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Civil services
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सुमेलित कीजिए: अनुच्छेद 72 - राष्ट्रपति की क्षमादान शक्ति, अनुच्छेद 161 - राज्यपाल की क्षमादान शक्ति, अनुच्छेद 143 - सर्वोच्च न्यायालय से परामर्श, अनुच्छेद 137 - पुनर्विचार की शक्ति।
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
सभी अनुच्छेद अपने विषयों के साथ सही सुमेलित हैं।
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 324' के अंतर्गत 'भारत के निर्वाचन आयोग' (Election Commission of India) की संरचना, स्वायत्तता और इसकी शक्तियों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 324 के अनुसार, निर्वाचन आयोग एक बहु-सदस्यीय निकाय है जिसमें एक मुख्य निर्वाचन आयुक्त और उतने ही अन्य निर्वाचन आयुक्त होते हैं, जितने राष्ट्रपति समय-समय पर निर्धारित करते हैं, और वर्ष 1989 से यह निरंतर एक त्रि-सदस्यीय निकाय के रूप में कार्य कर रहा है।
2. मुख्य निर्वाचन आयुक्त को उसके पद से उसी रीति से और उन्हीं आधारों पर हटाया जा सकता है जिस रीति से और जिन आधारों पर सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश को हटाया जाता है, जबकि अन्य निर्वाचन आयुक्तों को मुख्य निर्वाचन आयुक्त की सिफारिश के बिना राष्ट्रपति द्वारा नहीं हटाया जा सकता है।
3. निर्वाचन आयोग को संसद और राज्य विधानमंडलों के चुनावों के अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण की शक्ति प्राप्त है, लेकिन संविधान के अनुच्छेद 324 के अंतर्गत आयोग को स्थानीय निकायों (पंचायतों और नगरपालिकाओं) के चुनावों के संचालन या पर्यवेक्षण की कोई शक्ति प्रदान नहीं की गई है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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क्या कैबिनेट मिशन ने भारत के विभाजन को स्वीकार किया था?
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किस वाद (Case) में सर्वोच्च न्यायालय ने यह माना कि प्रस्तावना संविधान का अंग है?
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संविधान सभा की पहली बैठक में कुल कितने सदस्यों ने भाग लिया था?
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भारतीय पर्यावरण, पारिस्थितिकी और जैव विविधता के संदर्भ में, 'राष्ट्रीय हरित अधिकरण' (National Green Tribunal - NGT) से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. राष्ट्रीय हरित अधिकरण की स्थापना राष्ट्रीय हरित अधिकरण अधिनियम, 2010 के तहत पर्यावरण संरक्षण, वनों और अन्य प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण से संबंधित कानूनों के प्रभावी और त्वरित प्रवर्तन के लिए की गई थी, जिसके तहत यह दीवानी प्रक्रिया संहिता (CPC), 1908 के कठोर नियमों से पूरी तरह बंधा हुआ है।
2. NGT के अध्यक्ष (Chairperson) के लिए यह अनिवार्य है कि वह या तो भारत के सर्वोच्च न्यायालय का वर्तमान या सेवानिवृत्त न्यायाधीश हो, या किसी उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश रहा हो।
3. यह अधिकरण पर्यावरण से संबंधित मामलों में सिविल कोर्ट की तुलना में विशेषीकृत संस्था है, तथा इसके निर्णयों या आदेशों से व्यथित व्यक्ति NGT के आदेश के खिलाफ सीधे 90 दिनों के भीतर सर्वोच्च न्यायालय में अपील दायर कर सकता है, क्योंकि उच्च न्यायालयों (High Courts) के पास इसके आदेशों के विरुद्ध अपील सुनने का अधिकार नहीं है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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