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Indian Polity
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राज्य के नीति निदेशक तत्व किन अनुच्छेदों में वर्णित हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
DPSP अनुच्छेद 36 से 51 तक वर्णित हैं।
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भारतीय संविधान के अंतर्गत उपराष्ट्रपति के निर्वाचन, उनकी पदावधि, हटाने की प्रक्रिया तथा प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्रिपरिषद की शक्तियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 66 के अनुसार उपराष्ट्रपति का निर्वाचन संसद के दोनों सदनों (निर्वाचित और मनोनीत दोनों सदस्यों) के सदस्यों से मिलकर बनने वाले निर्वाचक गण के सदस्यों द्वारा आनुपातिक प्रतिनिधित्व पद्धति के अनुसार एकल संक्रमणीय मत द्वारा होता है, और इसमें राज्य विधानसभाओं के सदस्यों को भाग लेने का कोई अधिकार नहीं होता है।
2. संविधान के अनुच्छेद 67 के अनुसार उपराष्ट्रपति को उसके पद से हटाने के लिए राज्य सभा द्वारा अपने तत्कालीन समस्त सदस्यों के बहुमत से पारित ऐसे संकल्प द्वारा हटाया जा सकता है जिससे लोकसभा सहमत हो, और इस प्रक्रिया के लिए राष्ट्रपति की तरह महाभियोग (Impeachment) के औपचारिक प्रावधान का पालन करना संविधान द्वारा अनिवार्य नहीं किया गया है।
3. अनुच्छेद 75(3) के अनुसार मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से लोकसभा के प्रति उत्तरदायी होती है, जिसका तात्पर्य यह है कि यदि लोकसभा द्वारा मंत्रिपरिषद के विरुद्ध कोई अविश्वास प्रस्ताव पारित कर दिया जाता है, तो प्रधानमंत्री सहित संपूर्ण मंत्रिपरिषद को अपने पद से त्यागपत्र देना पड़ता है, और प्रधानमंत्री के त्यागपत्र देने या उसकी मृत्यु हो जाने पर पूरी मंत्रिपरिषद स्वतः विघटित हो जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय संविधान के अंतर्गत नागरिकता के प्रावधानों (अनुच्छेद 5-11) और नागरिकता अधिनियम, 1955 के संशोधनों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 9 के अनुसार, यदि कोई भारतीय नागरिक स्वेच्छा से किसी विदेशी राज्य की नागरिकता ग्रहण कर लेता है, तो उसका भारतीय नागरिक होना स्वतः समाप्त हो जाएगा, और इस विषय पर अंतिम निर्णय लेने की अनन्य शक्ति संसद के पास है।
2. नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA), 2019 के अंतर्गत पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से 31 दिसंबर 2014 को या उससे पहले भारत आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों के प्रवासियों को अवैध प्रवासी नहीं माना जाएगा और उन्हें देशीयकरण (Naturalization) के माध्यम से नागरिकता प्रदान करने के लिए आवश्यक निवास की अवधि को 11 वर्ष से घटाकर 5 वर्ष कर दिया गया है।
3. अनुच्छेद 11 संसद को नागरिकता के अर्جين और समाप्ति तथा नागरिकता से संबंधित अन्य सभी विषयों के संबंध में उपबंध करने की पूर्ण शक्ति प्रदान करता है, जिसके तहत संसद ने नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 1986 द्वारा यह अनिवार्य कर दिया कि 1 जुलाई 1987 या उसके बाद भारत में जन्म लेने वाले प्रत्येक व्यक्ति को जन्म से स्वतः भारतीय नागरिकता मिल जाएगी, भले ही उसके माता-पिता की नागरिकता की स्थिति कुछ भी हो।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय संविधान के ऐतिहासिक विकास के अंतर्गत 'चार्टर अधिनियम, 1853' (Charter Act of 1853) के प्रावधानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इस अधिनियम द्वारा पहली बार गवर्नर-जनरल की परिषद के विधायी और प्रशासनिक कार्यों को अलग किया गया, तथा परिषद में छह नए पार्षद जोड़े गए जिन्हें 'विधान पार्षद' (Legislative Councillors) कहा गया, जिससे केंद्रीय विधान परिषद की स्थापना हुई।
2. इस अधिनियम ने सिविल सेवकों की भर्ती और चयन के लिए खुली प्रतियोगिता प्रणाली का शुभारंभ किया, जिसके तहत 'मैकाले समिति' की रिपोर्ट (1854) के आधार पर भारतीय नागरिकों के लिए भी सिविल सेवा परीक्षा के दरवाजे खोल दिए गए।
3. इस अधिनियम के द्वारा कंपनी के भारतीय क्षेत्रों पर नियंत्रण को एक निश्चित अवधि के लिए पुनः बढ़ा दिया गया था, जैसा कि पिछले चार्टर अधिनियमों में होता था, ताकि ब्रिटिश क्राउन सीधे शासन की बागडोर अपने हाथ में न ले सके।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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धन विधेयक (Money Bill) पर अंतिम निर्णय कौन लेता है?
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रेगुलेटिंग एक्ट, 1773 तथा पिट्स इंडिया एक्ट, 1784 के ऐतिहासिक प्रावधानों और उनके प्रशासनिक प्रभावों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. रेगुलेटिंग एक्ट, 1773 के द्वारा बंगाल के गवर्नर को 'बंगाल का गवर्नर-जनरल' पदनाम दिया गया और उसकी सहायता के लिए चार सदस्यीय कार्यकारी परिषद का गठन किया गया, किंतु गवर्नर-जनरल को इस परिषद के बहुमत के निर्णयों को पलटने की वीटो शक्ति प्राप्त नहीं थी, जिससे वॉरेन हेस्टिंग्स को अपने प्रशासनिक कार्यों में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था।
2. पिट्स इंडिया एक्ट, 1784 के माध्यम से कंपनी के राजनीतिक और वाणिज्यिक कार्यों को पृथक् कर दिया गया, जिसके तहत 'बोर्ड ऑफ कंट्रोल' (Board of Control) की स्थापना की गई जो ब्रिटिश कैबिनेट के नियंत्रण में राजनीतिक मामलों को देखता था, जबकि वाणिज्यिक मामलों के प्रबंधन के लिए 'कोर्ट ऑफ डायरेक्टर्स' (Court of Directors) को बरकरार रखा गया।
3. रेगुलेटिंग एक्ट, 1773 के प्रावधानों के अंतर्गत वर्ष 1774 में कलकत्ता के फोर्ट विलियम में स्थापित उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) के पास बंगाल, बिहार और उसाड़ (उड़ीसा) के सभी ब्रिटिश विषयों पर पूर्ण अधिकारिता थी, और इस न्यायालय के निर्णयों के विरुद्ध सीधे कलकत्ता की गवर्नर-जनरल काउंसिल में अपील की जा सकती थी, न कि ब्रिटेन की प्रिवी काउंसिल में।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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