315 के तहत संघ के लिए एक लोक सेवा आयोग (UPSC) और प्रत्येक राज्य के लिए एक राज्य लोक सेवा आयोग (SPSC) का प्रावधान किया गया है, तथा इसके साथ ही दो या अधिक राज्यों के अनुरोध पर संसद कानून द्वारा उन राज्यों के लिए एक 'संयुक्त राज्य लोक सेवा आयोग' (JSPSC) का गठन कर सकती है, जिसके अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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