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बुद्धि का 'बहु-कारक सिद्धांत' (Multi-factor Theory) किसने दिया?

Detailed Explanation

ई.एल. थॉर्नडाइक ने बुद्धि को कई स्वतंत्र और विशिष्ट कारकों का समूह माना है, जिसे बहु-कारक सिद्धांत कहा जाता है।
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→ क्रियात्मक अनुसंधान (Action Research) के ऐतिहासिक विकास, इसके मूल स्वरूप तथा विद्यालयी एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण विधियों के तात्कालिक संशोधन में इसकी कार्यप्रणाली का गहन विश्लेषण करने पर, यदि एक शिक्षक स्टीफन एम. कोरे (Stephen M. Corey) द्वारा प्रतिपादित चक्रीय प्रतिमान (Cyclical Model)—योजना (Plan), क्रियान्वयन (Act), प्रेक्षण (Observe), और चिंतन/परावर्तन (Reflect)—का उपयोग करके अपनी शिक्षण पद्धति में सुधार करता है, तो मूलभूत अनुसंधान (Fundamental Research) और क्रियात्मक अनुसंधान के बीच के तात्विक अंतर तथा इसकी व्यावहारिक उपयोगिता के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है? → प्रगतिशील शिक्षा (Progressive Education) के जनक जॉन डीवी (John Dewey) द्वारा प्रतिपादित 'प्रोजेक्ट विधि' (Project Method) और 'विद्यालय एक समाज है' (School is a society) के दार्शनिक आधार का गहन शिक्षण-शास्त्रीय विश्लेषण करने पर, पारंपरिक शिक्षा प्रणाली की तुलना में प्रगतिशील कक्षा-कक्ष की वास्तविक प्रकृति के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है? → शैक्षणिक मनोविज्ञान और विशिष्ट अधिगम अक्षमताओं (Specific Learning Disabilities) के संदर्भ में, 'डिसग्राफिया' (Dysgraphia) से ग्रसित शिक्षार्थियों में लेखन संबंधी कठिनाइयों के अलावा न्यूरोलॉजिकल और मोटर कौशल (Motor Skills) के स्तर पर कौन सी प्रमुख विशेषताएं और अंतर्निहित कारण देखने को मिलते हैं? → जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage - लगभग 11 वर्ष से वयस्कता) की सबसे विशिष्ट संज्ञानात्मक विशेषता 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-Deductive Reasoning) और 'अमूर्त चिंतन' (Abstract Thinking) का विश्लेषण करते समय, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस अवस्था के दौरान बालक की मानसिक योग्यताओं के तात्विक और वैज्ञानिक स्वरूप को सर्वाधिक सटीक रूप से स्पष्ट करता है? → जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) की तात्विक विशेषताओं का विश्लेषण करते हुए, जब एक बालक 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-Deductive Reasoning) और 'संयोजनवादी तर्क' (Combinational Reasoning) का उपयोग करना सीख जाता है, तब उसके चिंतन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से उसकी संज्ञानात्मक संरचना को स्पष्ट करता है?
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