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Indian Polity
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सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश की सेवानिवृत्ति की आयु क्या है?

Detailed Explanation

सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की सेवानिवृत्ति की आयु 65 वर्ष निर्धारित है।
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→ संविधान का कौन सा अनुच्छेद 'ग्राम पंचायतों के संगठन' का निर्देश देता है? → भारतीय संविधान के भाग IV में वर्णित राज्य के नीति निर्देशक तत्वों (DPSP - अनुच्छेद 36-51) की प्रकृति, संशोधनों तथा उनके न्यायिक प्रवर्तन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 37 के अनुसार नीति निर्देशक तत्व देश के शासन में मूलभूत हैं और विधि बनाने में इन तत्वों को लागू करना राज्य का कर्तव्य होगा, किंतु ये किसी भी न्यायालय द्वारा न्यायोचित (Justiciable) नहीं हैं। 2. 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा नीति निर्देशक तत्वों में तीन नए निदेशक तत्व जोड़े गए—बच्चों के स्वस्थ विकास के लिए अवसरों को सुरक्षित करना (अनुच्छेद 39), समान न्याय और निःशुल्क विधिक सहायता (अनुच्छेद 39A), तथा उद्योगों के प्रबंधन में श्रमिकों की भागीदारी (अनुच्छेद 43A)। 3. सर्वोच्च न्यायालय ने 'मिनर्वा मिल्स मामला' (1980) में यह स्पष्ट किया कि मौलिक अधिकारों और नीति निर्देशक तत्वों के बीच कोई सामंजस्य या संतुलन नहीं बनाया जा सकता है, क्योंकि मौलिक अधिकार हमेशा सर्वोच्च रहेंगे और निर्देशक तत्वों को लागू करने के लिए मौलिक अधिकारों को पूरी तरह से समाप्त किया जा सकता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → भारत की संसदीय शासन प्रणाली किस देश से प्रभावित है? → राज्य की कार्यपालिका और मुख्यमंत्री के संवैधानिक संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 164 के अनुसार मुख्यमंत्री की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाएगी और अन्य मंत्रियों की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा मुख्यमंत्री की सलाह पर की जाएगी, तथा मंत्री राज्यपाल के प्रसादपर्यंत अपने पद पर बने रहते हैं। 2. यदि राज्य विधानसभा में किसी भी राजनीतिक दल या गठबंधन को स्पष्ट बहुमत प्राप्त नहीं होता है, तो मुख्यमंत्री की नियुक्ति के संबंध में राज्यपाल का स्वविवेक अंतिम होता है और इस मामले में राज्यपाल के विवेकानुसार लिए गए निर्णय को किसी भी न्यायालय में इस आधार पर चुनौती नहीं दी जा सकती कि उसने प्रक्रिया का पालन नहीं किया। 3. राज्य का मुख्यमंत्री अपने मंत्रिपरिषद के बैठकों की अध्यक्षता करने के साथ-साथ राज्य के प्रशासन से संबंधित मंत्रिपरिषद के सभी विनिश्चय और विधान के लिए प्रस्ताव राज्यपाल को संसूचित करने के लिए संवैधानिक रूप से बाध्य है, जिसका उल्लेख अनुच्छेद 167 में किया गया है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → भारत के निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) और चुनाव सुधारों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 324 के अनुसार निर्वाचन आयोग एक स्थायी और स्वतंत्र निकाय है, जो संसद, राज्य विधानमंडलों, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के पदों के निर्वाचनों के अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण का संचालन करता है, और मूल संविधान में यह प्रावधान था कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त के अलावा अन्य निर्वाचन आयुक्तों की संख्या राष्ट्रपति द्वारा समय-समय पर निर्धारित की जाएगी। 2. जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 126 के तहत चुनाव प्रचार पर रोक (Silence Period) के प्रावधान के अंतर्गत मतदान समाप्त होने के लिए निर्धारित समय से ठीक पहले के 48 घंटों की अवधि के दौरान किसी भी सार्वजनिक सभा, जुलूस, या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से चुनाव प्रचार करने पर पूर्ण प्रतिबंध रहता है। 3. निर्वाचन आयोग द्वारा राजनैतिक दलों के पंजीकरण, चुनाव चिन्हों के आवंटन और आदर्श आचार संहिता (Model Code of Conduct) को लागू करने की शक्ति का प्रत्यक्ष स्रोत संविधान का अनुच्छेद 324 ही है, जिसके तहत आयोग को व्यापक संवैधानिक अधिकार प्राप्त हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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